
Kerala केरल: वायनाड जिले में अनाक्कमपोयिल-मेप्पाडी सुरंग परियोजना स्थल पर हुए भूस्खलन के बाद लापता एकमात्र व्यक्ति की तलाश के लिए रविवार को भी बड़े स्तर पर खोज अभियान जारी रहा। घटना के छठे दिन कई सरकारी एजेंसियां और स्वयंसेवी संगठन मिलकर लापता व्यक्ति विक्रम को खोजने में जुटे हुए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, 7 जुलाई को कल्लाडी क्षेत्र में सुरंग परियोजना स्थल पर हुए भूस्खलन में सात लोगों की मौत हो गई थी, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है। लापता व्यक्ति की पहचान विक्रम के रूप में हुई है।
कई एजेंसियां चला रही हैं संयुक्त अभियान
लापता विक्रम की तलाश के लिए बचाव अभियान में कई विभागों की टीमें शामिल हैं। स्थानीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन दल, बचाव कर्मी और स्वयंसेवी समूह मिलकर मलबे में खोज अभियान चला रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि लगातार कठिन परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल पूरी कोशिश कर रहे हैं। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में भारी मात्रा में मलबा जमा होने के कारण खोज अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
7 जुलाई को हुआ था भूस्खलन
यह हादसा वायनाड और कोझिकोड जिलों को जोड़ने वाली अनाक्कमपोयिल-मेप्पाडी सुरंग परियोजना के निर्माण स्थल पर हुआ था।
भूस्खलन के कारण अचानक बड़ी मात्रा में मिट्टी और चट्टानें नीचे आ गईं, जिससे वहां मौजूद कई लोग इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।
इस हादसे में सात लोगों की जान चली गई, जबकि विक्रम का अब तक कोई पता नहीं चल सका है।
मलबे और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से चुनौती
बचाव दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती घटनास्थल की भौगोलिक स्थिति और भारी मलबा है। बारिश और पहाड़ी इलाके के कारण अभियान को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
टीमें सावधानीपूर्वक मलबे को हटाकर संभावित स्थानों पर तलाश कर रही हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञों की निगरानी में अभियान चलाया जा रहा है।
परिवार को विक्रम के मिलने की उम्मीद
लापता विक्रम के परिवार को अभी भी उसके सुरक्षित मिलने की उम्मीद है। परिजनों ने प्रशासन से खोज अभियान तेज करने की अपील की है।
प्रशासन ने परिवार को भरोसा दिलाया है कि विक्रम की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिलती।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
भूस्खलन के बाद प्रशासन ने पूरे क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी है। विशेषज्ञों की मदद से यह आकलन किया जा रहा है कि आगे किसी और भूस्खलन का खतरा तो नहीं है।
बचाव अभियान में शामिल टीमों को सुरक्षा उपकरणों के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी अतिरिक्त खतरे से बचा जा सके।
सुरंग परियोजना पर भी उठे सवाल
इस हादसे के बाद सुरंग परियोजना स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों ने कहा है कि घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
यह पता लगाया जाएगा कि भूस्खलन किन कारणों से हुआ और क्या निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था।
मृतकों के परिवारों को मदद का प्रयास
हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति प्रशासन ने संवेदना व्यक्त की है। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है।
वहीं, बचाव दलों का मुख्य ध्यान फिलहाल लापता विक्रम को खोजने पर है।
छठे दिन भी जारी है उम्मीद की तलाश
रविवार को छठे दिन भी अभियान जारी रहा। बचावकर्मी लगातार मलबे में तलाश कर रहे हैं और हर संभावित स्थान की जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि मौसम और परिस्थितियों की चुनौतियों के बावजूद अभियान को पूरी गंभीरता से चलाया जा रहा है। विक्रम की तलाश के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
फिलहाल पूरा ध्यान लापता व्यक्ति को खोजने और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में राहत कार्यों को पूरा करने पर केंद्रित है।





