मध्य प्रदेश

सफेद पत्थरों की खदान में अवैध ब्लास्टिंग से मकानों स्कूलों की दीवारों में आई दरारें, ग्रामीण परेशान

Gulabi Jagat
3 Dec 2025 10:36 PM IST
सफेद पत्थरों की खदान में अवैध ब्लास्टिंग से मकानों स्कूलों की दीवारों में आई दरारें, ग्रामीण परेशान
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Raisen, रायसेन। तहसील रायसेन सर्किल के मुरेलखुर्द के स्तूप पहाडों सफेद पत्थर खदान में अवैध खननऔर नियम विरुद्ध हैवी ब्लास्टिंग होने से स्थानीय घरों एवं सरकारी भवनों स्कूल की दीवारों छतों में दरारें आने लगी हैं। पुरातत्व विभाग के स्तूप पहाडों में मुरम कोपरा खनन के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल होने से आमजन व बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
यह पत्थर खदान ठेकेदार प्रद्युम्न सिंह की है।मुरेल खुर्द में जिला खनिज विभाग रायसेन द्वारा जिसकी लीज अवधि मार्च महीने के वर्ष 2026 तक है। परेशान ग्रामीणों द्वारा हैवी ब्लॉटिंग के इस मामले में पूर्व में भी शिकायतकी गईं थीं। लेकिन जिला खनिज विभाग, ग्राम पंचायत सहित कलेक्टर की जनसुनवाई में एक नहीं बल्कि दो तीन मर्तबा आवेदन देकर शिकायत कर चुके हैं। लेकिन ठेकेदार के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जिससे कार्रवाई के अभाव में पत्थर ठेकेदार के हौसले बुलंद हैं वह मनमानी पर उतारू है।


केंद्रीय पुरातत्व विभाग ने एसडीएम तहसीलदार को थमाए थे खदान के संदर्भ में नोटिस....
स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी संदीप महतो का कहना है कि केंद्रीय प्रतादित्य विभाग दिल्ली से खदान मालिक प्रद्युम्न सिंह को खदान बंद करने के नोटिस दिए गए थे। दो नोटिस एसडीएम और तहसीलदार रायसेन को भी दिए गए हैं ।लेकिन खदान को लेकर दोनों विभाग ने कोई जवाब तलब पुरातत्व विभाग दिल्ली को नहीं दिया है। सूत्रों से पता चला है
कि मुरेल खुर्द की स
फेद खदान बंद करने की बजाय आखिर उसे अभयदान कैसे क्यों दे दिया गया है। अधिकारियों द्वारा इस मामले की जांच होना बहुत जरूरी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बौद्ध धरोहर स्मारक केंद्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग दिल्ली ,भोपाल के अधीन है। इन खदानों से पत्थर उत्खनन से स्तूपों की नींव कमजोर हो रही है जो कभी भी धराशाई हो सकते हैं।
सरपंच अभिलाषा किरार ने पत्र में उल्लेख किया है कि गांव के लोगों ने अवैध खनन के संबंध में शिकायत दी है। जिसमें बताया है कि सरकारी स्कूल एवं भोजपुर टोला गांव की आबादी के पास स्तूप पहाडों के समीप ठेकेदार प्रद्युम्न सिंह अपनी सफेद पत्थर खदान से सफेद स्टोन का खनन कार्य किया जा रहा है। जिसमें भारी विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल किए जाने से होने वाले बम के जबरदस्त धमाकों से आसपास के घर, स्कूल व सरकारी भवनों में दरारें पड़ना शुरू हो गया है। आमजन के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। खास बात यह है कि 200 फिट की दूरी पर विद्यालय और घनी आबादी बसी हुई है। ग्रामीणजनो ने बताया कि यहां अवैध खनन कार्य लीज पिलरों को तोड़कर वन विभाग व आबादी क्षेत्र स्तूप पहाड़ी की तरफ मलवा डाला जा रहा है। इस बारे में कई बार स्थानीय प्रशासन व वन विभाग पुरातत्व विभाग और पुलिस के अधिकारियों को शिकायत की जा चुकी है,मगर अवैध खनन रुकवाने की कोई भी कार्यवाही नहीं हुई है। इससे लोगों में भारी रोष व्याप्त है।
सरपंच ने इस अवैध खनन में स्थानीय विभागों के अधिकारियों की मिलीभगत होने का आरोप लगातु हुए राज्य सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपए की राजस्व हानि होने की बात कही है। इस मामले में खनन कार्य की लीज एरिया की जांच की मांग की है।
हैवी ब्लॉटिंग पर क्या बोले ग्रामीण....
भोजपुर टोला पंचायत कान पोहरा निवासी खूब सिंह आदिवासी मदन सिंह ने मीडिया कर्मियों को बताया सफ़ेद पत्थर खदान मुरेल खुर्द में रात के समय हैवी ब्लॉटिंग की जाती है। इससे भोजपुर टोला की रहवासी बस्ती और स्कूल घरों की छत दीवारें दरक चुकी हैं। पत्थर खदान से होने अवैध हैवी ब्लास्टिंग से उनकी रात की नींद हराम होने लगी है। ब्लास्टिंग से उनके खेतों के तीन ट्यूबवेल बंद हो गए हैं। जिससे ग्रामीणों और खेतों में खड़ी फसलों की सिंचाई पर संकट खड़ा हो गया है।
इनका कहना है....
हम जल्दी अधिकारियों की टीम मौके पर भेज कर सफेद पत्थर खदान की जांच कराएंगे नियम अनुसार ठेकेदार पर जुर्माने की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मनीष शर्मा एसडीएम रायसेन
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