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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : इंदौर के विजय नगर स्थित स्कीम नंबर 74 में फूड सेफ्टी अधिकारियों की टीम ने प्रेस्टीज पब्लिक स्कूल की मेस और कैंटीन का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों से जुड़ी कई अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद अधिकारियों ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए संस्थान को नोटिस जारी किया है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि खाने-पीने की सामग्री को रखने और परोसने के तरीके में कई खामियां थीं। फूड सेफ्टी मानकों के अनुसार खाद्य पदार्थों के भंडारण और स्वच्छता का पालन नहीं किया जा रहा था, जिससे स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई।
इसके अलावा, जांच में यह भी सामने आया कि खाना बनाने में उपयोग किए जा रहे पानी की गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट एक वर्ष से अधिक पुरानी थी। नियमों के अनुसार पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच आवश्यक होती है, ताकि छात्रों और कर्मचारियों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराया जा सके। पुरानी रिपोर्ट मिलने पर अधिकारियों ने इस पर गंभीर आपत्ति जताई।
निरीक्षण टीम का नेतृत्व सीनियर फूड सेफ्टी ऑफिसर मनीष स्वामी ने किया। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान कई खाद्य पदार्थों के सैंपल परीक्षण के लिए लैब में भेजे गए हैं। कुल आठ सैंपल लिए गए, जिनमें फ्रेंच फ्राइज़, अरहर दाल, घी, सोयाबीन तेल, इंस्टेंट खमन मिक्स, रोटी, मिक्स वेज करी और चावल शामिल हैं।
इन सभी सैंपलों को विस्तृत जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है, जहां उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण का उद्देश्य स्कूलों में छात्रों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना है। स्कूल जैसी जगहों पर खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी होता है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में बच्चे भोजन ग्रहण करते हैं।
निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि कुछ स्थानों पर खाद्य सामग्री के भंडारण में स्वच्छता का अभाव था। कई खाद्य पदार्थ उचित ढंग से ढके हुए नहीं थे, जिससे संदूषण का खतरा बढ़ सकता था। इस स्थिति को गंभीर मानते हुए अधिकारियों ने सुधार के निर्देश दिए।
फूड सेफ्टी विभाग ने स्कूल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी कमियों को तुरंत दूर किया जाए और खाद्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। इसके साथ ही नियमित रूप से गुणवत्ता जांच रिपोर्ट अपडेट रखने को भी कहा गया है।
मनीष स्वामी ने कहा कि इस तरह के निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे ताकि शैक्षणिक संस्थानों में भोजन की गुणवत्ता पर निगरानी बनी रहे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद स्कूल प्रशासन से जवाब मांगा गया है और उन्हें नोटिस का पालन करने के लिए समय दिया गया है। विभाग का कहना है कि छात्रों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
फिलहाल सभी सैंपलों की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके आधार पर आगे की विस्तृत कार्रवाई तय की जाएगी। इस निरीक्षण ने एक बार फिर स्कूलों में फूड सेफ्टी मानकों की गंभीरता और नियमित निगरानी की आवश्यकता को उजागर किया है।





