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MP : सोशल मीडिया दोस्ती से शुरू हुआ मामला स्टॉकिंग तक पहुंचा, बिहार के युवक पर केस दर्ज

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : इंदौर में एक 22 वर्षीय फिजियोथेरेपी छात्रा को कथित रूप से परेशान करने के मामले में बिहार के एक युवक के खिलाफ संयोगितागंज पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता MY अस्पताल में पार्ट-टाइम काम भी करती है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता फिलहाल फिजियोथेरेपी की पढ़ाई कर रही है। उसने शिकायत में बताया कि लगभग चार महीने पहले उसकी सोशल मीडिया के माध्यम से एक युवक से दोस्ती हुई थी। आरोपी की पहचान बिहार के दानापुर दीघा निवासी उत्कर्ष कुमार सिंह के रूप में हुई है। शुरुआती बातचीत के बाद दोनों के बीच दोस्ती बढ़ी और वे एक-दूसरे से मिलने पर सहमत हो गए थे।
कुछ समय तक सामान्य बातचीत के बाद आरोपी का व्यवहार बदल गया। शिकायत के अनुसार, उसने पीड़िता की मर्जी के बिना उसके घर और कॉलेज के नाम पर ऑनलाइन गिफ्ट भेजना शुरू कर दिया। इसके साथ ही वह बिना अनुमति के उसके घर और कॉलेज परिसर के बाहर आने-जाने लगा, जिससे छात्रा असहज महसूस करने लगी।
आरोपी के इस व्यवहार से परेशान होकर पीड़िता ने उससे सभी प्रकार के संबंध समाप्त कर दिए और उसे संपर्क न करने के लिए स्पष्ट रूप से कहा। हालांकि, इसके बावजूद आरोपी ने कथित तौर पर उसका पीछा करना जारी रखा और अलग-अलग माध्यमों से संपर्क करने की कोशिश करता रहा।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने पीड़िता के नाम से एक फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल बना ली और उस पर उसकी तस्वीरें अपलोड करना शुरू कर दिया। जब छात्रा ने इस फर्जी अकाउंट के बारे में आरोपी से बात की और उसे हटाने के लिए कहा, तो उसने इसे हटाने से इनकार कर दिया।
इसके बाद स्थिति और गंभीर हो गई, जब आरोपी ने कथित रूप से फोन कॉल और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रा का लगातार पीछा जारी रखा। लगातार बढ़ती परेशानी के चलते छात्रा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और साइबर सेल की मदद से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग और ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस आरोपी की गतिविधियों, सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। मामले को स्टॉकिंग और साइबर उत्पीड़न से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।





