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Rajmohalla से राजवाड़ा तक ‘केसरिया बाना’ यात्रा, एकता का संदेश

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : राजमोहल्ला से राजवाड़ा तक बुधवार को भव्य ‘केसरिया बाना’ यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों युवाओं ने केसरिया झंडे और पारंपरिक पोशाकों में भाग लेकर हिंदू समरसता, एकता और सांस्कृतिक जागरूकता का संदेश दिया। यह यात्रा ‘मंगल की भव्य केसरिया बाना’ टीम द्वारा आयोजित की गई थी और रास्ते में कई स्थानों पर इसे गर्मजोशी से स्वागत मिला।
यात्रा का मार्ग राजमोहल्ला से प्रारंभ होकर मुख्य बाजार और गलियों के माध्यम से राजवाड़ा तक फैला हुआ था। यात्रा में शामिल युवा समूहों ने भक्ति गीत गाए, मंत्रोच्चार किया और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों पर नृत्य प्रस्तुत किया। इस दौरान राहगीरों और स्थानीय नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
आयोजन में उपस्थित आयोजकों ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज में भाईचारा और धार्मिक समरसता को बढ़ावा देना है। आयोजकों ने कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ना और उनके बीच सामाजिक एकता का संदेश फैलाना हमारी प्राथमिकता है।
यात्रा के दौरान रंग-बिरंगी झांकियों का भी प्रदर्शन किया गया, जिसमें देवी-देवताओं की मूर्तियों, पारंपरिक परिधान और स्थानीय सांस्कृतिक प्रतीकों को प्रमुखता से दिखाया गया। प्रतिभागियों ने झांकियों और नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से सांस्कृतिक गौरव का संदेश दिया और लोगों को अपनी परंपराओं के महत्व से अवगत कराया।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित की, ताकि कार्यक्रम व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। आयोजकों ने सभी नागरिकों और युवाओं से सहयोग की अपील की और कहा कि इस तरह की सांस्कृतिक गतिविधियों से समुदायों के बीच आपसी समझ और सहयोग बढ़ता है।
यात्रा में शामिल युवाओं ने कहा कि ‘केसरिया बाना’ केवल एक धार्मिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह समाज में एकता, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। उन्होंने इस अवसर पर अपने संदेश में कहा कि युवा वर्ग को अपने सांस्कृतिक मूल्यों और परंपराओं से जुड़े रहना चाहिए।
इस भव्य यात्रा ने पूरे क्षेत्र में एक उत्सव का माहौल पैदा किया। भक्ति गीतों, मंत्रोच्चार और पारंपरिक संगीत के संगम ने नागरिकों और राहगीरों का ध्यान खींचा। वहीं, बच्चों और बुजुर्गों ने भी उत्साहपूर्वक इस यात्रा में भाग लिया और आयोजकों के प्रयासों की सराहना की।
आयोजन का समापन राजवाड़ा में मुख्य मंच पर हुआ, जहां प्रमुख आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों को और व्यापक स्तर पर आयोजित करने का संकल्प लिया।





