मध्य प्रदेश

नर्मदा नदी में धार्मिक आयोजन के दौरान प्रदूषण के आरोप, NGT ने केंद्र और राज्य बोर्ड से मांगा जवाब

Kavita2
19 May 2026 2:48 PM IST
नर्मदा नदी में धार्मिक आयोजन के दौरान प्रदूषण के आरोप, NGT ने केंद्र और राज्य बोर्ड से मांगा जवाब
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Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी से जुड़े एक धार्मिक आयोजन में बड़े पैमाने पर पर्यावरणीय नियमों के कथित उल्लंघन के आरोपों पर केंद्र और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों से जवाब तलब किया है। मामला एक याचिका के माध्यम से सामने आया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान नदी में भारी मात्रा में दूध और साड़ियों का विसर्जन किया गया।

याचिका के अनुसार, मध्य प्रदेश के एक स्थान पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान नर्मदा नदी में करीब 11,000 लीटर दूध और लगभग 210 साड़ियां चढ़ाई गईं। याचिकाकर्ता का कहना है कि इस तरह की गतिविधियाँ नदी के जल को प्रदूषित करती हैं और मौजूदा पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन करती हैं।

इस मामले पर सुनवाई करते हुए NGT ने संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। ट्रिब्यूनल ने केंद्र सरकार, मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे इस बात की जांच करें कि क्या इस तरह के धार्मिक अनुष्ठान मौजूदा पर्यावरण संरक्षण मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।

NGT ने यह भी कहा है कि यदि ऐसे आयोजनों से नदी और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, तो क्या इनके लिए नए और सख्त प्रदूषण-नियंत्रण नियमों की आवश्यकता है। ट्रिब्यूनल ने अधिकारियों से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।

याचिकाकर्ता ने अपने आवेदन में दावा किया है कि धार्मिक आस्था के नाम पर की जाने वाली ऐसी परंपराएं प्राकृतिक संसाधनों के लिए हानिकारक साबित हो सकती हैं और इससे नदी की पारिस्थितिकी पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।

अब इस मामले में अगली सुनवाई में संबंधित एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। NGT ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक गतिविधियों के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है, ताकि किसी भी प्राकृतिक स्रोत को नुकसान न पहुंचे।

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