
कोट्टायम। अकेले रहने वाली 66 वर्षीय महिला के घर में घुसने और अपराध करने के मामले में चंगनासेरी फास्ट ट्रैक कोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी विष्णु थिलाकन (30) को दोषी करार देते हुए 17 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर 31 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जुर्माने की आधी राशि पीड़ित महिला को दी जाएगी। यह फैसला चंगनासेरी फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज रंजीत कृष्णन ने तलयाओलापरम्बा पुलिस स्टेशन में वर्ष 2023 में दर्ज मामले की सुनवाई के बाद सुनाया।
19 गवाह और 14 दस्तावेज पेश किए गए
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने 19 गवाह और 14 महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत किए। सरकारी वकील पी.एस. मनोज ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की और मामले से जुड़े तथ्यों को अदालत के सामने रखा।
अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ पेश किए गए सबूतों और गवाहों के आधार पर कड़ी सजा की मांग की थी। अदालत ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद आरोपी को दोषी मानते हुए यह फैसला सुनाया।
तलयाओलापरम्बा के रहने वाले आरोपी को सजा
दोषी ठहराया गया आरोपी विष्णु थिलाकन तलयाओलापरम्बा के पूर्वी हिस्से में स्थित नादुथुरुथेल हाउस का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले की जांच तलयाओलापरम्बा थाने की टीम ने की थी।
मामले की जांच तलयाओलापरम्बा के तत्कालीन थाना प्रभारी (SHO) के.आर. बीजू और सब इंस्पेक्टर (SI) टी.आर. दीपू ने की। जांच के दौरान पुलिस ने आवश्यक साक्ष्य जुटाए और मामले को अदालत तक पहुंचाया।
अकेली रहने वाली महिला को बनाया निशाना
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने वर्ष 2023 में अकेले रहने वाली 66 वर्षीय महिला के घर में प्रवेश किया था। इस घटना के बाद महिला की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की।
अदालत ने भी इस बात को ध्यान में रखा कि पीड़िता उम्रदराज महिला थी और वह अकेली रहती थी। ऐसे में उसके घर में घुसने की घटना को गंभीर अपराध माना गया।
जुर्माने की आधी राशि पीड़िता को मिलेगी
फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी पर आर्थिक दंड भी लगाया है। 31 हजार रुपये के जुर्माने में से आधी राशि पीड़ित महिला को देने का आदेश दिया गया है। अदालत का यह कदम पीड़िता को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है।
कानूनी जानकारों के अनुसार, ऐसे मामलों में अदालतें पीड़ित पक्ष को राहत देने के लिए मुआवजे का प्रावधान भी करती हैं, ताकि अपराध से प्रभावित व्यक्ति को कुछ सहायता मिल सके।
प्राचीन मंदिर में चोरी के मामले में भी आरोपी
विष्णु थिलाकन पर एक अन्य चोरी के मामले में भी आरोप है। पुलिस के अनुसार, तलयाओलापरम्बा के एडवट्टोम स्थित एक प्राचीन मंदिर से मिट्टी के बर्तन और धातु की एक कीमती प्राचीन मूर्ति चोरी होने की घटना सामने आई थी।
यह चोरी पिछले महीने की 9 तारीख को हुई थी। इस मामले में भी आरोपी की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस अन्य मामलों में भी उसके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों को जुटाने में लगी हुई है।
पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया की अहम भूमिका
इस मामले में पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया की भूमिका महत्वपूर्ण रही। पुलिस अधिकारियों ने जांच के दौरान गवाहों के बयान दर्ज किए और दस्तावेजी साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद मामला अदालत में पहुंचा, जहां सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ सबूत पेश किए।
फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा सुनाए गए इस फैसले को महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत ने अपने निर्णय के माध्यम से यह संदेश दिया है कि कमजोर और अकेले रहने वाले लोगों को निशाना बनाने वाले अपराधों को गंभीरता से लिया जाएगा।
सुरक्षा को लेकर जागरूकता की जरूरत
इस घटना ने एक बार फिर बुजुर्ग और अकेले रहने वाले लोगों की सुरक्षा के मुद्दे को सामने ला दिया है। पुलिस और प्रशासन लगातार लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील करते हैं।
फिलहाल आरोपी विष्णु थिलाकन को अदालत के आदेश के अनुसार जेल भेज दिया गया है। वहीं, पुलिस उसके खिलाफ दर्ज अन्य मामलों की जांच आगे बढ़ा रही है।





