मध्य प्रदेश

साइबर-ड्रग नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा

Kavita2
8 Aug 2026 3:30 PM IST
साइबर-ड्रग नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा
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इंदौर। पश्चिमी भारत के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस प्रमुखों ने साइबर अपराध, ड्रग कार्टेल और संगठित गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार की है। साथ ही वर्ष 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ मेले की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी तैयारियों को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण चर्चा हुई।

शुक्रवार को इंदौर में वेस्टर्न रीजनल पुलिस कोऑर्डिनेशन कमेटी की 13वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने की। इसमें महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और गोवा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अलावा दमन एवं दीव तथा दादरा और नगर हवेली के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

बैठक में राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, रियल-टाइम इंटेलिजेंस साझा करने और अपराधियों के नेटवर्क पर संयुक्त रूप से कार्रवाई करने की जरूरत पर विशेष जोर दिया गया।

रियल-टाइम इंटेलिजेंस साझा करने पर जोर

बैठक में अधिकारियों ने माना कि साइबर अपराध, संगठित अपराध और नशीले पदार्थों के नेटवर्क अब राज्य की सीमाओं तक सीमित नहीं हैं। अपराधी एक राज्य में बैठकर दूसरे राज्य में वारदात को अंजाम दे सकते हैं या कई राज्यों में फैले नेटवर्क के जरिए अवैध गतिविधियों को संचालित कर सकते हैं।

ऐसे में पुलिस एजेंसियों के बीच सूचनाओं का तेजी से आदान-प्रदान जरूरी है। अधिकारियों ने रियल-टाइम इंटेलिजेंस साझा करने और महत्वपूर्ण मामलों में एक-दूसरे की जांच एजेंसियों के साथ तत्काल समन्वय बढ़ाने पर सहमति जताई।

इस व्यवस्था का उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों, अपराधियों और उनके नेटवर्क से संबंधित जानकारी को समय रहते संबंधित राज्यों तक पहुंचाना है।

ड्रग नेटवर्क के खिलाफ समन्वित अभियान

बैठक में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। अधिकारियों ने ड्रग नेटवर्क के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में चल रही कार्रवाई को आपस में जोड़ने और जरूरत पड़ने पर संयुक्त अभियान चलाने का निर्णय लिया।

ड्रग कार्टेल अक्सर परिवहन, वितरण और वित्तीय नेटवर्क के लिए कई राज्यों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में किसी एक राज्य में कार्रवाई के बावजूद दूसरे राज्यों में मौजूद नेटवर्क सक्रिय रह सकता है। इसी चुनौती को देखते हुए राज्यों के बीच समन्वित कार्रवाई पर जोर दिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने ड्रग तस्करी से जुड़े नेटवर्क, उनके संपर्कों और संभावित मार्गों की जानकारी साझा करने की जरूरत पर भी चर्चा की।

सिंहस्थ 2028 की सुरक्षा सबसे अहम मुद्दों में शामिल

बैठक में उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ मेले की सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। सिंहस्थ देश के बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है।

इतने बड़े आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, आपात स्थिति से निपटने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा बड़ी चुनौती होती है। इसे देखते हुए संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच पहले से समन्वय विकसित करने पर जोर दिया गया।

बैठक में अधिकारियों ने बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान पुलिस बल की तैनाती और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल जैसे विषयों पर भी विचार किया।

लापता बच्चों की तलाश में समन्वय

बैठक में लापता बच्चों से जुड़े मामलों को भी प्राथमिकता दी गई। अधिकारियों ने ऐसे मामलों में विभिन्न राज्यों की पुलिस के बीच तेजी से सूचना साझा करने और बच्चों का जल्द पता लगाने के लिए बेहतर समन्वय की जरूरत बताई।

कई बार बच्चे एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर दर्ज शिकायत की जानकारी दूसरे राज्यों तक तेजी से पहुंचना जरूरी है। अधिकारियों ने तकनीक और पुलिस नेटवर्क के बेहतर इस्तेमाल पर जोर दिया।

साइबर अपराध से निपटने पर विशेष ध्यान

साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने आधुनिक तकनीक और डिजिटल जांच क्षमता को मजबूत करने पर चर्चा की। ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल ठगी और दूसरे साइबर अपराधों में अपराधी लगातार नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

ऐसे मामलों में अपराधियों का पता लगाने के लिए डिजिटल साक्ष्यों, तकनीकी निगरानी और विभिन्न राज्यों की एजेंसियों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान महत्वपूर्ण माना गया।

बैठक में पुलिसिंग में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ाने और जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने पर भी विचार किया गया।

संगठित अपराध के खिलाफ साझा कार्रवाई

पश्चिमी राज्यों में सक्रिय संगठित अपराध गिरोहों के खिलाफ भी संयुक्त रणनीति पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने माना कि गिरोहों की गतिविधियां कई राज्यों में फैली हो सकती हैं। ऐसे में अपराधियों की जानकारी, उनके नेटवर्क और गतिविधियों से संबंधित सूचनाओं को साझा करना जरूरी है।

संयुक्त कार्रवाई के जरिए अपराधियों के नेटवर्क को कमजोर करने और उनकी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश की जाएगी।

राज्यों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर

वेस्टर्न रीजनल पुलिस कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय को मजबूत करना रहा। अधिकारियों ने माना कि आधुनिक दौर में अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और उससे निपटने के लिए पुलिस को भी पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़कर काम करना होगा।

बैठक में साइबर अपराध, ड्रग नेटवर्क, संगठित अपराध और बड़े धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।

अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय से न केवल अपराधों की रोकथाम में मदद मिलने की उम्मीद है, बल्कि किसी बड़ी घटना की स्थिति में विभिन्न राज्यों की पुलिस के बीच तत्काल सहयोग भी संभव हो सकेगा।

सिंहस्थ 2028 जैसे बड़े आयोजन के लिए अभी से तैयारियां शुरू करने से सुरक्षा व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से मजबूत करने में मदद मिलेगी। वहीं साइबर अपराध और ड्रग नेटवर्क के खिलाफ साझा अभियान से पश्चिमी राज्यों में अंतरराज्यीय अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने की उम्मीद है।

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