मध्य प्रदेश

IIT इंदौर ने बनाया AspireHLS स्मार्टफोन-कैमरा जैसी डिवाइस की चिप डिजाइनिंग होगी तेज और आसान

Kavita2
9 Aug 2026 9:53 AM IST
IIT इंदौर ने बनाया AspireHLS स्मार्टफोन-कैमरा जैसी डिवाइस की चिप डिजाइनिंग होगी तेज और आसान
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इंदौर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) इंदौर ने इलेक्ट्रॉनिक चिप डिजाइनिंग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान ने AspireHLS नाम का नया प्रोडक्ट और सॉफ्टवेयर टूल विकसित किया है, जो इंजीनियरों को स्मार्टफोन, कैमरा, म्यूजिक सिस्टम और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाली चिप्स को पहले की तुलना में अधिक तेजी और कम मेहनत के साथ डिजाइन करने में मदद कर सकता है।

इस सॉफ्टवेयर टूल को IIT इंदौर के कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग विभाग की हार्डवेयर सिक्योरिटी एंड रिलायबिलिटी लैब में प्रोफेसर अनिर्बान सेनगुप्ता और उनकी टीम ने करीब 10 वर्षों की रिसर्च के बाद तैयार किया है। खास बात यह है कि AspireHLS को अब स्टूडेंट्स, रिसर्चर्स और कंपनियों के उपयोग के लिए मुफ्त उपलब्ध कराया गया है।

संस्थान के अनुसार, रिलीज होने के कुछ ही समय में AspireHLS के प्रोडक्ट पैकेज को दुनिया के 60 से अधिक देशों में डाउनलोड किया जा चुका है। अमेरिका, यूरोप, एशिया और अफ्रीका के विभिन्न देशों से उपयोगकर्ताओं की ओर से इसे डाउनलोड किया गया है। इसे इस तकनीक में वैश्विक स्तर पर दिखाई जा रही रुचि के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

क्या है AspireHLS?

AspireHLS एक ऐसा सॉफ्टवेयर टूल है, जो हार्डवेयर डिजाइन प्रक्रिया को अधिक आसान और कुशल बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाली चिप्स को डिजाइन करना एक जटिल प्रक्रिया होती है। इसमें डिजाइनरों को चिप की कार्यक्षमता, गति, ऊर्जा खपत और विश्वसनीयता जैसे कई पहलुओं पर एक साथ काम करना पड़ता है।

AspireHLS का उद्देश्य इसी प्रक्रिया को सरल बनाना है। इसके माध्यम से इंजीनियर और रिसर्चर चिप के डिजाइन को तैयार करने और उसके विभिन्न पहलुओं का परीक्षण करने में अधिक आसानी महसूस कर सकते हैं। इससे डिजाइन प्रक्रिया में लगने वाले समय और मेहनत को कम करने में मदद मिल सकती है।

करीब 10 साल की रिसर्च का नतीजा

AspireHLS को तैयार करने के पीछे IIT इंदौर की टीम ने लगभग एक दशक तक शोध किया। प्रोफेसर अनिर्बान सेनगुप्ता और उनकी टीम ने हार्डवेयर डिजाइन, सुरक्षा और विश्वसनीयता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर लगातार काम किया।

संस्थान की हार्डवेयर सिक्योरिटी एंड रिलायबिलिटी लैब में इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने से जुड़े शोध किए जाते हैं। इसी शोध प्रक्रिया के दौरान विकसित तकनीकों और अनुभवों को AspireHLS में शामिल किया गया है।

करीब 10 वर्षों की रिसर्च के बाद तैयार इस टूल को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराना IIT इंदौर की ओपन रिसर्च और तकनीकी नवाचार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

स्टूडेंट्स और रिसर्चर्स को होगा फायदा

AspireHLS को मुफ्त उपलब्ध कराने से इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा से जुड़े छात्रों को विशेष फायदा मिलने की उम्मीद है। महंगे सॉफ्टवेयर टूल्स की उपलब्धता कई बार छात्रों और छोटे शोध समूहों के लिए चुनौती बन जाती है। ऐसे में मुफ्त टूल मिलने से अधिक संख्या में छात्र हार्डवेयर डिजाइनिंग और चिप टेक्नोलॉजी पर प्रयोग कर सकेंगे।

