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भोपाल। भारत की BRICS अध्यक्षता के तहत शनिवार को भोपाल में 11वीं BRICS संस्कृति मंत्रियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक का समापन ‘भोपाल घोषणापत्र’ को अपनाने के साथ हुआ। इस घोषणापत्र को BRICS सदस्य देशों और सहयोगी देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक व्यावहारिक और भविष्योन्मुखी ढांचा माना जा रहा है।
बैठक में संस्कृति के क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने, साझा विरासत को संरक्षित करने और सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई गति देने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक ने BRICS के सांस्कृतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए सदस्य और सहयोगी देशों को एक साझा मंच उपलब्ध कराया।
‘भोपाल घोषणापत्र’ पर बनी सहमति
बैठक की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि ‘भोपाल घोषणापत्र’ को अपनाना रही। इसके माध्यम से BRICS देशों और सहयोगी देशों के बीच संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक व्यापक दिशा तय की गई है।
घोषणापत्र को भविष्य की सांस्कृतिक साझेदारी के लिए एक व्यावहारिक ढांचे के तौर पर देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य विभिन्न देशों की सांस्कृतिक विविधता और साझा विरासत को बढ़ावा देना तथा सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर तलाशना है।
बैठक के दौरान इस बात पर भी जोर दिया गया कि संस्कृति देशों के बीच आपसी समझ और संवाद को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम हो सकती है। विभिन्न देशों की परंपराओं, कला और विरासत को साझा मंच मिलने से लोगों के बीच संपर्क और सहयोग बढ़ सकता है।
भारत की अध्यक्षता में तीन संस्कृति कार्य समूह बैठकें
संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान BRICS Culture Track को तीन संस्कृति कार्य समूह बैठकों के जरिए आगे बढ़ाया गया।
पहली संस्कृति कार्य समूह बैठक 29 और 30 अप्रैल 2026 को वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई थी। इसके बाद दूसरी बैठक 4 और 5 जून 2026 को वाराणसी में हुई। तीसरी और अंतिम कार्य समूह बैठक 5 और 6 अगस्त 2026 को भोपाल में आयोजित की गई।
इन बैठकों के माध्यम से संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। कार्य समूह स्तर पर हुई चर्चाओं को मंत्रिस्तरीय बैठक के एजेंडे को तैयार करने में महत्वपूर्ण आधार माना गया।
14 देशों ने लिया हिस्सा
भोपाल में आयोजित मंत्रिस्तरीय बैठक में भारत समेत कुल 14 देशों ने भाग लिया। इनमें 10 BRICS सदस्य देश और चार सहयोगी देश शामिल थे।
विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी ने बैठक को व्यापक स्वरूप दिया। सदस्य और सहयोगी देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए साझा प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई।
BRICS के विस्तार के साथ इसके सांस्कृतिक सहयोग का दायरा भी बढ़ा है। ऐसे में विभिन्न देशों के बीच संस्कृति के क्षेत्र में समन्वय और संवाद को बढ़ाना संगठन के व्यापक एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है।
संस्कृति को सहयोग का माध्यम बनाने पर जोर
BRICS देशों के बीच आर्थिक और राजनीतिक सहयोग के साथ सांस्कृतिक संबंधों को भी मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। संस्कृति के माध्यम से विभिन्न देशों के लोगों को एक-दूसरे की परंपराओं और विरासत को समझने का अवसर मिलता है।
बैठक में सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने और साझा गतिविधियों के माध्यम से देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने की दिशा पर चर्चा हुई। सांस्कृतिक सहयोग के अंतर्गत कला, विरासत, परंपराओं और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े अवसरों को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर भी ध्यान दिया गया।
भारत की अध्यक्षता में बढ़ी गतिविधियां
भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान संस्कृति क्षेत्र से जुड़े कार्यक्रमों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया गया। अप्रैल में वर्चुअल बैठक से शुरू हुआ यह सिलसिला जून में वाराणसी और अगस्त में भोपाल तक पहुंचा।
वाराणसी और भोपाल जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण शहरों में बैठकों का आयोजन भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर भी बना।
भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत को देखते हुए संस्कृति के क्षेत्र में BRICS सहयोग के लिए देश की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भविष्य की साझेदारी के लिए आधार
‘भोपाल घोषणापत्र’ को अपनाए जाने के बाद अब BRICS देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग के लिए आगे की गतिविधियों को इसी साझा दृष्टिकोण के आधार पर बढ़ाने का आधार तैयार हुआ है।
घोषणापत्र का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि सदस्य देशों और सहयोगी देशों के बीच दीर्घकालिक सहयोग की संभावनाओं को विकसित करना भी है।
सांस्कृतिक सहयोग के जरिए देशों के बीच लोगों से लोगों का संपर्क बढ़ाने और साझा विरासत के संरक्षण को प्रोत्साहित करने की दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद है।
भारत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि
भारत की अध्यक्षता में हुई 11वीं BRICS संस्कृति मंत्रियों की बैठक और ‘भोपाल घोषणापत्र’ को अपनाया जाना देश के सांस्कृतिक कूटनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में 14 देशों की भागीदारी ने इसके महत्व को और बढ़ाया।
तीन संस्कृति कार्य समूह बैठकों के बाद मंत्रिस्तरीय स्तर पर हुए विचार-विमर्श से यह स्पष्ट हुआ कि BRICS के सदस्य और सहयोगी देश संस्कृति को आपसी सहयोग के एक महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में आगे बढ़ाना चाहते हैं।
भोपाल बैठक के साथ भारत की अध्यक्षता में BRICS Culture Track का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ। अब ‘भोपाल घोषणापत्र’ में तय दिशा के आधार पर सदस्य और सहयोगी देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को आगे बढ़ाने की उम्मीद है।





