केरल

ओवली हत्या मामले और जंगली जानवरों के खतरे को लेकर गुडालुर में हड़ताल खत्म

Kavita2
28 Aug 2026 3:34 PM IST
ओवली हत्या मामले और जंगली जानवरों के खतरे को लेकर गुडालुर में हड़ताल खत्म
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गुडालुर। तमिलनाडु के गुडालुर विधानसभा क्षेत्र में ओवली पंचायत में दो लोगों की हत्या के आरोपी की गिरफ्तारी और जंगली जानवरों के बढ़ते खतरे को लेकर बुलाई गई हड़ताल शनिवार सुबह समाप्त हो गई। विपक्षी दलों, व्यापारिक संगठनों और ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर शुरू हुआ यह बंद क्षेत्र में व्यापक रूप से प्रभावी रहा।

गुडालुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गुडालुर, पंतलुर और मसीनगुडी क्षेत्रों में घोषित 48 घंटे की हड़ताल को बाद में 24 घंटे के लिए बढ़ा दिया गया था। इसके बाद यह बंद गुरुवार सुबह 6 बजे से शनिवार सुबह 6 बजे तक चला।

हत्या आरोपी की गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग

हड़ताल का मुख्य उद्देश्य ओवली पंचायत में दो लोगों की हत्या के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी की मांग करना था।

इसके अलावा क्षेत्र में बढ़ते जंगली जानवरों के खतरे को लेकर भी लोगों में नाराजगी थी। स्थानीय लोगों और संगठनों का कहना था कि वन्यजीवों के कारण आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

बाजार और व्यापारिक गतिविधियां रहीं बंद

हड़ताल के दौरान गुडालुर, पंतलुर और मसीनगुडी क्षेत्रों में अधिकांश दुकानें बंद रहीं।

व्यापारिक संगठनों ने बंद का समर्थन किया और अपनी गतिविधियां रोक दीं। शॉपिंग मॉल भी बंद रहे।

स्थानीय कारोबारियों ने कहा कि लोगों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।

परिवहन सेवाओं पर पड़ा असर

हड़ताल का असर परिवहन व्यवस्था पर भी दिखाई दिया।

ऑटो, टैक्सी और अन्य निजी वाहन पूरी तरह बंद रहे। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

हालांकि अंतर-राज्यीय बस सेवाएं जारी रहीं, लेकिन यात्रियों की संख्या सामान्य से काफी कम रही।

मजदूर और कर्मचारी भी रहे हड़ताल पर

हड़ताल के समर्थन में बागान कर्मचारी और दिहाड़ी मजदूर भी काम से दूर रहे।

क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग चाय बागानों और अन्य दैनिक मजदूरी के काम से जुड़े हैं। उनके हड़ताल में शामिल होने से सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ।

स्कूल-कॉलेज खुले लेकिन कम रही उपस्थिति

प्रशासन की ओर से स्कूल और कॉलेज खुले रखे गए थे, लेकिन अभिभावकों ने सुरक्षा कारणों से बच्चों को स्कूल भेजने से परहेज किया।

इसके चलते शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों की उपस्थिति काफी कम रही।

अभिभावकों का कहना था कि जब तक क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर भरोसा नहीं बनता, तब तक वे बच्चों को भेजने में हिचकिचाएंगे।

जरूरी सेवाएं रहीं जारी

हड़ताल के दौरान मेडिकल दुकानें और पेट्रोल पंप खुले रहे।

आवश्यक सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया, ताकि आम लोगों को जरूरी सुविधाओं के लिए परेशानी न हो।

केंद्र और राज्य सरकार के कार्यालय भी खुले रहे, लेकिन कर्मचारियों की उपस्थिति कम दर्ज की गई।

शांतिपूर्ण रहा बंद

प्रशासन के अनुसार, हड़ताल के दौरान कहीं भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

पुलिस और प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में निगरानी बनाए रखी ताकि कानून व्यवस्था की स्थिति सामान्य बनी रहे।

स्थानीय अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी।

लोगों में बनी हुई है नाराजगी

हालांकि हड़ताल समाप्त हो गई है, लेकिन स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता अभी भी बनी हुई है।

लोगों का कहना है कि जंगली जानवरों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है और इसके स्थायी समाधान की जरूरत है।

साथ ही, ओवली हत्या मामले में आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर भी लोग जल्द कार्रवाई चाहते हैं।

प्रशासन के अगले कदम पर नजर

अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है।

स्थानीय संगठनों और लोगों ने उम्मीद जताई है कि सरकार और वन विभाग उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेंगे और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी।

गुडालुर क्षेत्र में यह हड़ताल एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष और ग्रामीण सुरक्षा के मुद्दे को सामने ले आई है।

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