केरल

मवेलिककारा में राहत शिविर तैयार, 40 परिवारों को मिला अस्थायी आश्रय

Kavita2
5 Aug 2026 3:31 PM IST
मवेलिककारा में राहत शिविर तैयार, 40 परिवारों को मिला अस्थायी आश्रय
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मवेलिककारा। केरल के मवेलिककारा ब्लॉक पंचायत क्षेत्र में जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने राहत कार्य शुरू किया है। कोचुथारा कॉलोनी क्षेत्र के करीब 40 परिवारों के लगभग 100 लोगों के रहने की व्यवस्था के लिए इरमाथुर मुस्लिम जमात दारुल उलूम मदरसा हॉल को अस्थायी राहत शिविर में बदल दिया गया है।

यह पहल मवेलिककारा ब्लॉक पंचायत सदस्य हसीना सलाम की अगुवाई में की गई। उन्होंने प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित ठिकाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मदरसा हॉल को राहत केंद्र के रूप में तैयार कराया। शिविर में रहने वाले लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

राहत शिविर में कोचुथारा कॉलोनी क्षेत्र के परिवारों को ठहराया गया है। इनमें करीब सौ लोग शामिल हैं, जिनके लिए भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का इंतजाम किया जा रहा है। स्थानीय स्वयंसेवक और जनप्रतिनिधि शिविर की व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं, ताकि यहां रह रहे लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

शिविर की गतिविधियों का संचालन ग्राम पंचायत उपाध्यक्ष पी. ए. लता, जमात अध्यक्ष रशीद और पंचायत सहायक सचिव समी के नेतृत्व में किया जा रहा है। इसके अलावा पी. वाई. बशीर, एडीएस सदस्य लैला, कुमारी, श्यामला और अनिता प्रकाश भी राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

राहत शिविर में रह रहे परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रोजमर्रा की आवश्यकताओं की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों की टीम लगातार शिविर का दौरा कर स्थिति का जायजा ले रही है और लोगों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास कर रही है।

हसीना सलाम ने बताया कि संकट की स्थिति में प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से मदरसा हॉल को अस्थायी राहत केंद्र के रूप में तैयार किया गया, जहां लोगों को रहने की सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदाय और विभिन्न संगठनों के सहयोग से शिविर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि मुश्किल समय में राहत शिविर की व्यवस्था से प्रभावित परिवारों को बड़ी सहायता मिली है। सुरक्षित स्थान मिलने से लोगों को अस्थायी रूप से राहत मिली है और वे आवश्यक सहायता मिलने तक यहां रह सकते हैं।

प्रशासन की ओर से भी राहत कार्यों पर नजर रखी जा रही है। संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर लोगों तक जरूरी सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। शिविर में रह रहे लोगों की स्वास्थ्य और अन्य जरूरतों को लेकर भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

राहत शिविरों का उद्देश्य संकटग्रस्त परिवारों को अस्थायी सुरक्षा और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना होता है। स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी से ऐसे प्रयास अधिक प्रभावी हो जाते हैं।

फिलहाल इरमाथुर मुस्लिम जमात दारुल उलूम मदरसा हॉल में बनाए गए राहत शिविर में परिवारों के लिए व्यवस्थाएं जारी हैं। स्थानीय नेतृत्व और स्वयंसेवकों की टीम लगातार लोगों की सहायता में जुटी हुई है।

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