
इडुक्की। मलंकारा जलाशय में केमिकल युक्त कचरा मिलने की घटना के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने इलामदेसा क्षेत्र में संचालित एक प्लाईवुड फैक्टरी को तत्काल काम रोकने का आदेश जारी किया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के चेयरमैन एवं जिला कलेक्टर ने हाई लेयर वुड प्राइवेट लिमिटेड को स्टॉप मेमो जारी करते हुए फैक्टरी की गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
यह कार्रवाई उस क्षेत्र में तेल रिसाव की घटना सामने आने और उसके बाद मलंकारा जलाशय में रासायनिक प्रकृति का कचरा पाए जाने के बाद की गई है। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को भी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जलाशय में केमिकल कचरे से बढ़ी चिंता
मलंकारा जलाशय क्षेत्र में केमिकल युक्त कचरा पाए जाने की घटना के बाद स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ गई थी। जलाशय का उपयोग विभिन्न आवश्यकताओं के लिए किया जाता है, ऐसे में किसी भी प्रकार के रासायनिक प्रदूषण की आशंका को प्रशासन गंभीरता से ले रहा है।
तेल रिसाव की घटना भी इसी क्षेत्र से जुड़ी बताई जा रही है। प्रशासन अब यह सुनिश्चित करना चाहता है कि किसी औद्योगिक गतिविधि के कारण जलस्रोत और आसपास के पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने प्लाईवुड फैक्टरी की गतिविधियों को लेकर तत्काल कदम उठाया है। स्टॉप मेमो के माध्यम से फैक्टरी को फिलहाल काम बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
हाई लेयर वुड प्राइवेट लिमिटेड पर कार्रवाई
जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश हाई लेयर वुड प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ है। यह प्लाईवुड फैक्टरी इलामदेसा में संचालित हो रही है। इसी इलाके में तेल रिसाव की घटना सामने आई थी।
प्रशासन की ओर से फैक्टरी को जारी स्टॉप मेमो का उद्देश्य मामले की जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने तक संभावित प्रदूषण के जोखिम को रोकना है। फैक्टरी की गतिविधियां दोबारा शुरू करने को लेकर आगे का फैसला जांच और संबंधित विभागों की रिपोर्ट के आधार पर लिया जा सकता है।
पुलिस और विभागों को दिए निर्देश
जिला कलेक्टर ने अपने आदेश को प्रभावी ढंग से लागू कराने के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। पुलिस, स्थानीय सरकारी विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
प्रशासन चाहता है कि स्टॉप मेमो के बाद फैक्टरी में ऐसी कोई गतिविधि न हो, जिससे पर्यावरण या जलस्रोत को किसी तरह का नुकसान पहुंचने की आशंका हो। इसके लिए संबंधित विभागों को अपने स्तर पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भूमिका अहम
मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। जलाशय में केमिकल कचरा मिलने के बाद यह पता लगाना जरूरी है कि प्रदूषण का स्रोत क्या था और क्या किसी औद्योगिक इकाई की गतिविधि से इसका संबंध है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा फैक्टरी और आसपास के क्षेत्र में पर्यावरणीय मानकों के पालन की जांच की जा सकती है। इसके अलावा तेल रिसाव और जलाशय में मिले कचरे के बीच संबंध की भी पड़ताल की जा सकती है।
जलस्रोत की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता
जलाशय में रासायनिक कचरा मिलने के बाद प्रशासन की प्राथमिकता जलस्रोत को किसी भी संभावित प्रदूषण से बचाना है। ऐसे मामलों में समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर प्रदूषण का प्रभाव जलजीवों, आसपास के पर्यावरण और स्थानीय आबादी तक पहुंच सकता है।
इसी कारण जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एहतियाती कदम उठाते हुए फैक्टरी को काम रोकने का आदेश दिया है। प्रशासन के अनुसार, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने और आदेशों का पालन सुनिश्चित करने की जरूरत है।
तेल रिसाव की घटना की भी जांच
मामले में तेल रिसाव की घटना भी जांच के दायरे में है। इलामदेसा क्षेत्र में तेल रिसाव की जानकारी सामने आने के बाद ही जलाशय में केमिकल युक्त कचरे की मौजूदगी को लेकर सवाल उठे हैं।
अब प्रशासन को यह पता लगाना होगा कि रिसाव किस कारण हुआ, इसका स्रोत क्या था और इसका मलंकारा जलाशय पर कितना प्रभाव पड़ा। इसके साथ ही यह भी जांच का विषय होगा कि क्या फैक्टरी से निकलने वाले किसी अपशिष्ट का जलाशय तक पहुंचने का रास्ता था।
आदेश के उल्लंघन पर सख्ती
कलेक्टर के आदेश को लागू कराने के लिए पुलिस और स्थानीय प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं। स्टॉप मेमो के बावजूद यदि फैक्टरी में गतिविधियां जारी रहती हैं तो संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन की ओर से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी निगरानी में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी कि जांच पूरी होने तक संभावित प्रदूषण का खतरा नियंत्रित रहे।
आगे की जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
फिलहाल प्लाईवुड फैक्टरी को काम रोकने का आदेश जारी कर दिया गया है। अब संबंधित विभागों की जांच और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होने की उम्मीद है।
मलंकारा जलाशय में केमिकल कचरा मिलने की घटना ने औद्योगिक इकाइयों से होने वाले संभावित प्रदूषण को लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से उठाया गया यह कदम जलस्रोत और पर्यावरण की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब पुलिस, स्थानीय प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच से यह स्पष्ट होगा कि जलाशय में मिला कचरा कहां से आया और तेल रिसाव की घटना से इसका क्या संबंध है। जांच पूरी होने तक हाई लेयर वुड प्राइवेट लिमिटेड की गतिविधियां प्रशासन की निगरानी में रहेंगी।





