
Kerala केरल : थ्रिक्काकारा म्युनिसिपैलिटी में लंबे समय से प्रतीक्षित केंद्रीय विद्यालय परियोजना को लेकर आखिरकार महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। म्युनिसिपैलिटी ने स्कूल के निर्माण के लिए उपयुक्त जमीन की पहचान कर ली है, जिससे परियोजना को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
म्युनिसिपैलिटी चेयरमैन ने जानकारी दी कि चयनित भूमि को फॉर्म टू में बदलने की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है। यह प्रशासनिक कदम परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक माना जाता है, जिसके बाद निर्माण कार्य की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
इस मुद्दे पर 11 जून को हुई काउंसिल बैठक में विस्तार से चर्चा की गई थी, जिसमें केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन की पहचान से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया। बैठक में यह तय किया गया कि संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आगे की कार्रवाई तेज की जाएगी ताकि परियोजना में और देरी न हो।
इस प्रक्रिया में स्थानीय सांसद हिबी ईडन, म्युनिसिपैलिटी चेयरपर्सन राशिद उल्लमपिल्ली, कृषि अधिकारी, विलेज ऑफिसर, लोकल लैंड मॉनिटरिंग कमेटी के सदस्य और अन्य अधिकारियों ने साइट का दौरा किया। निरीक्षण के बाद सभी संबंधित पक्षों ने जमीन की उपयुक्तता पर सहमति जताई और आगे की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया।
केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए कम से कम पांच एकड़ जमीन की आवश्यकता होती है। हालांकि, इतनी बड़ी भूमि उपलब्ध कराने में देरी के कारण परियोजना पिछले कई वर्षों से लंबित थी। अब जमीन की पहचान के साथ यह उम्मीद जताई जा रही है कि निर्माण कार्य में तेजी आएगी।
प्रस्तावित भूमि कक्कनाड क्षेत्र में थेंगोड नवोदय के पास स्थित है। अधिकारियों के अनुसार, इस जमीन के उपयोग में पर्यावरणीय संतुलन का भी ध्यान रखा जाएगा। योजना के तहत कुल भूमि का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा वेटलैंड संरक्षण के लिए अलग रखा जाएगा, ताकि क्षेत्र की पारिस्थितिकी पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
स्थानीय प्रशासन का मानना है कि केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से क्षेत्र के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे। लंबे समय से अभिभावक और स्थानीय लोग इस स्कूल की मांग कर रहे थे, ताकि बच्चों को केंद्रीय स्तर की शिक्षा के लिए दूर न जाना पड़े।
म्युनिसिपैलिटी के अधिकारियों के अनुसार, जमीन की पहचान के बाद अब अगला कदम औपचारिक अनुमोदन और संबंधित विभागों से आवश्यक मंजूरी प्राप्त करना है। इसके बाद निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस प्रगति को एक सकारात्मक कदम बताया है। उनका कहना है कि शिक्षा के क्षेत्र में यह एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जो क्षेत्र के शैक्षिक ढांचे को मजबूत करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान के लिए जमीन चयन एक महत्वपूर्ण चरण होता है, क्योंकि यह परियोजना की दीर्घकालिक सफलता को प्रभावित करता है। थ्रिक्काकारा में जमीन चयन के साथ अब परियोजना के व्यावहारिक चरण की शुरुआत मानी जा रही है।
हालांकि परियोजना में पहले हुई देरी को लेकर स्थानीय स्तर पर कुछ असंतोष भी देखा गया, लेकिन अब जमीन तय होने के बाद उम्मीदें फिर से बढ़ गई हैं। लोग मान रहे हैं कि आने वाले समय में यह स्कूल क्षेत्र के शैक्षणिक विकास में अहम भूमिका निभाएगा।
कुल मिलाकर, थ्रिक्काकारा में केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन की पहचान एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है, जो लंबे समय से अटकी परियोजना को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।





