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सद्भावना दिवस पर NSS स्वयंसेवकों ने चलाया स्वच्छता अभियान

इंदौर। सद्भावना दिवस के अवसर पर नेशनल सर्विस स्कीम (NSS) के तहत प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, श्री अटल बिहारी वाजपेयी गवर्नमेंट आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रीय एकता, स्वच्छता और सांप्रदायिक सौहार्द की भावना को मजबूत करना रहा। इस दौरान NSS स्वयंसेवकों ने कॉलेज परिसर में स्वच्छता अभियान चलाने के साथ-साथ परिसर के सौंदर्यीकरण का काम भी किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में NSS स्वयंसेवकों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने कॉलेज परिसर के अलग-अलग हिस्सों में सफाई की और आसपास के वातावरण को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया। स्वयंसेवकों ने सफाई के महत्व को समझाते हुए अन्य विद्यार्थियों और लोगों को भी स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
स्वच्छता अभियान के जरिए दिया संदेश
सद्भावना दिवस के तहत आयोजित गतिविधियों में स्वच्छता अभियान प्रमुख रहा। NSS स्वयंसेवकों ने कॉलेज परिसर में सफाई कर कचरा हटाया और आसपास के स्थानों को व्यवस्थित किया। इसके साथ ही परिसर के सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्य भी किए गए।
स्वयंसेवकों ने कहा कि स्वच्छ वातावरण स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक है। सार्वजनिक स्थानों को साफ रखना केवल प्रशासन या सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भी जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों ने अपने प्रयास के माध्यम से स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
स्वयंसेवकों को दिलाई गई सद्भावना की शपथ
कार्यक्रम के दौरान मौजूद सभी NSS स्वयंसेवकों को सद्भावना की शपथ दिलाई गई। स्वयंसेवकों ने संकल्प लिया कि वे जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करेंगे।
उन्होंने देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए काम करने का संकल्प भी लिया। विद्यार्थियों ने सभी धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों का सम्मान करने तथा समाज में शांति, भाईचारा और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई।
शपथ के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि भारत की विविधता उसकी ताकत है। अलग-अलग धर्म, भाषा और संस्कृति से जुड़े लोगों के बीच आपसी सम्मान और सहयोग ही मजबूत समाज की आधारशिला है।
सामाजिक सद्भाव पर दिया जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कॉलेज की प्रिंसिपल ममता चंद्रशेखर ने सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि युवा पीढ़ी समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने छात्रों को समाज में प्रेम, भाईचारे और सहयोग की भावना को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक सौहार्द केवल किसी एक दिन तक सीमित रहने वाला विचार नहीं है, बल्कि इसे व्यवहार और दैनिक जीवन में अपनाने की आवश्यकता है।
शिक्षकों ने भी किया मार्गदर्शन
प्रिंसिपल ममता चंद्रशेखर के साथ फैकल्टी सदस्य ज्ञानेश्वर तिखे, अरुण आर्य और शांता चौहान ने भी कार्यक्रम में स्वयंसेवकों को संबोधित किया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एकता और सांप्रदायिक सौहार्द के महत्व के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि समाज में शांति बनाए रखने के लिए आपसी विश्वास और सम्मान जरूरी है। विद्यार्थियों को छोटी-छोटी बातों को लेकर भेदभाव करने के बजाय एक-दूसरे की भावनाओं और विचारों का सम्मान करना चाहिए।
युवा पीढ़ी की भूमिका महत्वपूर्ण
कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि सामाजिक एकता को मजबूत करने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। कॉलेज और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थी विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से समाज में जागरूकता पैदा कर सकते हैं।
NSS जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का अवसर देती हैं। स्वच्छता अभियान, जागरूकता कार्यक्रम और सामुदायिक गतिविधियों के माध्यम से छात्रों में सेवा भावना और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।
विविधता में एकता का संदेश
सद्भावना दिवस के कार्यक्रम में जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र के आधार पर भेदभाव समाप्त करने का संदेश प्रमुख रहा। विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे समाज में सभी वर्गों के प्रति सम्मान की भावना बनाए रखेंगे।
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि भारत की पहचान उसकी विविधता में निहित है। विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के लोग मिलकर देश की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं। इसलिए एक-दूसरे की परंपराओं और मान्यताओं का सम्मान करना जरूरी है।
स्वच्छता और सद्भावना को जोड़ा
कार्यक्रम में स्वच्छता अभियान और सद्भावना की शपथ को एक साथ आयोजित करने का उद्देश्य विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारी के दो महत्वपूर्ण पहलुओं से जोड़ना रहा। एक ओर स्वयंसेवकों ने कॉलेज परिसर को स्वच्छ बनाने में योगदान दिया, वहीं दूसरी ओर उन्होंने सामाजिक भेदभाव से दूर रहने और एकता बनाए रखने का संकल्प लिया।
इस तरह कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि समाज के प्रति जिम्मेदारी केवल विचारों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसे व्यवहार में भी उतारना जरूरी है।
NSS स्वयंसेवकों में दिखा उत्साह
पूरे कार्यक्रम के दौरान NSS स्वयंसेवकों में उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने सफाई अभियान में सक्रिय भागीदारी की और कॉलेज परिसर को बेहतर बनाने में योगदान दिया। शपथ के दौरान भी स्वयंसेवकों ने सामाजिक एकता और देश की अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम के अंत में शिक्षकों ने विद्यार्थियों को सामाजिक सद्भाव और स्वच्छता से जुड़े प्रयासों को आगे भी जारी रखने के लिए प्रेरित किया।
सद्भावना दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को स्वच्छता, सामाजिक एकता, सांप्रदायिक सौहार्द और राष्ट्रीय जिम्मेदारी से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा। NSS स्वयंसेवकों ने स्वच्छता अभियान के साथ जहां स्वस्थ और स्वच्छ वातावरण का संदेश दिया, वहीं सद्भावना की शपथ लेकर समाज में प्रेम, भाईचारे और आपसी सम्मान को बढ़ावा देने का संकल्प भी लिया।





