केरल

चारालंकनम में भूस्खलन से पानी की टंकी नष्ट, घर बाल-बाल बचा

Kavita2
3 Aug 2026 4:36 PM IST
चारालंकनम में भूस्खलन से पानी की टंकी नष्ट, घर बाल-बाल बचा
x

चारालंकनम। भारी बारिश के बीच चारालंकनम क्षेत्र में शनिवार सुबह भूस्खलन की घटना सामने आई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। चारालंकनम के पराथानम में हुए इस भूस्खलन में पीने के पानी की एक स्टोरेज टंकी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि एक घर को भी मामूली नुकसान पहुंचा। हालांकि समय रहते परिवार के सदस्यों के सुरक्षित स्थान पर चले जाने से बड़ा हादसा टल गया।

यह घटना चारालंकनम के 16वें कंडम के पास शनिवार सुबह करीब 4 बजे हुई। भूस्खलन इतना अचानक हुआ कि तेज आवाज सुनकर घर के मालिक राजू की नींद खुल गई। उन्होंने तुरंत स्थिति को समझते हुए अपने परिवार के सदस्यों को जगाया और सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

तेज आवाज से खुली नींद, परिवार ने बचाई जान

राजू के अनुसार, सुबह अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। जब उन्होंने बाहर निकलकर देखा तो पानी के तेज बहाव के साथ मिट्टी, पत्थर और लकड़ी के बड़े-बड़े टुकड़े आंगन की ओर आ रहे थे।

स्थिति को गंभीर देखते हुए राजू ने बिना समय गंवाए अपने परिवार को जगाया और सभी को घर के पास बने एक बाड़े में ले जाकर सुरक्षित किया। कुछ ही देर में भूस्खलन का मलबा घर के आसपास फैल गया।

राजू ने बताया कि घटना के बाद से परिवार में डर का माहौल बना हुआ है। उन्हें आशंका है कि अगर बारिश लगातार जारी रही तो क्षेत्र में दोबारा भूस्खलन हो सकता है।

पानी की टंकी हुई नष्ट

भूस्खलन की चपेट में आने से घर के पास स्थित पीने के पानी की परियोजना की स्टोरेज टंकी टूट गई। यह टंकी स्थानीय लोगों की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाई गई थी।

भूस्खलन के दौरान पानी के साथ बड़ी मात्रा में पत्थर, मिट्टी और लकड़ी के लट्ठे बहकर नीचे आए। इसी बहाव के कारण टंकी को नुकसान पहुंचा। हालांकि मलबे का रुख दूसरी ओर मुड़ जाने से घर को बड़े नुकसान से बचा लिया गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मलबा सीधे घर की ओर आता तो स्थिति काफी गंभीर हो सकती थी।

रसोई की ओर पहुंचे पत्थर और लकड़ी के टुकड़े

राजू ने बताया कि भूस्खलन के दौरान पत्थर और लकड़ी के टुकड़े घर के रसोई वाले हिस्से तक पहुंच गए। इससे परिवार के लोगों में डर और बढ़ गया।

उन्होंने कहा कि अभी भी खतरा पूरी तरह टला नहीं है। लगातार हो रही बारिश के कारण जमीन कमजोर हो गई है और आसपास के इलाकों में भी भूस्खलन की आशंका बनी हुई है।

अधिकारियों ने लिया घटना का जायजा

घटना की जानकारी मिलने के बाद उप्पुथोडु गांव के अधिकारी और पंचायत सदस्य बिजोजोस मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का निरीक्षण किया और संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी।

प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्र की स्थिति का आकलन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाने की तैयारी की जा रही है।

भारी बारिश से बढ़ी चिंता

चारालंकनम और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण लोगों की चिंता बढ़ गई है। बारिश के चलते पहाड़ी और ढलान वाले क्षेत्रों में जमीन खिसकने का खतरा बढ़ जाता है।

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाए और संभावित खतरे वाले स्थानों पर सुरक्षा उपाय किए जाएं। लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में पुराने जल निकासी मार्गों और कमजोर इलाकों की जांच जरूरी है।

प्रभावित परिवार में बना हुआ है डर

भूस्खलन के बाद राजू और उनका परिवार अभी भी भय के माहौल में है। उन्होंने बताया कि घटना अचानक हुई और कुछ ही मिनटों में पूरा क्षेत्र मलबे से भर गया।

परिवार को चिंता है कि यदि मौसम खराब रहता है तो भविष्य में ऐसी घटना दोबारा हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और खतरे वाले हिस्सों की जांच कराने की मांग की है।

समय रहते टला बड़ा हादसा

इस घटना में सबसे राहत की बात यह रही कि परिवार के सदस्य समय रहते सुरक्षित स्थान पर चले गए। यदि भूस्खलन रात के समय बिना किसी चेतावनी के और तेजी से होता तो जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था।

फिलहाल प्रशासन घटना की जानकारी जुटा रहा है और प्रभावित क्षेत्र में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। लगातार बारिश के बीच स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

चारालंकनम में हुई यह घटना एक बार फिर भारी बारिश के दौरान पहाड़ी और ढलान वाले क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को उजागर करती है। प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच बेहतर तालमेल से ही ऐसे प्राकृतिक हादसों से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।

Next Story