मध्य प्रदेश

बरगी क्रूज़ हादसे पर भावुक गणेश प्रतिमा

Kavita2
21 Sept 2026 2:42 PM IST
बरगी क्रूज़ हादसे पर भावुक गणेश प्रतिमा
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जबलपुर। आस्था, संवेदना और श्रद्धा का अनोखा संगम इस बार जबलपुर के गणेश उत्सव में देखने को मिला। गणेश चतुर्थी 2026 के दौरान शहर में बनाए गए एक विशेष गणेश पंडाल ने बरगी बांध क्रूज़ हादसे की दर्दनाक यादों को कला के माध्यम से सामने रखा है। इस पंडाल में भगवान गणेश की ऐसी प्रतिमा तैयार की गई है, जिसमें उन्हें पानी में डूबे मां-बेटे को बचाते हुए दिखाया गया है।

इस अनोखी मूर्ति ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। प्रतिमा में भगवान गणेश को बरगी बांध के पानी में डूब रही एक मां और उसके बच्चे को बचाते हुए दिखाया गया है। दृश्य में भगवान गणेश का हाथ मां के माथे के पास है, जबकि मां भगवान की गोद में लेटी हुई अपने बेटे को मजबूती से पकड़े हुए दिखाई गई है।


इस प्रतिमा के जरिए कलाकारों ने बरगी बांध क्रूज़ हादसे की दर्दनाक घटना को श्रद्धांजलि देने की कोशिश की है। मूर्ति देखने पहुंचे कई श्रद्धालु भावुक हो गए और उन्होंने इसे आस्था के साथ-साथ संवेदना की अभिव्यक्ति बताया।

बरगी क्रूज़ हादसे की याद

यह प्रतिमा 30 अप्रैल को हुए बरगी बांध क्रूज़ हादसे से प्रेरित है। इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 28 पर्यटकों को बचा लिया गया था।

घटना के बाद सामने आई कई तस्वीरों ने लोगों को झकझोर दिया था। इनमें से एक सबसे भावुक कर देने वाली तस्वीर वह थी, जिसमें एक मां अपने बच्चे को आखिरी समय तक सीने से लगाए हुए मिली थी।

इसी दर्दनाक दृश्य को गणेश पंडाल की प्रतिमा के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। कलाकारों ने धार्मिक आस्था और मानवीय संवेदना को जोड़ते हुए हादसे से जुड़ी यादों को एक अलग रूप दिया है।

श्रद्धालुओं में भावनात्मक जुड़ाव

पंडाल में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि यह केवल भगवान गणेश की प्रतिमा नहीं, बल्कि हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति श्रद्धांजलि भी है। लोगों ने कहा कि इस तरह की कलाकृतियां समाज को संवेदनशील घटनाओं को याद रखने और उनसे सीख लेने का संदेश देती हैं।

गणेश उत्सव के दौरान हर साल अलग-अलग विषयों पर आधारित पंडाल बनाए जाते हैं। कई जगहों पर सामाजिक मुद्दों, पर्यावरण, संस्कृति और जनजागरूकता से जुड़े संदेशों को मूर्तियों और सजावट के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है।

कला के माध्यम से श्रद्धांजलि

इस पंडाल के कलाकारों ने धार्मिक भावना के साथ-साथ सामाजिक संदेश देने का प्रयास किया है। भगवान गणेश को संकटमोचक के रूप में प्रस्तुत करते हुए मां-बेटे के बचाव का दृश्य बनाया गया है।

कलाकारों का उद्देश्य बताया जा रहा है कि हादसे में जान गंवाने वालों को याद किया जाए और ऐसी घटनाओं से सुरक्षा और सावधानी का संदेश लिया जाए।

हादसे ने छोड़ी थी गहरी छाप

बरगी बांध क्रूज़ हादसे ने जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को गहरा दुख पहुंचाया था। बड़ी संख्या में पर्यटक इस क्रूज़ पर सवार थे, लेकिन हादसे के बाद कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया।

घटना के बाद राहत और बचाव अभियान चलाया गया था। कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन कुछ लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।

इस घटना की यादें अब भी लोगों के मन में मौजूद हैं। गणेश पंडाल में बनाई गई यह प्रतिमा उसी दर्द और भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाती है।

आस्था के साथ संदेश

गणेश उत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक संदेश देने का भी माध्यम बनता जा रहा है। जबलपुर के इस पंडाल ने श्रद्धा के साथ संवेदना और मानवता का संदेश देने की कोशिश की है।

प्रतिमा के माध्यम से यह दिखाने का प्रयास किया गया है कि मुश्किल समय में उम्मीद और विश्वास लोगों को संभालने की ताकत देते हैं।

फिलहाल यह गणेश पंडाल शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंच रहे हैं और हादसे में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। यह प्रतिमा आस्था, कला और संवेदना का अनोखा उदाहरण बन गई है।

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