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मध्य प्रदेश
Raisen में अवैध ईंट भट्टों का धंधा, जंगल की लकड़ी का दुरुपयोग
Gulabi Jagat
2 May 2025 7:15 PM IST
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Raisen। रायसेन तहसील अंतर्गत आने वाले करीब आधा दर्जन ग्रामीण अंचलों में बगैर कानूनी प्रक्रिया का पालन किए ही ईट भट्टों का अवैध रूप से संचालन हो रहा है। चौकानें वाली बात तो यह है कि इन ईट भट्टों में वन विभाग,खनिज विभाग तथा प्रशासनिक अधिकारियों के संरक्षण के चलते जंगल की लकड़ी से सुलग रही है। जंगल से सटे तहसील रायसेन के ग्राम पंचायत बरौला बराई खास भटिया टोला बागोद तिजालपुर आदि गांवों में ईट भट्टे से जुड़ा कारोबार व्यापक पैमाने पर चल रहा है।आमा निवासी संतोष बघेल ठाकुर का ईंट भट्ठा नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा है।जंगल से 200 मीटर की बजाय महज 20 मीटर दूरी पर ही चल रहा है।
यहां बड़ी मात्रा में जंगल की लकड़ी खप रही है। वहीं ईट निर्माण के लिए राजस्व भूमि से भसुआ मिट्टी का भी अवैध खनन भी किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यहां से ईटों का परिवहन रायसेन, भोपाल सांची सलामतपुर तक किया जाता है।
स्थानीय ग्रामीणों की माने तो कि ईंट भट्टों में खुलेआम वनोपज को खपाया जा रहा है। लगातार जल रही लकडिय़ां इस बात का पुख्ता सबूत हैं। वह बताते दें कि यहां से अक्सर वन विभाग राजस्व विभाग जिला माइनिंग महकमे के अधिकारी और कर्मचारी गुजरते हैं। लेकिन सब कुछ देखते जानते हुए भी जिम्मेदारों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती। ग्रामीणों का तो यहां तक कहना है कि अगर वन विभाग के अधिकारी मौके पर निरीक्षण करें तो असलियत सामने आ जाएगी।
अगर हम सूत्रों की माने तो ईंट भट्टों के लिए लकड़ी कटाई के आड़ में वन माफिया जंगलों का सफाया करने में जुटे हुए हैं। ईट बनाने के लिए जहां एक तरफ अवैध रुप से जंगल से खुदाई की जाकर मिट्टी लाई जा रही है। वहीं राजस्व भूमि से मिट्टी भसुआ का भी खनन किया जा रहा है। ईट भट्टों को जलाने के लिए बड़े पैमाने पर जंगल से पेड़ काटे जा रहे हैं।
नहीं हो रहा नियमों का पालन.....
रात जानकारी के अनुसार ईंट भट्ठों का संचालन करने के लिए धारा 172 का डायवर्सन जरूरी होना चाहिए।इसके अलावा भसुआ मिट्टी खनन की अनुमति होना चाहिए।क्योंकि बगैर परमिशन के अवैध उत्खनन करना कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है। परंतु फिर भी कृषि भूमि में ईंट भट्ठे बड़े पैमाने पर धधक रहे हैं।ईंट भट्ठे से जुड़े कारोबार के सूत्रों के मुताबिक इनईंट भट्ठों को उच्च ताप पर पकाया जाता है।तब कहीं जाकर भूरे रंग से चमकीली लाल हो पाती हैं। एन इस भक्तों में चूल्हा बनाकर लकड़ी के बड़े-बड़े गिल्लों को फसाया जाता है। इस भक्तों को पूरी तरह से मुंह से लकडियों और पत्थर कोयले से ढक दिया जाता है। इस प्रक्रिया में बड़े स्तर पर लकड़ी का उपयोग किया जा रहा है।
इनका कहना है...
आपके द्वारा अभी यह मामला हमारे संज्ञान में आया है ।मैं जल्द ही टीम को भेज कर अवैध ईंट भट्ठे संचालकों पर कार्रवाई करवाऊंगा । सुमित गुप्ता प्रभारी खनिज अधिकारी रायसेन
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