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Chandan Nagar : साइबर जागरूकता कार्यक्रम, महिलाओं को मिले कानूनी अधिकारों की जानकारी

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन खतरों को देखते हुए महिलाओं और किशोरियों के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संस्था ‘आस’ (AAs) के ‘संवादिनी प्रोजेक्ट’ के तहत चंदन नगर स्थित डिजिटल लर्निंग सेंटर में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य समुदाय में डिजिटल सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना था।
इस कार्यक्रम में महिलाओं और किशोरियों को साइबर क्राइम, ऑनलाइन सुरक्षा उपायों और उनके कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। आयोजकों के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहने के तरीकों से अवगत कराना और साइबर खतरों से बचाव के प्रति सतर्क करना था।
AAs (Association AAs) द्वारा संचालित ‘संवादिनी प्रोजेक्ट’ के तहत आयोजित इस सत्र में विशेषज्ञों ने डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग के साथ उत्पन्न हो रहे खतरों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि किस तरह सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सतर्क रहकर साइबर अपराधों से बचा जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान सब-इंस्पेक्टर शिवम ठक्कर और कानूनी सलाहकार अर्चना गोसार ने मुख्य वक्ता के रूप में प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने साइबर अपराध के विभिन्न प्रकारों जैसे ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी प्रोफाइल, साइबर बुलिंग और डिजिटल उत्पीड़न के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि आज के समय में महिलाओं और किशोरियों के लिए डिजिटल सुरक्षा बेहद जरूरी है, क्योंकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर गलत उपयोग के मामलों में तेजी आई है। उन्होंने सुरक्षित पासवर्ड उपयोग, निजी जानकारी साझा करने में सावधानी और संदिग्ध लिंक से बचने जैसे महत्वपूर्ण उपायों पर भी जोर दिया।
इसके साथ ही, कानूनी सलाहकार अर्चना गोसार ने महिलाओं के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न से जुड़े कानूनी प्रावधानों पर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीड़ितों के लिए कानून में कई प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है और समय पर शिकायत दर्ज कराना बहुत जरूरी है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि साइबर अपराधों की स्थिति में तत्काल शिकायत कैसे दर्ज की जाए और किन सरकारी पोर्टल्स व हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग किया जा सकता है। प्रतिभागियों को डिजिटल जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यवहारिक सुझाव भी दिए गए।
आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में डिजिटल साक्षरता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और खासकर ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को सुरक्षित डिजिटल उपयोग के लिए सक्षम बनाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने सवाल-जवाब सत्र में अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया और इस पहल को उपयोगी बताया। आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।
कुल मिलाकर, चंदन नगर में आयोजित यह कार्यक्रम महिलाओं और किशोरियों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।





