केरल

नौ ज़ेबरा की मौत के बाद तिरुवनंतपुरम जू में तीन नए ज़ेबरा पहुंचे

Kavita2
21 Aug 2026 3:23 PM IST
नौ ज़ेबरा की मौत के बाद तिरुवनंतपुरम जू में तीन नए ज़ेबरा पहुंचे
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तिरुवनंतपुरम। करीब ढाई दिन के लंबे सफर के बाद तिरुवनंतपुरम जू में तीन नए ज़ेबरा पहुंच गए हैं। गुजरात के ग्रीन्स वाइल्डलाइफ रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर से लाए गए इन तीनों ज़ेबरा का जू में विशेष अंदाज में स्वागत किया गया। इनमें दो तीन साल की मादा और एक पांच साल का नर ज़ेबरा शामिल है। नए मेहमानों के आने से जू प्रशासन के साथ-साथ वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों में भी उत्साह है।

इन ज़ेबरा को विशेष रूप से तैयार एम्बुलेंस के जरिए गुजरात से तिरुवनंतपुरम लाया गया। करीब ढाई दिन की यात्रा के बाद गुरुवार सुबह तीनों जानवर सुरक्षित जू परिसर में पहुंचे। जानवरों की यात्रा और सुरक्षा को देखते हुए उनके साथ विशेषज्ञों की टीम भी मौजूद रही।

13 सदस्यीय टीम लेकर पहुंची

जानकारी के अनुसार, वंतारा के एक वेटेरिनरी सर्जन के नेतृत्व में 13 सदस्यीय टीम इन ज़ेबरा के साथ यात्रा कर रही थी। गुरुवार सुबह करीब 5.15 बजे विशेष रूप से तैयार एम्बुलेंस तिरुवनंतपुरम पहुंची।

लंबी यात्रा के दौरान ज़ेबरा की सेहत और आराम का विशेष ध्यान रखा गया। उनके लिए परिवहन के दौरान आवश्यक व्यवस्था की गई थी। टीम लगातार जानवरों की स्थिति पर नजर रख रही थी, ताकि रास्ते में किसी तरह की परेशानी होने पर तत्काल कदम उठाया जा सके।

जाम से बचाने के लिए पुलिस पायलट वाहन

जानवरों को समय पर और सुरक्षित जू तक पहुंचाने के लिए यात्रा मार्ग पर भी विशेष इंतजाम किए गए थे। केरल सीमा से एक पुलिस पायलट वाहन तैनात किया गया था। इसका उद्देश्य रास्ते में यातायात बाधित न हो और विशेष एम्बुलेंस बिना अनावश्यक रुकावट के आगे बढ़ सके।

वन्यजीवों को लंबी दूरी तक ले जाने के दौरान परिवहन व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होती है। खासकर बड़े और संवेदनशील जानवरों के मामले में सफर का समय कम रखने तथा अचानक लगने वाले ट्रैफिक जाम से बचने की कोशिश की जाती है।

ओणम पर पर्यटकों के लिए खास तोहफा

राज्य के मंत्री के. मुरलीधरन ने नए ज़ेबरा के आगमन को दर्शकों के लिए ओणम का तोहफा बताया। उन्होंने यह बात जू का गेट दर्शकों के लिए खोले जाने के बाद कही।

मंत्री ने कहा कि नए ज़ेबरा के आने से जू आने वाले लोगों के अनुभव में इजाफा होगा। ओणम के दौरान बड़ी संख्या में लोग घूमने-फिरने और परिवार के साथ पर्यटन स्थलों पर जाने के लिए निकलते हैं। ऐसे में जू में नए वन्यजीवों का आगमन पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन सकता है।

पहले नौ ज़ेबरा की हो चुकी है मौत

नए ज़ेबरा का आगमन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि तिरुवनंतपुरम जू में इससे पहले नौ ज़ेबरा की मौत हो चुकी है। इस पृष्ठभूमि में तीन नए ज़ेबरा के आने के बाद जू प्रशासन पर उनकी देखभाल और स्वास्थ्य को लेकर विशेष जिम्मेदारी होगी।

पिछले अनुभवों के कारण नए जानवरों के लिए परिवहन, अनुकूलन और स्वास्थ्य निगरानी को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतना महत्वपूर्ण है। जू प्रशासन के सामने यह सुनिश्चित करने की चुनौती होगी कि नए ज़ेबरा को नए वातावरण में सहज होने के लिए पर्याप्त समय और उचित परिस्थितियां मिलें।

जू में बढ़ेगा आकर्षण

ज़ेबरा अपनी विशिष्ट काली-सफेद धारियों के कारण दर्शकों के बीच खास आकर्षण रखते हैं। बच्चों से लेकर वन्यजीव प्रेमियों तक इनके प्रति खास उत्सुकता रहती है। ऐसे में तीन नए ज़ेबरा के आने से तिरुवनंतपुरम जू में पर्यटकों की दिलचस्पी बढ़ने की उम्मीद है।

जू प्रशासन के लिए यह केवल नए जानवरों को प्रदर्शित करने का मामला नहीं है, बल्कि उनके संरक्षण, स्वास्थ्य और प्राकृतिक व्यवहार के अनुरूप वातावरण उपलब्ध कराने की भी जिम्मेदारी है। नए ज़ेबरा को दर्शकों के सामने लाने से पहले उनकी स्थिति और नए वातावरण में उनके अनुकूलन का ध्यान रखा जाना जरूरी है।

सुरक्षित यात्रा के बाद जू पहुंचना बड़ी उपलब्धि

गुजरात से केरल तक की ढाई दिन की यात्रा लंबी और चुनौतीपूर्ण थी। इसके बावजूद विशेष एम्बुलेंस, पशु चिकित्सक और विशेषज्ञों की टीम की निगरानी में तीनों ज़ेबरा को तिरुवनंतपुरम पहुंचाया गया।

यात्रा के दौरान पुलिस पायलट वाहन की व्यवस्था ने भी परिवहन को सुगम बनाने में मदद की। सुबह तड़के जू पहुंचने के बाद तीनों जानवरों को निर्धारित व्यवस्था के तहत उतारा गया।

अब जू प्रशासन का ध्यान इन तीनों ज़ेबरा को नए वातावरण में सहज बनाने और उनके स्वास्थ्य की निगरानी पर रहेगा।

दर्शकों में उत्सुकता

ओणम के मौके पर नए ज़ेबरा के आगमन ने जू के दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है। मंत्री की ओर से इसे ओणम का तोहफा बताए जाने के बाद लोगों की निगाहें इन नए वन्यजीवों को देखने पर टिकी हैं।

नौ ज़ेबरा की मौत के बाद तीन नए ज़ेबरा का तिरुवनंतपुरम जू पहुंचना वन्यजीव प्रेमियों के लिए उम्मीद और उत्साह दोनों लेकर आया है। गुजरात से करीब ढाई दिन के सफर के बाद पहुंचे इन तीनों जानवरों की देखभाल अब जू प्रशासन की प्राथमिकता होगी। विशेषज्ञों की निगरानी में उनकी सेहत पर नजर रखी जाएगी, ताकि वे नए माहौल में स्वस्थ और सुरक्षित रह सकें।

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