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इंदौर : सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को लेकर पश्चिम रेलवे ने सफाई जारी की है। वीडियो में एक रेलवे कर्मचारी को ट्रेन से उतरकर सड़क किनारे लगी दुकान से समोसा खरीदते हुए दिखाया गया था। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा था कि लोको पायलट ने नाश्ता खरीदने के लिए जानबूझकर ट्रेन को रोक दिया था। पश्चिम रेलवे ने इन दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है।
पश्चिम रेलवे ने कहा कि ट्रेन रुकने की वजह किसी कर्मचारी का निजी काम नहीं था, बल्कि उस समय रेलवे ट्रैक पर चल रहा इंजीनियरिंग कार्य था। इसी कारण ट्रेन को कुछ समय के लिए रोका गया था।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
ट्रेन रोकी... सिर्फ 10 समोसे लेने के लिए! 😂
— Journalist Ravendra kumar (@Chhotukingoffi1) July 7, 2026
इंदौर में एक लोको पायलट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि समोसे खाने का मन हुआ तो उन्होंने दुकान देखकर ट्रेन रोक दी, नीचे उतरकर 10 समोसे पैक करवाए और फिर वापस ट्रेन चलाकर निकल पड़े!#viralvideo pic.twitter.com/8OQc73iJNV
हाल के दिनों में एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हुआ। इसमें एक रेलवे स्टाफ सदस्य ट्रेन से नीचे उतरता दिखाई दे रहा था। वीडियो में कर्मचारी को पटरियों के पास मौजूद एक दुकान से कुछ खरीदते हुए देखा गया।
वीडियो के साथ यह दावा किया गया कि ट्रेन को समोसा खरीदने के लिए रोका गया और लोको पायलट ने यात्रियों की परेशानी की परवाह किए बिना ऐसा किया।
इस दावे के बाद सोशल मीडिया पर रेलवे व्यवस्था को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
पश्चिम रेलवे ने बताया सच्चाई
वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पश्चिम रेलवे ने मामले की जांच की और स्पष्ट किया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा सही नहीं है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि जिस समय वीडियो रिकॉर्ड किया गया, उस दौरान ट्रैक पर इंजीनियरिंग से जुड़ा काम चल रहा था। सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए ट्रेन को निर्धारित प्रक्रिया के तहत रोका गया था।
रेलवे ने कहा कि ट्रेन रुकने के दौरान कर्मचारी का दुकान से सामान लेना अलग घटना थी और इसे ट्रेन रोकने का कारण बताना गलत है।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
पश्चिम रेलवे ने कहा कि रेलवे संचालन में यात्रियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होती है। किसी भी ट्रेन को बिना कारण रोका नहीं जाता और हर रुकावट के पीछे संचालन संबंधी वजह होती है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रैक पर मरम्मत या रखरखाव जैसे कार्यों के दौरान ट्रेनों की गति नियंत्रित की जाती है या उन्हें कुछ समय के लिए रोका जाता है, ताकि यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
गलत जानकारी फैलाने से बचने की अपील
रेलवे ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो या संदेशों को बिना पुष्टि किए साझा न करें।
अधिकारियों ने कहा कि कई बार अधूरी जानकारी या गलत दावों के कारण रेलवे और कर्मचारियों की छवि प्रभावित होती है। ऐसे मामलों में सही जानकारी सामने लाना जरूरी है।
रेलवे की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले कुछ वीडियो को गलत संदर्भ के साथ पेश किया जाता है, जिससे लोगों में भ्रम पैदा होता है।
पश्चिम रेलवे ने कहा कि वह यात्रियों को बेहतर सेवा देने और सुरक्षित रेल संचालन के लिए लगातार काम कर रहा है। किसी भी कर्मचारी की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई की जाती है, लेकिन इस मामले में वायरल दावा तथ्यहीन पाया गया।
जांच के बाद स्थिति साफ
वायरल वीडियो को लेकर उठे सवालों के बाद पश्चिम रेलवे की सफाई से स्थिति स्पष्ट हो गई है। रेलवे ने दोहराया कि ट्रेन समोसा खरीदने के लिए नहीं रोकी गई थी, बल्कि तकनीकी और इंजीनियरिंग कार्यों के कारण उसका संचालन प्रभावित हुआ था।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और किसी भी वायरल सामग्री को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें।





