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गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले के जामनेर कस्बे में एक बुजुर्ग व्यक्ति को कथित तौर पर सार्वजनिक रूप से अपमानित किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बुजुर्ग ने सड़क से हटाने की कोशिश में एक गाय को लात मारी थी, जिसके बाद बजरंग दल के कुछ सदस्यों ने उन्हें कथित तौर पर गाय के सामने झुककर माफी मांगने और जमीन पर नाक रगड़ने के लिए मजबूर किया। घटना का वीडियो गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया।
घटना ने आवारा मवेशियों से जुड़ी नागरिक समस्या को धार्मिक और सांप्रदायिक विवाद का रूप दे दिया है। हालांकि, वायरल वीडियो और सामने आए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पूरे मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।
सामान पहुंचाने जामनेर पहुंचे थे बुजुर्ग
🚨 Guna, Madhya Pradesh
— Sharma Talks (@network_piyush) September 9, 2026
An elderly muslim man was reportedly caught on camera kicking a cow sitting by the roadside. 🐄
According to reports, Bajrang Dal workers intervened and confronted him, after which he was made to apologise in front of the cow.
⚖️ Any alleged wrongdoing…
मिली जानकारी के अनुसार, गुना छावनी क्षेत्र के रहने वाले बुजुर्ग जमीलुद्दीन किसी स्थानीय निवासी के घर सामान पहुंचाने के लिए जामनेर पहुंचे थे। बताया गया है कि वह पिकअप वाहन से सामान उतार रहे थे। इसी दौरान सड़क पर एक गाय बैठी हुई थी।
सामान उतारने में परेशानी होने पर बुजुर्ग ने कथित तौर पर गाय को वहां से हटाने की कोशिश की। आरोप है कि इसी दौरान उन्होंने गाय को पैर से लात मार दी। इसके बाद मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने इसका विरोध किया और मामला देखते ही देखते विवाद में बदल गया।
घटना के बाद वहां भीड़ जमा हो गई। आरोप है कि बजरंग दल से जुड़े कुछ लोगों ने बुजुर्ग से गाय को लेकर माफी मांगने को कहा। इसी दौरान उन्हें कथित तौर पर गाय के सामने झुकाया गया और जमीन पर नाक रगड़कर माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी चर्चा
घटना से संबंधित एक वीडियो गुरुवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में कथित तौर पर एक बुजुर्ग व्यक्ति को कुछ लोगों के बीच देखा जा सकता है। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि बुजुर्ग से सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाई गई।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर घटना को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कुछ लोगों ने गाय के साथ कथित व्यवहार की निंदा की, जबकि कई लोगों ने बुजुर्ग को सार्वजनिक रूप से अपमानित किए जाने और कानून हाथ में लेने के आरोपों पर सवाल उठाए।
मामले को लेकर यह भी चर्चा होने लगी कि सड़क पर आवारा मवेशियों की समस्या से शुरू हुआ विवाद किस तरह धार्मिक और सांप्रदायिक मुद्दे में बदल गया।
बजरंग दल के सदस्यों ने लगाया गौ अपमान का आरोप
बताया जा रहा है कि बजरंग दल से जुड़े लोगों ने बुजुर्ग पर 'गौ माता' का अपमान करने की कोशिश का आरोप लगाया। उनका कहना था कि गाय को लात मारना धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला है।
इसी कथित आरोप के आधार पर बुजुर्ग से माफी मांगने को कहा गया। हालांकि, किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने या अपने स्तर पर दंड देने का अधिकार किसी संगठन या भीड़ को नहीं है। यदि किसी व्यक्ति पर कानून तोड़ने का आरोप है तो उसके खिलाफ कार्रवाई का अधिकार संबंधित कानूनी एजेंसियों के पास होता है।
इस घटना ने इसी वजह से कानून-व्यवस्था और भीड़ द्वारा कथित तौर पर की गई कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
आवारा मवेशियों की समस्या फिर चर्चा में
जामनेर की घटना का एक पहलू सड़कों पर घूमने या बैठने वाले आवारा मवेशियों की समस्या से भी जुड़ा है। शहरों और कस्बों में सड़क पर बैठे मवेशियों के कारण वाहन चालकों और आम लोगों को अक्सर परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कई बार सड़क पर बैठे पशुओं को हटाने के दौरान लोग उनके साथ अनुचित व्यवहार कर बैठते हैं, वहीं मवेशियों के कारण यातायात प्रभावित होने और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। ऐसे मामलों में प्रशासन की जिम्मेदारी होती है कि वह आवारा पशुओं के लिए उचित व्यवस्था करे और उन्हें व्यस्त सड़कों से हटाए।
जामनेर की घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि यदि सड़कों पर आवारा मवेशियों की समस्या बनी रहती है तो इससे जुड़े विवादों को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन क्या प्रभावी कदम उठा रहा है।
घटना ने लिया सांप्रदायिक रंग
शुरुआत में यह मामला सड़क पर मौजूद एक गाय को हटाने को लेकर हुआ विवाद बताया जा रहा था, लेकिन बुजुर्ग की पहचान और 'गौ अपमान' के आरोप के बाद घटना को सांप्रदायिक रंग मिलने की बात सामने आई है।
ऐसे मामलों में किसी भी पक्ष की ओर से जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने के बजाय तथ्यों और कानून के आधार पर कार्रवाई करना महत्वपूर्ण होता है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर भी यह जरूरी है कि पूरे घटनाक्रम की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाए।
बुजुर्ग के साथ व्यवहार पर उठे सवाल
घटना में सबसे गंभीर सवाल बुजुर्ग को कथित तौर पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए मजबूर किए जाने को लेकर है। यदि किसी व्यक्ति ने गाय के साथ गलत व्यवहार किया था, तो उसके खिलाफ शिकायत पुलिस या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के पास की जा सकती थी।





