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गांधी जयंती पर जबलपुर में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई, 1005 लीटर शराब जब्त; दो गिरफ्तार

जबलपुर। गांधी जयंती के मौके पर जबलपुर पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए रांझी थाना क्षेत्र में तीन अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। पुलिस ने करीब 5 लाख रुपये कीमत की 1005 लीटर शराब जब्त की है। शराब को कुल 112 पेटियों में रखा गया था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि शराब की सप्लाई से जुड़े आरोपी बल्लू पटवा को तीनों मामलों में आरोपी बनाया गया है।
रांझी थाना पुलिस के अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री और सप्लाई करने वालों के संबंध में लगातार जानकारी जुटाई जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को अवैध शराब के स्टॉक और उसकी सप्लाई से जुड़ी गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने अलग-अलग टीमों का गठन किया और एक साथ तीन स्थानों पर दबिश देने की योजना बनाई।
रांझी थाना प्रभारी उमेश गोलहानी के मुताबिक, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम पहले से ही अवैध शराब का कारोबार करने वालों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान मिली विशेष जानकारी के आधार पर कार्रवाई की गई। तीन टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की, जिससे शराब के स्टॉक को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने या छिपाने की कोशिश पर रोक लगाई जा सके।
पुलिस की पहली टीम ने एक स्थान पर दबिश देकर 40 पेटी शराब बरामद की। इसके बाद दूसरी टीम ने अलग स्थान से 17 पेटी शराब जब्त की। वहीं तीसरी टीम ने कार्रवाई करते हुए 55 पेटी शराब बरामद की। इस तरह तीनों स्थानों से कुल 112 पेटियां पुलिस के कब्जे में आईं।
बरामद शराब की कुल मात्रा करीब 1005 लीटर बताई गई है। पुलिस के अनुसार इसकी अनुमानित कीमत लगभग 5 लाख रुपये है। इतनी बड़ी मात्रा में शराब मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की और शराब के स्रोत तथा सप्लाई नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटाई।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। वहीं पुलिस ने शराब सप्लाई करने के आरोपी बल्लू पटवा को तीनों मामलों में आरोपी बनाया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर शराब की सप्लाई किस तरह की जाती थी और इसमें कितने लोग शामिल थे।
गांधी जयंती के दिन हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने साफ किया कि अवैध शराब के कारोबार पर निगरानी जारी रहेगी। तीन अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी करने से पुलिस को बड़ी मात्रा में शराब बरामद करने में सफलता मिली। कार्रवाई से जुड़े सभी दस्तावेज और जब्त शराब को नियमानुसार सुरक्षित किया गया है।
पुलिस अब गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ में यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि उन्होंने शराब कहां से हासिल की थी और इसे आगे कहां पहुंचाया जाना था। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि बल्लू पटवा के साथ उनका संपर्क किस माध्यम से था और तीनों मामलों के बीच क्या संबंध है।
जांच में पुलिस यह भी पता लगा सकती है कि बरामद शराब किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है या अलग-अलग स्थानों पर स्थानीय स्तर पर इसका भंडारण किया गया था। यदि पूछताछ में अन्य लोगों के नाम सामने आते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
अवैध शराब की बिक्री और भंडारण से जुड़ी गतिविधियों पर कार्रवाई पुलिस के लिए कानून-व्यवस्था के साथ-साथ राजस्व और सार्वजनिक सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण होती है। इसी वजह से रांझी पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर संदिग्ध स्थानों और लोगों के बारे में जानकारी जुटाने का अभियान चलाया था।
तीनों स्थानों से शराब बरामद होने के बाद पुलिस ने यह भी जांच शुरू की है कि इन जगहों का इस्तेमाल केवल शराब रखने के लिए किया जा रहा था या वहां से नियमित रूप से शराब की सप्लाई की जाती थी। इसके लिए आसपास के लोगों से जानकारी ली जा सकती है और संभावित संपर्कों की जांच की जा सकती है।
बरामद शराब को कुल 112 पेटियों में रखा गया था। पहली कार्रवाई में 40 पेटी, दूसरी कार्रवाई में 17 पेटी और तीसरी कार्रवाई में 55 पेटी बरामद की गई। अलग-अलग स्थानों पर इतनी मात्रा में शराब मिलने के बाद पुलिस को आशंका है कि इसके पीछे संगठित सप्लाई व्यवस्था हो सकती है। हालांकि इसकी पुष्टि आगे की जांच में ही होगी।
गिरफ्तार आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटाई जा सकती है। यदि उनके खिलाफ पहले से अवैध शराब या किसी अन्य अपराध से जुड़े मामले दर्ज हैं तो उस रिकॉर्ड को वर्तमान जांच में शामिल किया जाएगा। साथ ही दूसरे जिलों में उनके संभावित संपर्कों की जानकारी भी संबंधित पुलिस इकाइयों से ली जा सकती है।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान जब्त शराब की कुल अनुमानित कीमत करीब पांच लाख रुपये बताई गई है। यह बरामदगी रांझी थाना क्षेत्र में एक ही दिन की तीन अलग-अलग कार्रवाइयों से हुई। पुलिस ने सभी मामलों को अलग-अलग दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई है।
शराब के सप्लायर के रूप में बल्लू पटवा का नाम सामने आने के बाद पुलिस उसके बारे में भी जानकारी जुटा रही है। वह कथित तौर पर इन मामलों में शराब सप्लाई से जुड़ा हुआ है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि शराब की खरीद और परिवहन की व्यवस्था कौन करता था और किन इलाकों में इसकी आपूर्ति की जाती थी।
कार्रवाई के बाद रांझी क्षेत्र में अवैध शराब बेचने और रखने वालों के बीच भी हलचल बढ़ी है। पुलिस की निगरानी और छापेमारी के कारण ऐसे लोगों पर दबाव बढ़ने की संभावना है। थाना पुलिस का कहना है कि अवैध शराब की जानकारी मिलने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
जांच का एक अहम पहलू यह होगा कि तीनों स्थानों से मिली शराब एक ही सप्लाई चैन से जुड़ी है या अलग-अलग। पुलिस इस संबंध में आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जरूरत पड़ने पर जब्त शराब, वाहन और अन्य सामान से जुड़े दस्तावेज भी जांचे जाएंगे।
गांधी जयंती पर हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने एक साथ तीन स्थानों पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में शराब जब्त की। इसके अलावा दो लोगों की गिरफ्तारी हुई और कथित सप्लायर बल्लू पटवा को तीनों मामलों में आरोपी बनाया गया। पुलिस के मुताबिक कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर मिली विशेष जानकारी के आधार पर की गई।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए शराब के स्रोत और सप्लाई नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रांझी पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध शराब के खिलाफ अभियान को गति मिली है। तीन अलग-अलग जगहों से 112 पेटियों में 1005 लीटर शराब बरामद होना कार्रवाई के पैमाने को दर्शाता है। अब पुलिस का ध्यान इस बात पर है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब कहां से लाई गई और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
गांधी जयंती के मौके पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने करीब पांच लाख रुपये की अवैध शराब जब्त कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है। बल्लू पटवा को तीनों प्रकरणों में आरोपी बनाए जाने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। आने वाले दिनों में पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले से जुड़े और लोगों की भूमिका सामने आ सकती है।





