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पिता-पुत्र को कार के बोनट पर लटकाकर 4 किलोमीटर तक दौड़ाया, आरोपी चालक गिरफ्तार

धार। मध्य प्रदेश के धार जिले के कुक्षी कस्बे में सड़क पर मामूली टक्कर के बाद एक कार चालक की खतरनाक हरकत सामने आई है। आरोप है कि चालक ने पहले एक बुजुर्ग के पैर में कार से टक्कर मारी और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की। इसके बाद जब बुजुर्ग का बेटा मौके पर पहुंचा तो चालक ने दोनों को कार के बोनट पर लटकाकर करीब चार किलोमीटर तक वाहन दौड़ाया। इस दौरान पिता-पुत्र अपनी जान बचाने के लिए गुहार लगाते रहे, लेकिन आरोपी ने कार नहीं रोकी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपी चालक आशीष चौहान को गिरफ्तार कर लिया है।
यह घटना बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 की रात करीब आठ बजे कुक्षी थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक दो स्थित सुतार मोहल्ले की है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर कार जब्त कर ली है।
Kukshi - A shocking incident was reported from Kukshi in Madhya Pradesh’s Dhar district, where a car driver allegedly dragged an elderly man and his son on the bonnet of his vehicle for nearly four kilometres after they objected to a collision. The elderly man sustained serious injuries, while the accused was caught and beaten by locals before being handed over to the police. CCTV footage of the incident has also emerged.
— NextMinute News (@nextminutenews7) October 23, 2026
बुजुर्ग के पैर में कार से मारी टक्कर
पुलिस के अनुसार, फरियादी बाबूलाल भूराजी बुधवार रात सुतार मोहल्ले की सड़क से पैदल जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार कार क्रमांक एमपी-13-जेडएल-8063 के चालक ने कथित तौर पर लापरवाही से वाहन चलाते हुए उनके पैर में टक्कर मार दी।
टक्कर लगने के बाद बाबूलाल ने कार चालक को रोककर अपनी आपत्ति जताई। उन्होंने चालक से सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की बात कही, लेकिन आरोप है कि चालक ने अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय उनसे विवाद शुरू कर दिया।
देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोपी ने बुजुर्ग के साथ मारपीट कर दी। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों का ध्यान भी घटना की ओर गया।
बेटे ने फोटो खींची तो चालक ने बढ़ा दी रफ्तार
विवाद की जानकारी मिलने पर बाबूलाल का बेटा भारत भी मौके पर पहुंच गया। उसने घटना के संबंध में साक्ष्य जुटाने के उद्देश्य से कार की तस्वीरें लेना शुरू किया।
आरोप है कि इससे चालक नाराज हो गया। उसने अचानक कार आगे बढ़ा दी, जिससे बाबूलाल और उनका बेटा भारत वाहन के बोनट पर जा गिरे।
दोनों ने कार से नीचे गिरने से बचने के लिए बोनट को मजबूती से पकड़ लिया। इसके बावजूद चालक ने वाहन नहीं रोका और आगे बढ़ता रहा।
पुलिस के अनुसार, चालक की इस हरकत से दोनों की जान खतरे में पड़ गई। तेज रफ्तार कार के बोनट पर लटके पिता-पुत्र खुद को बचाने की लगातार कोशिश करते रहे।
चार किलोमीटर तक जान बचाने की लगाते रहे गुहार
घटना का सबसे भयावह पहलू यह रहा कि पिता-पुत्र बार-बार वाहन रोकने की गुहार लगाते रहे, लेकिन चालक ने उनकी बात नहीं मानी।
दोनों बोनट पर लटके हुए मदद के लिए चिल्ला रहे थे। सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों ने भी इस खतरनाक स्थिति को देखा।
आरोप है कि चालक करीब चार किलोमीटर तक कार चलाता रहा। इस दौरान यदि किसी एक व्यक्ति का भी हाथ छूट जाता तो वह सड़क पर गिरकर गंभीर दुर्घटना का शिकार हो सकता था।
वाहन की रफ्तार और सड़क की स्थिति के कारण दोनों की जान पर लगातार खतरा बना हुआ था।
ग्रामीणों ने पीछा कर रुकवाई कार
