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पुलिस मुख्यालय का स्पष्ट निर्देश: अब बिना अधिकार पासपोर्ट जब्त नहीं कर सकेगी पुलिस

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने फील्ड स्टाफ और सभी जिला इकाइयों को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि पुलिस किसी भी व्यक्ति का पासपोर्ट इस आधार पर जब्त नहीं कर सकती कि वह विदेश भाग सकता है। यह निर्देश राज्य में पासपोर्ट जब्ती से जुड़े बढ़ते मामलों और शिकायतों के बाद जारी किया गया है।
क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट के विशेष महानिदेशक (स्पेशल DG) पंकज श्रीवास्तव द्वारा भोपाल और इंदौर के पुलिस कमिश्नरों सहित सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को यह निर्देश भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि पासपोर्ट एक्ट 1967 के तहत राज्य पुलिस को इस तरह की कार्रवाई का अधिकार नहीं है।
निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कई मामलों में पुलिस द्वारा जांच के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों के पासपोर्ट जब्त किए जाते रहे हैं, यह मानते हुए कि वे देश छोड़कर फरार हो सकते हैं। कई बार यह कार्रवाई तलाशी अभियानों के दौरान भी देखने को मिली है। लेकिन अब पुलिस मुख्यालय ने साफ कर दिया है कि इस तरह की जब्ती कानूनी रूप से मान्य नहीं है।
गाइडलाइंस के अनुसार, पासपोर्ट जब्ती या उससे जुड़ी किसी भी कार्रवाई का अधिकार केवल केंद्र सरकार या उसके द्वारा अधिकृत अधिकारी या एजेंसी के पास ही होता है। राज्य पुलिस बल को इस संबंध में सीधे कोई अधिकार प्राप्त नहीं है।
इस संदर्भ में पासपोर्ट एक्ट 1967 के सेक्शन 15 का हवाला दिया गया है, जिसमें यह प्रावधान है कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ पासपोर्ट से संबंधित कार्रवाई केवल केंद्र सरकार की लिखित अनुमति या विशेष रूप से अधिकृत अधिकारी के आदेश से ही की जा सकती है।
पुलिस मुख्यालय का यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हाल के वर्षों में कई मामलों में पुलिस द्वारा पासपोर्ट जब्ती को लेकर कानूनी विवाद सामने आए हैं। कई बार ऐसे मामलों को लेकर अदालतों में भी सवाल उठ चुके हैं।
इस नए निर्देश के बाद राज्य की सभी पुलिस इकाइयों को स्पष्ट कर दिया गया है कि वे जांच प्रक्रिया के दौरान भी पासपोर्ट से संबंधित किसी भी कार्रवाई में कानूनी सीमा का पालन करें और अनधिकृत रूप से किसी दस्तावेज को जब्त न करें।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्देश पुलिस और जांच एजेंसियों के बीच अधिकार क्षेत्र को स्पष्ट करता है और भविष्य में अनावश्यक कानूनी विवादों को रोकने में मदद करेगा। इससे जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और नियमों के अनुरूप होगी।
PHQ के इस आदेश के बाद उम्मीद की जा रही है कि राज्य में जांच प्रक्रियाओं के दौरान पासपोर्ट से जुड़ी कार्रवाई अधिक नियंत्रित और कानून सम्मत तरीके से की जाएगी।





