मध्य प्रदेश

बरगी बांध के 13 गेट खोले गए, नर्मदा में 1.40 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा

Kavita2
21 Aug 2026 2:10 PM IST
बरगी बांध के 13 गेट खोले गए, नर्मदा में 1.40 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा
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जबलपुर। जबलपुर और बरगी बांध के कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच शुक्रवार को बांध के 13 गेट खोल दिए गए। नर्मदा नदी में पानी के प्रवाह को नियंत्रित करने और बांध में बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर यह कदम उठाया गया। अधिकारियों के अनुसार, सभी 13 गेटों को करीब 2.15 मीटर की ऊंचाई तक खोला गया है। इनसे फिलहाल लगभग 3,988 क्यूमेक यानी 1,40,836 क्यूसेक पानी नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है।

भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद नर्मदा नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि की संभावना है। प्रशासन ने नदी के प्रमुख घाटों और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। जबलपुर में नर्मदा के प्रमुख घाटों पर सिविल डिफेंस की टीमें तैनात की गई हैं, जो लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

भारी बारिश के बीच खोले गए बांध के गेट

जबलपुर सहित बरगी बांध के जलग्रहण क्षेत्र में शुक्रवार को बारिश का दौर जारी रहा। लगातार बारिश के कारण बांध में पानी की आवक बढ़ने लगी। ऐसे में जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए बांध प्रबंधन ने चरणबद्ध तरीके से गेट खोलने का निर्णय लिया।

शुक्रवार को बांध के कुल 13 गेटों को 2.15 मीटर तक उठाया गया। इसके बाद पानी तेज गति से नर्मदा नदी की ओर बहने लगा। बांध के सभी 13 गेटों से एक साथ पानी छोड़े जाने का दृश्य बेहद प्रभावशाली रहा। बड़ी मात्रा में पानी फव्वारे की तरह तेज बहाव के साथ नीचे गिरता दिखाई दिया।

3,988 क्यूमेक पानी का डिस्चार्ज

बांध के 13 गेटों से कुल करीब 3,988 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। क्यूमेक पानी के बहाव की मात्रा मापने की इकाई है। इसे क्यूसेक में देखें तो यह लगभग 1,40,836 क्यूसेक पानी के बराबर है।

इतनी बड़ी मात्रा में पानी नर्मदा में छोड़े जाने के कारण नदी के जलस्तर में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। अधिकारियों और प्रशासन की ओर से नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

नर्मदा का जलस्तर 8 से 10 फीट बढ़ने की संभावना

13 गेट खुलने के बाद नर्मदा नदी के जलस्तर में करीब 8 से 10 फीट तक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। जलस्तर में यह वृद्धि नदी के किनारे स्थित घाटों और निचले इलाकों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ घाटों पर पानी का फैलाव बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन ने नदी के आसपास गतिविधियों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। लोगों को नदी के तेज बहाव से दूर रहने और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

प्रमुख घाटों पर सिविल डिफेंस की नजर

नर्मदा नदी के प्रमुख घाटों पर सिविल डिफेंस की टीमें विशेष निगरानी कर रही हैं। इन टीमों का उद्देश्य नदी के बढ़ते जलस्तर पर नजर रखना और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देना है।

प्रशासन की ओर से घाटों पर आने-जाने वाले लोगों को भी सतर्क किया जा रहा है। विशेष रूप से उन स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है जहां नदी का पानी तेजी से बढ़ने की संभावना है।

कैचमेंट एरिया में बारिश बनी अहम वजह

बरगी बांध के जलस्तर पर कैचमेंट एरिया में होने वाली बारिश का सीधा असर पड़ता है। जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण जलग्रहण क्षेत्र से बांध में पानी की आवक बढ़ी है।

यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो बांध में पानी की आवक और बढ़ सकती है। ऐसे में जलस्तर को सुरक्षित सीमा में बनाए रखने के लिए आगे भी गेटों से पानी छोड़ने की स्थिति बन सकती है। बांध प्रबंधन लगातार जलस्तर और पानी की आवक पर नजर रख रहा है।

निचले इलाकों में रहने वालों को सतर्क रहने की जरूरत

नर्मदा का जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सतर्कता जरूरी हो गई है। नदी में अचानक पानी बढ़ने से घाटों के आसपास का क्षेत्र प्रभावित हो सकता है।

प्रशासन की ओर से लोगों को नदी के किनारे अनावश्यक रूप से नहीं जाने और बच्चों तथा बुजुर्गों को विशेष रूप से नदी से दूर रखने की सलाह दी जा सकती है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण होगा।

बांध का नजारा बना आकर्षण

बरगी बांध के सभी 13 गेटों से एक साथ तेज बहाव के साथ पानी निकलने का दृश्य देखने के लिए लोगों में उत्सुकता भी दिखाई दी। हालांकि, प्रशासन की प्राथमिकता इस समय सुरक्षा और नदी के बढ़ते जलस्तर पर निगरानी बनाए रखना है।

बांध से निकलता पानी बेहद तेज गति से नर्मदा की ओर बढ़ रहा है। भारी बारिश और गेट खुलने के कारण क्षेत्र में नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर लगातार नजर रखी जा रही है।

फिलहाल बरगी बांध से 3,988 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है और नर्मदा के जलस्तर में 8 से 10 फीट तक वृद्धि की संभावना है। प्रशासन और सिविल डिफेंस की टीमें घाटों पर तैनात हैं तथा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

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