पिता-पुत्र को संकट में देखकर स्थानीय ग्रामीणों ने कार का पीछा करना शुरू किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए कई लोग उन्हें बचाने के लिए आगे आए।
रिपोर्टों के अनुसार, धर्मेंद्र, जयदीप गुंजाल और अन्य स्थानीय लोगों ने वाहन का पीछा किया।
करीब चार किलोमीटर दूर लोनी फाटे के पास ग्रामीणों ने कार को रुकवाने में सफलता हासिल की। इसके बाद बोनट पर फंसे पिता-पुत्र को सुरक्षित नीचे उतारा गया।
ग्रामीणों की तत्परता से एक बड़ी दुर्घटना टल गई। हालांकि, इस घटना में बाबूलाल को चोटें आई हैं। उनकी स्वास्थ्य स्थिति और उपचार के संबंध में विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी सामने नहीं आई है।
सीसीटीवी फुटेज और वीडियो आया सामने
घटना के बाद इससे संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में चलती कार के बोनट पर दो लोगों के लटके होने की स्थिति दिखाई देने की जानकारी सामने आई है।
वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने चालक की हरकत पर नाराजगी जताई।
सड़क पर हुई इस घटना ने वाहन चालकों की जिम्मेदारी और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस घटना से संबंधित वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
आरोपी आशीष चौहान गिरफ्तार
कुक्षी थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर कार चालक आशीष चौहान के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
कुक्षी थाना प्रभारी दीपक सिंह चौहान के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल कार को भी जब्त किया है।
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की चार धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। हालांकि, दर्ज की गई धाराओं का विस्तृत विवरण उपलब्ध रिपोर्टों में स्पष्ट नहीं है।
पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शराब के नशे में होने का आरोप
घटना के बाद कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कार चालक शराब के नशे में था।
हालांकि, पुलिस की ओर से चालक के नशे में होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए इस आरोप को जांच पूरी होने से पहले प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।
पुलिस के अनुसार, कार में सवार लोग इंदौर से डही क्षेत्र में रिश्तेदारों से मिलने आए थे और घटना के समय वापस लौट रहे थे।
पुलिस मामले से संबंधित परिस्थितियों और चालक के व्यवहार की जांच कर रही है।
सड़क पर विवाद के बाद गंभीर अपराध का मामला
सड़क पर वाहन की टक्कर लगने के बाद सामान्य तौर पर चालक की जिम्मेदारी होती है कि वह वाहन रोककर घायल व्यक्ति की सहायता करे और आवश्यक होने पर पुलिस को सूचना दे।
लेकिन कुक्षी में सामने आई घटना में आरोप है कि चालक ने विवाद के दौरान वाहन आगे बढ़ाकर दो लोगों की जान जोखिम में डाल दी।
कानूनी दृष्टि से मामले में चालक की मंशा, उसकी गतिविधियां, पीड़ितों को लगी चोटें और उपलब्ध साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे।
पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि घटना में किन परिस्थितियों में वाहन चलाया गया और आरोपों की पुष्टि किस सीमा तक होती है।
पुलिस जांच जारी, सुरक्षा पर उठे सवाल
धार जिले में सामने आई इस घटना ने स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया है। एक मामूली सड़क दुर्घटना के बाद इतना गंभीर विवाद होना सड़क सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है।
ग्रामीणों की सक्रियता के कारण पिता-पुत्र को सुरक्षित बचाया जा सका। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अब जांच में वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और चिकित्सकीय साक्ष्यों का महत्वपूर्ण स्थान रहेगा।
इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सड़क पर विवाद की स्थिति में हिंसा या खतरनाक तरीके से वाहन चलाना न केवल दूसरों के जीवन को जोखिम में डाल सकता है, बल्कि गंभीर आपराधिक कार्रवाई का कारण भी बन सकता है।





