मध्य प्रदेश

IIT इंदौर का AspireHLS, चिप डिजाइन होगा आसान और तेज

Kavita2
8 Aug 2026 11:18 AM IST
IIT इंदौर का AspireHLS, चिप डिजाइन होगा आसान और तेज
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इंदौर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) इंदौर ने इलेक्ट्रॉनिक चिप डिजाइन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान ने ‘AspireHLS’ नाम का एक नया सॉफ्टवेयर टूल विकसित किया है, जो इंजीनियरों को स्मार्टफोन, कैमरा, म्यूजिक सिस्टम और अन्य रोजमर्रा के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाली चिप्स को अधिक तेजी और कम मेहनत में डिजाइन करने में मदद करेगा।

इस सॉफ्टवेयर को IIT इंदौर के कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग विभाग की हार्डवेयर सिक्योरिटी एंड रिलायबिलिटी लैब में प्रोफेसर अनिर्बान सेनगुप्ता और उनकी टीम ने तैयार किया है। टीम ने इस प्रोजेक्ट पर करीब 10 वर्षों तक रिसर्च की, जिसके बाद AspireHLS को उपयोग के लिए उपलब्ध कराया गया।

सबसे खास बात यह है कि इस सॉफ्टवेयर टूल को छात्रों, शोधकर्ताओं और कंपनियों के लिए मुफ्त और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया गया है। इसके जारी होने के कुछ ही समय बाद AspireHLS के प्रोडक्ट पैकेज को दुनिया के 60 से अधिक देशों में डाउनलोड किया जा चुका है।

चिप डिजाइन की प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश

आज के दौर में स्मार्टफोन से लेकर कैमरा, म्यूजिक सिस्टम, ऑटोमोबाइल और अन्य स्मार्ट डिवाइस तक लगभग हर इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद में चिप का इस्तेमाल होता है। इन चिप्स को डिजाइन करना एक जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया होती है।

इंजीनियरों को चिप की कार्यक्षमता, डिजाइन, ऊर्जा खपत और अन्य तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कई स्तरों पर काम करना पड़ता है। ऐसे में हाई लेवल सिंथेसिस यानी High-Level Synthesis (HLS) आधारित टूल चिप डिजाइन की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और तेज बनाने में मदद कर सकते हैं।

IIT इंदौर का AspireHLS इसी दिशा में विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य इंजीनियरों और शोधकर्ताओं को इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर डिजाइन के लिए एक ऐसा प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है, जिसके जरिए वे अपेक्षाकृत कम समय और कम मेहनत में डिजाइन तैयार कर सकें।

दस साल की रिसर्च का नतीजा

AspireHLS को तैयार करने के पीछे IIT इंदौर की टीम की करीब एक दशक लंबी रिसर्च है। कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग विभाग की हार्डवेयर सिक्योरिटी एंड रिलायबिलिटी लैब में प्रोफेसर अनिर्बान सेनगुप्ता के नेतृत्व में टीम ने इस तकनीक को विकसित किया।

लगभग 10 वर्षों के शोध के दौरान टीम ने हार्डवेयर डिजाइन, विश्वसनीयता और संबंधित तकनीकी पहलुओं पर काम किया। इसी शोध का परिणाम अब AspireHLS के रूप में सामने आया है।

संस्थान का मानना है कि इस तरह के सॉफ्टवेयर टूल से चिप डिजाइन और हार्डवेयर रिसर्च के क्षेत्र में काम करने वाले छात्रों और पेशेवरों को फायदा मिल सकता है।

छात्रों और कंपनियों के लिए मुफ्त उपलब्ध

AspireHLS को केवल शोध संस्थानों तक सीमित नहीं रखा गया है। इसे छात्रों, रिसर्चर्स और कंपनियों के लिए मुफ्त उपलब्ध कराया गया है। इससे इंजीनियरिंग और हार्डवेयर डिजाइन के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को इस टूल को सीखने और अपने प्रोजेक्ट्स में इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा।

मुफ्त उपलब्धता का एक बड़ा फायदा यह हो सकता है कि छोटे शोध समूह, स्टार्टअप और छात्र भी बिना किसी बड़े लाइसेंस खर्च के इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।

