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भोपाल नगर निगम: CM हेल्पलाइन लापरवाही पर अधिकारियों को नोटिस

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : भोपाल में बुधवार को अटल भवन में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक के दौरान भोपाल नगर निगम (BMC) की कमिश्नर संस्कृति जैन ने CM हेल्पलाइन से जुड़ी शिकायतों के निपटारे में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। बैठक में शिकायतों के लंबे समय तक लंबित रहने और गलत तरीके से उन्हें ‘हल हो गया’ (resolved) दिखाने पर कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
नोटिस पाने वालों में एडिशनल कमिश्नर मुकेश शर्मा, एक डिप्टी कमिश्नर, एक ज़ोनल अधिकारी और गार्डन विभाग से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। कमिश्नर ने इस बात पर नाराज़गी जताई कि कई मामलों में बिना सही स्थल निरीक्षण और सत्यापन के ही शिकायतों को बंद कर दिया गया, जो प्रशासनिक प्रक्रिया की गंभीर अनदेखी को दर्शाता है।
बैठक में यह भी सामने आया कि कुछ शिकायतों का समाधान केवल कागज़ों पर दिखाया गया, जबकि वास्तविक स्तर पर समस्या जस की तस बनी रही। इस पर कमिश्नर संस्कृति जैन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में किसी भी शिकायत को तभी बंद माना जाए जब उसका मौके पर जाकर पूरी तरह सत्यापन कर लिया जाए।
गार्डन विभाग से जुड़े एक मामले में भी कार्रवाई की गई। असिस्टेंट गार्डन सुपरिंटेंडेंट ममता ब्राह्मे को नोटिस जारी किया गया है। वहीं एक गार्डन सुपरवाइज़र पर गंभीर लापरवाही के चलते 10 दिन की सैलरी काटने की पेनल्टी लगाई गई है। कमिश्नर ने कहा कि विभागीय काम में ढिलाई और गलत रिपोर्टिंग को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में CM हेल्पलाइन से जुड़ी कई लंबित शिकायतों की समीक्षा की गई, जिसमें यह पाया गया कि विभिन्न विभागों द्वारा समय पर कार्रवाई नहीं की गई थी। इस पर कमिश्नर ने सभी अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की शिकायतों का समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों को तय समयसीमा के भीतर निपटाया जाए और हर शिकायत का रिकॉर्ड पारदर्शी तरीके से अपडेट किया जाए। इसके साथ ही फील्ड विज़िट और निरीक्षण रिपोर्ट को अनिवार्य बनाने पर भी जोर दिया गया।
नगर निगम की इस सख्ती को प्रशासनिक व्यवस्था सुधारने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। अधिकारियों को दी गई चेतावनी के बाद अब विभागों में जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।





