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मध्य प्रदेश
खरगोन में BJP नेता साहेबराम चौहान की चाकू से हत्या
Rajeshwari Nishad
21 Oct 2026 2:43 PM IST

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खरगोन : मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से हत्या की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। भीकनगांव थाना क्षेत्र के रामपुरा गांव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सेवरी धाम मंडल के सोशल मीडिया प्रभारी साहेबराम चौहान की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस वारदात के पीछे आपसी विवाद को लेकर रंजिश की बात सामने आई है। आरोप है कि साहेबराम चौहान ने कुछ समय पहले सुभाष और उसके पिता के बीच चल रहे विवाद में हस्तक्षेप करते हुए उसे समझाने की कोशिश की थी। इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने अपने एक साथी के साथ मिलकर साहेबराम पर हमला कर दिया।
इस घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई। राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या की खबर सामने आने के बाद मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, घटना से जुड़े सभी तथ्यों, आरोपियों की भूमिका और हत्या के पीछे की परिस्थितियों की पुष्टि पुलिस जांच के आधार पर होना जरूरी है।
पिता से विवाद में समझाने पर बढ़ी रंजिश
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आरोपी सुभाष का अपने पिता के साथ किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि साहेबराम चौहान ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए सुभाष को समझाया था। उनका उद्देश्य विवाद को शांत कराना था, लेकिन आरोप है कि सुभाष ने इस बात को अपने खिलाफ लिया और साहेबराम से खुन्नस रखने लगा।
इसी रंजिश को हत्या की वजह बताया जा रहा है। आरोप है कि सुभाष ने अपने साथी के साथ मिलकर साहेबराम चौहान पर चाकू से हमला किया। हमले में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौत हो गई। हालांकि, विवाद कब हुआ था, समझाने के दौरान क्या बातचीत हुई थी और हमले से पहले आरोपियों तथा साहेबराम के बीच कोई अन्य विवाद हुआ था या नहीं, इसकी विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
रामपुरा गांव में घटना से फैली सनसनी
खरगोन जिले के रामपुरा गांव में हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया। किसी विवाद को सुलझाने के लिए समझाने वाले व्यक्ति की ही हत्या किए जाने की बात सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है। गांव में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
ऐसी घटनाएं बताती हैं कि आपसी विवादों को समय रहते शांत करना और गुस्से में कोई कदम उठाने से बचना कितना जरूरी है। हालांकि, किसी भी घटना के पीछे की वास्तविक वजह का निष्कर्ष केवल शुरुआती जानकारी के आधार पर नहीं निकाला जा सकता। पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही यह स्पष्ट होगा कि वारदात किस तरह हुई और इसमें किन लोगों की क्या भूमिका रही।
बीजेपी के सोशल मीडिया प्रभारी थे साहेबराम चौहान
साहेबराम चौहान बीजेपी के सेवरी धाम मंडल में सोशल मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी निभा रहे थे। राजनीतिक संगठन से जुड़े होने के कारण उनकी हत्या की खबर स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में उनके संगठनात्मक कार्यों और घटना से पहले की गतिविधियों के बारे में अधिक विवरण सामने नहीं आया है।
यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि हत्या का किसी राजनीतिक विवाद से कोई संबंध था या नहीं। शुरुआती जानकारी में वारदात की वजह सुभाष और उसके पिता के बीच चल रहे विवाद में साहेबराम के हस्तक्षेप से जुड़ी रंजिश बताई गई है। इसलिए किसी राजनीतिक कारण को घटना से जोड़ने से पहले पुलिस की आधिकारिक जांच और बयान का इंतजार करना जरूरी है।
आरोपी और उसके साथी की भूमिका जांच के दायरे में
मामले में सुभाष और उसके साथी पर मिलकर हत्या करने का आरोप है। पुलिस जांच में यह महत्वपूर्ण होगा कि हमले की योजना कैसे बनी, घटना के समय कौन-कौन मौजूद था और वारदात के बाद आरोपी कहां गए। इसके साथ ही चश्मदीदों के बयान, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर घटना की कड़ियों को जोड़ा जा सकता है।
जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाना जरूरी होगा कि साहेबराम चौहान और आरोपी के बीच पहले से किसी तरह का विवाद था या नहीं। यदि घटना से पहले धमकी, कहासुनी या किसी अन्य टकराव की जानकारी सामने आती है, तो वह भी जांच का हिस्सा हो सकती है।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
रामपुरा गांव में बीजेपी के सोशल मीडिया प्रभारी साहेबराम चौहान की चाकू मारकर हत्या का मामला गंभीर है। शुरुआती जानकारी में हत्या के पीछे व्यक्तिगत रंजिश की बात कही जा रही है। आरोप है कि पिता से विवाद के मामले में साहेबराम द्वारा सुभाष को समझाने के बाद आरोपी नाराज हो गया और उसने अपने साथी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
फिलहाल घटना की पूरी परिस्थितियों, आरोपियों के खिलाफ की गई कार्रवाई और पुलिस जांच की प्रगति से संबंधित आधिकारिक विवरण की पुष्टि जरूरी है। जांच पूरी होने के बाद ही हत्या की वजह, आरोपियों की भूमिका और घटनाक्रम को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
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