शैक्षणिक संस्थानों में इसका इस्तेमाल छात्रों को चिप डिजाइन और हार्डवेयर डेवलपमेंट की व्यावहारिक समझ देने के लिए भी किया जा सकता है।

60 से अधिक देशों में पहुंच

AspireHLS की उपलब्धता के बाद इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रुचि दिखाई गई है। प्रोडक्ट पैकेज, जिसमें बेंचमार्क और ट्यूटोरियल शामिल हैं, को अमेरिका, यूरोप, एशिया और अफ्रीका के 60 से अधिक देशों में यूजर्स ने डाउनलोड किया है।

यह संकेत देता है कि टूल ने रिलीज के शुरुआती चरण में ही वैश्विक उपयोगकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया है।

जिन देशों में AspireHLS का इस्तेमाल या डाउनलोड किया गया है, उनमें अमेरिका, फ्रांस, इंग्लैंड, सिंगापुर, चीन, वियतनाम, रूस, स्पेन, जर्मनी, ब्राजील, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), पोलैंड, जॉर्जिया और जापान जैसे देश शामिल हैं।

बेंचमार्क और ट्यूटोरियल भी पैकेज का हिस्सा

AspireHLS के साथ उपलब्ध प्रोडक्ट पैकेज में केवल मुख्य सॉफ्टवेयर ही नहीं, बल्कि बेंचमार्क और ट्यूटोरियल भी शामिल हैं। इससे नए यूजर्स को टूल को समझने और उसका व्यावहारिक इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है।

बेंचमार्क के जरिए शोधकर्ता और इंजीनियर अलग-अलग परिस्थितियों में सॉफ्टवेयर की क्षमता का आकलन कर सकते हैं, जबकि ट्यूटोरियल नए उपयोगकर्ताओं के लिए सीखने की प्रक्रिया को आसान बना सकते हैं।

इस तरह AspireHLS को केवल एक सॉफ्टवेयर टूल के बजाय एक व्यापक रिसर्च और डेवलपमेंट पैकेज के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

भारत में चिप डिजाइन रिसर्च को मिल सकता है बढ़ावा

भारत में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में लगातार विस्तार हो रहा है। ऐसे समय में चिप डिजाइन से जुड़े स्वदेशी टूल का विकास महत्वपूर्ण माना जा सकता है।

AspireHLS जैसे प्लेटफॉर्म देश में हार्डवेयर डिजाइन से जुड़े शोध और प्रशिक्षण को बढ़ावा दे सकते हैं। इससे छात्रों को शुरुआती स्तर पर ही चिप डिजाइन की तकनीकों के साथ काम करने का अवसर मिलेगा।

इसके अलावा रिसर्च संस्थानों और कंपनियों के बीच सहयोग बढ़ाने में भी ऐसे ओपन और मुफ्त टूल उपयोगी साबित हो सकते हैं।

वैश्विक उपयोगिता ने बढ़ाई उम्मीद

AspireHLS को 60 से अधिक देशों में डाउनलोड किया जाना IIT इंदौर की इस पहल की वैश्विक पहुंच को दर्शाता है। अमेरिका और यूरोप से लेकर एशिया और अफ्रीका तक इसके उपयोगकर्ताओं की मौजूदगी यह बताती है कि हार्डवेयर डिजाइन के क्षेत्र में ऐसे टूल की जरूरत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी है।

IIT इंदौर की टीम की करीब 10 वर्षों की रिसर्च से तैयार यह सॉफ्टवेयर अब वैश्विक इंजीनियरिंग और रिसर्च समुदाय के लिए उपलब्ध है। आने वाले समय में इसके और व्यापक इस्तेमाल से चिप डिजाइन, हार्डवेयर रिसर्च और इंजीनियरिंग शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयोगों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, AspireHLS IIT इंदौर की लंबी अवधि की रिसर्च का परिणाम है, जिसने इलेक्ट्रॉनिक चिप डिजाइन की जटिल प्रक्रिया को आसान और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक उपयोगी कदम उठाया है। छात्रों, शोधकर्ताओं और कंपनियों के लिए इसकी मुफ्त उपलब्धता और शुरुआती दौर में 60 से अधिक देशों तक पहुंच इसकी संभावित वैश्विक उपयोगिता को रेखांकित करती है।

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