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अमित शाह के भोपाल दौरे की तैयारियों की CM मोहन यादव ने की समीक्षा

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई अहम बैठकों की अध्यक्षता की। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 3 अक्टूबर को प्रस्तावित भोपाल दौरे की तैयारियों की समीक्षा करना था। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सामान्य प्रशासन विभाग यानी GAD के अधिकारियों के साथ सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन, अनुकंपा नियुक्ति और अन्य प्रशासनिक विषयों पर भी चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं हो। सुरक्षा, यातायात, कार्यक्रम स्थल, अतिथियों की आवाजाही और विभागीय समन्वय जैसे विषयों पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली गई। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए।
अमित शाह के भोपाल दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस, जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के बीच समन्वय बैठकों का दौर चल रहा है। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों से कार्यक्रम की रूपरेखा, सुरक्षा व्यवस्था और संभावित कार्यक्रम स्थलों की तैयारियों पर भी जानकारी ली।
इसी दौरान सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों के साथ एक अलग बैठक में सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को पदोन्नति प्रक्रिया में प्रस्तावित बदलावों और विभागीय स्तर पर तैयार सिफारिशों के बारे में जानकारी दी।
राज्य के सरकारी कर्मचारियों के बीच प्रमोशन लंबे समय से महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। ऐसे में सरकार की ओर से इस विषय पर प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा किए जाने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय से पहले उसके कानूनी, प्रशासनिक और वित्तीय पहलुओं का पूरी तरह परीक्षण किया जाए।
बैठक में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। सरकारी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होने की स्थिति में उसके आश्रित को नियमों के तहत अनुकंपा नियुक्ति देने का प्रावधान है। इस प्रक्रिया को लेकर समय-समय पर पात्रता, दस्तावेज और रिक्त पदों से जुड़े सवाल सामने आते रहे हैं।
GAD के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के सामने अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े मौजूदा प्रावधानों और संभावित बदलावों का विवरण रखा। इस बात पर विचार किया गया कि प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट, समयबद्ध और व्यवस्थित कैसे बनाया जा सकता है, ताकि पात्र परिवारों को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों से कहा कि सरकारी कर्मचारियों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और पारदर्शिता दोनों जरूरी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नियमों में प्रस्तावित किसी भी बदलाव का उद्देश्य व्यवस्था को सरल बनाना और प्रशासनिक अड़चनों को कम करना होना चाहिए।
प्रमोशन और अनुकंपा नियुक्ति से जुड़ी चर्चा के दौरान विभिन्न विभागों से आने वाली व्यावहारिक समस्याओं पर भी विचार किया गया। कई बार विभागों में रिक्त पद, वरिष्ठता, आरक्षण, सेवा नियम और कानूनी प्रकरणों के कारण निर्णय लंबित हो जाते हैं। ऐसे मामलों में एक स्पष्ट और लागू करने योग्य व्यवस्था बनाने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से लंबित मामलों की स्थिति भी पूछी और ऐसे प्रकरणों की सूची तैयार करने को कहा जिनमें लंबे समय से निर्णय नहीं हो पाया है। उन्होंने निर्देश दिया कि कर्मचारियों से जुड़े प्रशासनिक मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि विभागीय स्तर पर प्रमोशन प्रक्रिया को और व्यवस्थित बनाने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग का इस्तेमाल किस तरह बढ़ाया जा सकता है। यदि प्रस्ताव लागू होते हैं तो अलग-अलग विभागों में पदोन्नति से जुड़ी प्रक्रिया और समय सीमा को लेकर एक समान व्यवस्था बनाने का प्रयास किया जा सकता है।
सरकारी कर्मचारियों के लिए प्रमोशन केवल पद और वेतन से जुड़ा मामला नहीं होता, बल्कि इससे उनकी वरिष्ठता, जिम्मेदारी और सेवा संतुष्टि भी जुड़ी होती है। इसी वजह से सरकार इस विषय पर किसी भी बदलाव को व्यापक समीक्षा के बाद ही लागू करना चाहती है।
अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में भी सरकार का ध्यान प्रक्रिया को मानवीय और व्यावहारिक बनाए रखने पर है। परिवार के कमाऊ सदस्य की मृत्यु के बाद आश्रितों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में पात्र मामलों का समय पर निपटारा जरूरी माना जाता है।
मुख्यमंत्री की इन बैठकों में राज्य प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अलग-अलग विभागों के अधिकारियों ने अपनी-अपनी जिम्मेदारियों और तैयारियों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। अमित शाह के दौरे से जुड़ी बैठक में खासतौर पर सुरक्षा और प्रोटोकॉल व्यवस्था पर जोर दिया गया।
भोपाल में 3 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए शहर में कई स्तरों पर तैयारी चल रही है। कार्यक्रम स्थल और मार्ग व्यवस्था को लेकर भी संबंधित एजेंसियों से रिपोर्ट मांगी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यवस्थाएं ऐसी हों कि आम लोगों को कम से कम असुविधा हो।
इस दौरान प्रशासनिक सुधारों से जुड़े अन्य विषयों पर भी संक्षिप्त चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रस्तावों को स्पष्ट तथ्यों और कानूनी स्थिति के साथ जल्द तैयार किया जाए, ताकि सरकार आगे उचित निर्णय ले सके।
फिलहाल सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन और अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े प्रस्ताव समीक्षा के स्तर पर हैं। इन पर अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया गया है। सरकार विभिन्न विभागों से मिलने वाली जानकारी और कानूनी राय के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय करेगी।
दूसरी ओर अमित शाह के भोपाल दौरे को लेकर तैयारियां अंतिम चरण की ओर बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रम से संबंधित सभी व्यवस्थाओं को समय पर पूरा किया जाए और विभागों के बीच बेहतर समन्वय रखा जाए।
बुधवार को हुई इन बैठकों से साफ है कि राज्य सरकार एक तरफ केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे की प्रशासनिक तैयारियों पर ध्यान दे रही है, वहीं दूसरी तरफ कर्मचारियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी मंथन जारी है। प्रमोशन और अनुकंपा नियुक्ति के प्रस्तावों पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर प्रदेश के हजारों सरकारी कर्मचारियों की नजर रहेगी।