रिसर्चर्स भी इसका इस्तेमाल अपने शोध कार्यों में कर सकते हैं। वे अलग-अलग डिजाइन तकनीकों का परीक्षण कर सकेंगे और हार्डवेयर डिजाइन की नई संभावनाओं पर काम कर सकेंगे। इससे अकादमिक शोध और व्यावहारिक तकनीकी विकास के बीच की दूरी कम करने में मदद मिल सकती है।

कंपनियों के लिए भी उपयोगी

AspireHLS को केवल शैक्षणिक उपयोग तक सीमित नहीं रखा गया है। इसे कंपनियों के लिए भी उपलब्ध कराया गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियां चिप डिजाइन से जुड़ी अपनी प्रक्रियाओं में इस टूल का इस्तेमाल कर सकती हैं।

आज स्मार्टफोन, कैमरा, ऑडियो सिस्टम, ऑटोमोबाइल और कई अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में जटिल चिप्स का इस्तेमाल होता है। इन उपकरणों की क्षमता बढ़ने के साथ चिप डिजाइनिंग की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में डिजाइन प्रक्रिया को तेज और कम जटिल बनाने वाले टूल उद्योग के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

60 से अधिक देशों में डाउनलोड

AspireHLS के वैश्विक स्तर पर तेजी से अपनाए जाने का एक प्रमुख संकेत इसके डाउनलोड आंकड़े हैं। संस्थान के मुताबिक, रिलीज होने के कुछ समय के भीतर ही इसके प्रोडक्ट पैकेज को अमेरिका, यूरोप, एशिया और अफ्रीका के 60 से अधिक देशों में उपयोगकर्ताओं ने डाउनलोड किया।

AspireHLS के प्रोडक्ट पैकेज में केवल मुख्य सॉफ्टवेयर ही नहीं, बल्कि बेंचमार्क, ट्यूटोरियल और अन्य जरूरी सामग्री भी शामिल है। इससे नए उपयोगकर्ताओं को टूल को समझने और उसके साथ प्रयोग करने में सुविधा मिल सकती है।

दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से डाउनलोड मिलने से यह भी संकेत मिलता है कि हार्डवेयर डिजाइन के क्षेत्र में ऐसे ओपन और सुलभ टूल की मांग मौजूद है। IIT इंदौर के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि संस्थान में विकसित तकनीक का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध और इंजीनियरिंग समुदाय द्वारा किया जा रहा है।

भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र को मिल सकता है लाभ

भारत में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को बढ़ावा देने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। ऐसे समय में चिप डिजाइन से जुड़े स्वदेशी सॉफ्टवेयर और शोध उपकरणों का विकास महत्वपूर्ण माना जाता है।

AspireHLS जैसे टूल छात्रों और शोधकर्ताओं को चिप डिजाइनिंग की तकनीकों से परिचित कराने में मदद कर सकते हैं। साथ ही, उद्योग के लिए उपलब्ध ऐसे संसाधन देश में हार्डवेयर डिजाइन और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में प्रतिभाओं को विकसित करने में योगदान दे सकते हैं।

IIT इंदौर की यह पहल देश में हो रहे तकनीकी शोध की वैश्विक पहुंच को भी दर्शाती है। करीब एक दशक के शोध के बाद विकसित AspireHLS का मुफ्त और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होना छात्रों, शोधकर्ताओं और कंपनियों के लिए नई संभावनाएं खोल सकता है।

फिलहाल 60 से अधिक देशों में इसके डाउनलोड से साफ है कि AspireHLS ने शुरुआती स्तर पर ही अंतरराष्ट्रीय उपयोगकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया है। आने वाले समय में इसके व्यापक इस्तेमाल से हार्डवेयर डिजाइनिंग, चिप विकास और अकादमिक शोध के क्षेत्र में इसके प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।

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