मध्य प्रदेश

छात्रों को A रेटेड फिल्म दिखाने पर शिक्षक पर गिरी गाज सरकारी स्कूल में मचा हड़कंप

nidhi
8 Aug 2026 10:29 AM IST
छात्रों को A रेटेड फिल्म दिखाने पर शिक्षक पर गिरी गाज सरकारी स्कूल में मचा हड़कंप
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MP के स्कूल में धुरंधर फिल्म दिखाने पर कार्रवाई शिक्षक हुआ निलंबित

भोपाल : मध्य प्रदेश के एक सरकारी स्कूल में छात्रों को A-रेटेड फिल्म ‘धुरंधर’ दिखाए जाने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। मामले का वीडियो या जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन ने संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे निलंबित कर दिया।

स्कूल में बच्चों को पढ़ाई के दौरान शैक्षणिक सामग्री दिखाना सामान्य बात है, लेकिन किसी फिल्म को छात्रों के सामने प्रदर्शित करने से पहले उसकी उम्र-सीमा और विषयवस्तु को ध्यान में रखना जरूरी होता है। ‘धुरंधर’ को A प्रमाणपत्र प्राप्त फिल्म के रूप में बताया जा रहा है, ऐसे में स्कूल में इसे दिखाए जाने को लेकर सवाल उठे।
बच्चों को दिखाई गई फिल्म पर विवाद
जानकारी के मुताबिक, सरकारी स्कूल में विद्यार्थियों को फिल्म दिखाई गई। जब यह मामला सामने आया तो अभिभावकों और स्थानीय स्तर पर इस पर आपत्ति जताई गई। सवाल यह उठाया गया कि बच्चों के लिए निर्धारित शैक्षणिक माहौल में ऐसी फिल्म के प्रदर्शन की अनुमति कैसे दी गई।
स्कूलों में दिखाई जाने वाली किसी भी फिल्म, वीडियो या डिजिटल सामग्री का चयन विद्यार्थियों की उम्र और शैक्षणिक उद्देश्य के अनुरूप होना जरूरी है।
शिक्षक पर हुई कार्रवाई
मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने संबंधित शिक्षक को निलंबित कर दिया। विभागीय कार्रवाई के दौरान यह जांच की जा सकती है कि फिल्म किस परिस्थिति में दिखाई गई, इसकी अनुमति किस स्तर से ली गई थी और क्या स्कूल के निर्धारित नियमों का पालन किया गया था।
निलंबन के बाद मामले की विस्तृत जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई भी तय की जा सकती है।
स्कूलों में डिजिटल कंटेंट के इस्तेमाल पर सवाल
आज सरकारी और निजी स्कूलों में स्मार्ट क्लास, प्रोजेक्टर और इंटरनेट आधारित सामग्री का इस्तेमाल बढ़ रहा है। इससे पढ़ाई को अधिक रोचक बनाने के अवसर मिले हैं, लेकिन साथ ही शिक्षकों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है।
किसी भी वीडियो या फिल्म को कक्षा में दिखाने से पहले उसकी उम्र-उपयुक्तता, प्रमाणन और विषयवस्तु की जांच जरूरी है। मनोरंजन और शैक्षणिक सामग्री के बीच स्पष्ट अंतर बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।
बच्चों के लिए उचित सामग्री का चयन जरूरी
स्कूल विद्यार्थियों के लिए सीखने और सुरक्षित वातावरण का स्थान है। इसलिए शिक्षकों और स्कूल प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चों को दिखाई जाने वाली सामग्री उनके मानसिक और भावनात्मक विकास के अनुकूल हो।
यह मामला इसी बात की ओर ध्यान दिलाता है कि तकनीक और डिजिटल कंटेंट का इस्तेमाल शिक्षा में बढ़ने के साथ कंटेंट स्क्रीनिंग और शिक्षक जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी हो गई है।

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