मध्य प्रदेश

Indore : आंगनवाड़ी केंद्र अब सरकारी स्कूलों में शिफ्ट योजना शुरू

Kavita2
9 May 2026 10:27 AM IST
Indore : आंगनवाड़ी केंद्र अब सरकारी स्कूलों में शिफ्ट योजना शुरू
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन में एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव शुरू किया है। इसके तहत अब निजी किराए की इमारतों में चल रहे आंगनवाड़ी केंद्रों को सरकारी स्कूलों के खाली कमरों में स्थानांतरित किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य सरकारी खर्च को कम करना और सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।

इंदौर जिले में इस योजना के तहत कुल 856 आंगनवाड़ी केंद्रों की पहचान की गई है, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से सरकारी स्कूल भवनों में शिफ्ट किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस बदलाव से किराए पर होने वाले भारी खर्च में कमी आएगी और बचत की गई राशि को लाड़ली बहना योजना जैसे प्रमुख सामाजिक कार्यक्रमों में लगाया जा सकेगा।

वर्तमान में कई आंगनवाड़ी केंद्र निजी मकानों या किराए की इमारतों में संचालित हो रहे हैं, जिसके लिए सरकार को हर महीने बड़ी राशि किराए के रूप में चुकानी पड़ती है। नए निर्णय के तहत इन केंद्रों को स्कूल परिसरों में स्थानांतरित कर संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग करने की योजना बनाई गई है।

महिला एवं बाल विकास विभाग का मानना है कि आंगनवाड़ी केंद्रों को स्कूलों में स्थानांतरित करने से बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा और वे प्रारंभिक अवस्था में ही स्कूल के माहौल से जुड़ सकेंगे। इससे प्री-स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होने की भी उम्मीद है।

इसके साथ ही यह भी बताया गया है कि इस कदम से पोषण, मातृ स्वास्थ्य देखभाल और बाल विकास से जुड़ी सेवाओं को भी बेहतर ढंग से लागू किया जा सकेगा। विभाग का लक्ष्य है कि आंगनवाड़ी सेवाएं अधिक प्रभावी और सुलभ बनें।

जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा ने इस प्रक्रिया को लेकर 15 परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में एक किलोमीटर के दायरे में स्थित सरकारी स्कूलों का सर्वे करें और यह जांचें कि वहां खाली कमरे उपलब्ध हैं या नहीं।

सिन्हा ने यह भी कहा कि इस पहल से न केवल सरकारी खर्च में कमी आएगी, बल्कि बच्चों को शुरुआती उम्र से ही स्कूल के वातावरण से जुड़ने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी शिक्षा में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

अधिकारियों के अनुसार, यह योजना चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या लॉजिस्टिक समस्या न हो। स्थानीय स्तर पर स्कूल प्रशासन और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है।

यह कदम राज्य सरकार की उस नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सामाजिक योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। आने वाले समय में इस मॉडल को अन्य जिलों में भी लागू किए जाने की संभावना है।

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