मध्य प्रदेश

भोजशाला परिसर विवाद: मुफ्त प्रवेश, बंद कमरे की जांच और प्रतीकों को हटाने की मांग

Kavita2
21 May 2026 10:41 AM IST
भोजशाला परिसर विवाद: मुफ्त प्रवेश, बंद कमरे की जांच और प्रतीकों को हटाने की मांग
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला परिसर को लेकर एक बार फिर नया विवाद सामने आया है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा हाल ही में इस परिसर को वाग्देवी मंदिर घोषित किए जाने के कुछ दिनों बाद हिंदू पक्ष के दो याचिकाकर्ताओं ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को आवेदन देकर कई नई मांगें रखी हैं। इन मांगों में भक्तों के लिए मुफ्त प्रवेश, बंद कमरे की जांच और परिसर से कथित प्रतीकों को हटाने की बात शामिल है।

‘हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ से जुड़े याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने बुधवार को ASI को दिए अपने आवेदन में कहा कि भोजशाला परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं से लिया जा रहा 1 रुपये का प्रवेश शुल्क भी समाप्त किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि यह शुल्क मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के 15 मई के उस आदेश के विपरीत है, जिसमें इस स्थल को मंदिर के रूप में मान्यता दी गई थी। याचिकाकर्ता का दावा है कि धार्मिक स्थल पर किसी भी प्रकार का शुल्क लेना उचित नहीं है और इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए।

आवेदन में यह भी कहा गया है कि परिसर के नीचे या आसपास हनुमान और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां दबे होने की संभावना है, जिसकी जांच की जानी चाहिए। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि परिसर के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित एक बंद कमरे को तुरंत खोला जाए। उनका दावा है कि यह कमरा मूल मंदिर संरचना का हिस्सा हो सकता है और इसके खुलने से ऐतिहासिक तथ्यों की पुष्टि हो सकती है।

इसके साथ ही याचिका में यह भी आग्रह किया गया है कि परिसर में मौजूद कथित "अनाधिकृत इस्लामी प्रतीकों" को हटाया जाए। याचिकाकर्ता का कहना है कि हाई कोर्ट के फैसले के बाद परिसर को उसके मूल धार्मिक स्वरूप के अनुरूप विकसित किया जाना चाहिए।

इस आवेदन के बाद भोजशाला परिसर एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। हालांकि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण या प्रशासन की ओर से इस पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

गौरतलब है कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद भोजशाला परिसर को लेकर पहले से ही संवेदनशील माहौल बना हुआ है। दोनों पक्षों की ओर से लगातार अलग-अलग दावे और मांगें सामने आ रही हैं, जिससे मामला और जटिल होता जा रहा है।

स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है और सुरक्षा व्यवस्था को भी सतर्क रखा गया है ताकि किसी प्रकार की तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न न हो। फिलहाल सभी की नजरें ASI की संभावित कार्रवाई और आगे के निर्णय पर टिकी हुई हैं।

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