मध्य प्रदेश

प्रशासन की कार्रवाई शून्य : PM 2.5 और RAPM बढ़ा, सांस के जरिए फेफड़ों तक जा रहे सूक्ष्म कण

Gulabi Jagat
5 April 2025 9:14 PM IST
प्रशासन की कार्रवाई शून्य : PM 2.5 और RAPM बढ़ा, सांस के जरिए फेफड़ों तक जा रहे सूक्ष्म कण
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Raisen। अधिकांश जगहों पर गेहूं कटाई के बाद खेतों में जल रही नरवाई (फसल अवशेष) से जिले में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। शनिवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 152 दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन गुना अधिक है।
हवा में रेस्पिरेबल सस्पेंडेड पार्टिफुलेट मैटर (आरएसपीएम) 57.5 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंच गया। जो सांस के मरीजों के लिए नुकसानदायक है।
लगातार प्रदूषित हवा के कारण लोगों को आंखों में जलन, नाक में खुजली और सांस संबंधी दिक्कतें हो रही हैं।
वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नगर पालिका कार्यालय में लगे उपकरणों को सक्रिय कर दो दिनों तक हवा के सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू की है। बोर्ड के अनुसार, साफ हवा के लिए एक्यूआई 50 से अधिक नहीं होना चाहिए। लेकिन अभी की स्थिति में यह 152 तक पहुंच गया है। 150 से ज्यादा होने पर सांस रोगियों को समस्या हो सकती है। रात के समय भी 150 से ऊपर दर्ज हो रहा है, जिससे स्पष्ट है कि हवा लगातार प्रदूषित बनी हुई है।
प्रदूषण का मुख्य कारण....
नरवाई जलाने से रोकने के लिए कृषि विभाग जागरूकता कार्यक्रम कर रहा है। इसके कारण नरवाई जलाने की घटनाओं में कमी आ रही है। रोक के बाद नरवाई जलाने के मामले में कार्रवाई राजस्व विभाग को करना है।-एनपी सुमन, उप संचालक कृषि विभाग रायसेन एक्यूआई का 152 तक पहुंचना गंभीर संकेत है। नरवाई जलाने से वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है, जिससे लोगों की सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। हमारी यूनिट दो दिनों तक सैंपल लेकर इसकी विस्तृत जांच कर रही है।
अभय सराफ रीजनल प्रबंधक पॉल्यूशन बोर्ड मंडीदीप
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