मध्य प्रदेश

Harda Factory Blast : एक साथ होगा 17 शवों का अंतिम संस्कार

Uma Verma
3 April 2025 8:56 AM IST
Harda Factory Blast : एक साथ होगा 17 शवों का अंतिम संस्कार
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एमपी | मध्यप्रदेश के हरदा जिले में पटाखा फैक्टरी ब्लास्ट में जान गंवाने वाले 17 मृतकों के शव उनके गृह क्षेत्र पहुंच चुके हैं। प्रशासन और परिजनों की सहमति के बाद सभी शवों का एक साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। हादसे के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है, और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

कैसे हुआ हादसा?

हरदा जिले में 2 अप्रैल को एक अवैध पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट हुआ था। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि फैक्टरी पूरी तरह नष्ट हो गई, और आसपास के कई मकान व दुकानें भी क्षतिग्रस्त हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ब्लास्ट के तुरंत बाद इलाके में भगदड़ मच गई और चारों ओर धुआं फैल गया।

हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई और 50 से ज्यादा लोग घायल हुए, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंची, जिन्होंने कई घंटों की मशक्कत के बाद मलबे से शव निकाले।

शव पहुंचे गृह क्षेत्र, मातम में डूबा इलाका

मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के बाद उनके गृह क्षेत्र लाया गया, जहां पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और हर कोई इस दर्दनाक घटना को लेकर गमगीन है। प्रशासन ने आज सभी शवों का एक साथ अंतिम संस्कार करने का फैसला किया है, जिसमें परिजन, स्थानीय लोग और प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे।

मुआवजा और जांच के आदेश

घटना के बाद राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की है।

मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।

गंभीर रूप से घायलों को 2 लाख रुपये, और अन्य घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी।

फैक्टरी मालिक और अन्य दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।

फैक्टरी अवैध थी, अब जांच शुरू

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह पटाखा फैक्टरी अवैध रूप से संचालित की जा रही थी। वहां सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ। प्रशासन ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं, और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

इलाके में शोक, कड़े सुरक्षा इंतजाम

इस सामूहिक अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे, जिसके मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कोई अप्रिय स्थिति न बने।

यह हादसा मध्यप्रदेश में हाल के वर्षों में हुए सबसे बड़े औद्योगिक हादसों में से एक माना जा रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि अवैध फैक्टरियां कब तक लोगों की जान लेती रहेंगी? प्रशासन से मांग की जा रही है कि ऐसी अवैध फैक्टरियों पर सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों

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