केरल

कोर्ट-पेरुमट्टम मार्ग पर गड्ढे, हादसे का खतरा

Kavita2
9 Aug 2026 3:40 PM IST
कोर्ट-पेरुमट्टम मार्ग पर गड्ढे, हादसे का खतरा
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इडुक्की। कोर्ट जंक्शन से पेरुमट्टम और आगे मुट्टम तक जाने वाले स्टेट हाईवे की बदहाल स्थिति ने वाहन चालकों और स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सड़क की स्थिति ऐसी हो गई है कि एक ओर इसे सड़क कहा जा सकता है, तो दूसरी ओर इसकी हालत देखकर सवाल उठता है कि आखिर यहां सड़क बची भी है या नहीं। कई हिस्सों में सड़क की चौड़ाई इतनी कम हो गई है कि वाहन चालकों को सावधानी से गुजरना पड़ता है।

पेरुमट्टम से मुट्टम तक का मार्ग जलजीवन परियोजना के लिए खोदा गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस काम को शुरू हुए चार साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन सड़क का पुनर्निर्माण अब तक पूरी तरह पूरा नहीं हो सका है। सड़क का केवल एक हिस्सा ही दोबारा पक्का किया गया है, जबकि बाकी हिस्से में जगह-जगह बड़े गड्ढे बने हुए हैं।

आधी सड़क ही हुई पक्की

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क को दोबारा पक्का करने का काम शुरू तो हुआ, लेकिन यह काम पूरी तरह नहीं हो पाया। वर्तमान में पक्की सड़क का हिस्सा एमवीआईपी कार्यालय के सामने स्थित मलंकरा डैम गेट तक ही पहुंचा है। इसके आगे सड़क कई जगह टूट चुकी है और गड्ढों से भरी हुई है।

इस स्थिति में वाहन चालकों को विशेष रूप से रात और बारिश के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर बने गड्ढों में पानी भर जाने के कारण उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति और अधिक जोखिम भरी हो जाती है।

केबल बिछाने के लिए फिर खोदी जा रही सड़क

एक तरफ लंबे समय से सड़क का पुनर्निर्माण पूरा नहीं हुआ है, वहीं दूसरी ओर केएसईबी की ओर से केबल बिछाने के लिए सड़क के पक्के हिस्से को भी जगह-जगह खोदा जा रहा है। इससे पहले से सीमित सड़क की उपलब्ध चौड़ाई और कम हो गई है।

बड़े-बड़े गड्ढे खोदने के बाद निकली मिट्टी को सड़क के किनारे या सड़क पर ही छोड़ दिया गया है। इससे वाहनों के गुजरने के लिए जगह कम हो गई है। कई स्थानों पर वाहन चालकों को सामने से आने वाले वाहनों को रास्ता देने के लिए काफी सावधानी बरतनी पड़ रही है।

सड़क पर जमा मिट्टी से बढ़ा खतरा

केबल बिछाने के लिए की गई खुदाई के बाद निकली मिट्टी कई जगह सड़क पर जमा है। बारिश होने पर यही मिट्टी कीचड़ में बदल जाती है और सड़क पर फिसलन बढ़ जाती है। इससे वाहन चालकों के लिए नियंत्रण बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क की मौजूदा स्थिति में छोटे वाहनों और दोपहिया चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है। भारी वाहन गुजरने के दौरान सड़क पर जगह और कम हो जाती है, जिससे जाम जैसी स्थिति भी बन सकती है।

ऊराकुन्न पल्ली जंक्शन पर कीचड़ की समस्या

ऊराकुन्न पल्ली जंक्शन के पास सड़क के बीचों-बीच जमा कीचड़ भी लोगों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बना हुआ है। बारिश के बाद यहां स्थिति और खराब हो जाती है। कीचड़ के कारण वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत और खुदाई के बाद उचित तरीके से मिट्टी हटाने तथा सड़क को समतल करने की व्यवस्था होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं होने से समस्या लगातार बनी हुई है।

गड्ढे में गिरकर पैदल यात्री घायल

सड़क की बदहाली का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं है। हाल ही में इसी इलाके में एक पैदल यात्री गड्ढे में गिरकर घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, 7th माइलर निवासी बीजू सड़क से गुजर रहे थे, तभी वह गड्ढे में गिर गए और उन्हें चोट लग गई।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क की सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव को लेकर चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की स्थिति नहीं सुधारी गई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

चार साल से अधूरा है काम

जलजीवन परियोजना के लिए सड़क की खुदाई किए जाने के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि परियोजना का काम पूरा होने के साथ सड़क को भी जल्द दोबारा बनाया जाएगा। लेकिन चार साल से अधिक समय गुजरने के बावजूद सड़क का पुनर्निर्माण पूरा नहीं हुआ है।

लोगों का कहना है कि सड़क का उपयोग रोजाना बड़ी संख्या में लोग करते हैं। यह मार्ग स्थानीय आबादी के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों को जोड़ने के लिए भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में लंबे समय तक सड़क की खराब स्थिति बनी रहना गंभीर समस्या है।

बारिश में और बिगड़ती है हालत

मानसून के दौरान सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है। गड्ढों में पानी भरने के साथ सड़क पर कीचड़ फैल जाता है। इससे दोपहिया वाहन चालकों के लिए जोखिम बढ़ जाता है। रात के समय रोशनी कम होने पर गड्ढे दिखाई नहीं देने से दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग सड़क के पुनर्निर्माण का काम जल्द पूरा करें और केबल बिछाने के बाद खोदे गए हिस्सों को भी तत्काल ठीक कराया जाए।

स्थायी समाधान की मांग

लोगों का कहना है कि अलग-अलग विभागों द्वारा सड़क खोदने के बाद उसकी मरम्मत में देरी होने से समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। यदि एक विभाग सड़क बनाता है और दूसरा विभाग कुछ समय बाद उसे फिर खोद देता है, तो इससे सार्वजनिक धन और समय दोनों की बर्बादी होती है।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सड़क से जुड़े सभी कार्यों में विभागों के बीच समन्वय बनाया जाए। साथ ही गड्ढों को भरकर सड़क को यातायात के लिए सुरक्षित बनाया जाए।

कोर्ट जंक्शन से पेरुमट्टम और मुट्टम तक सड़क की मौजूदा स्थिति अब केवल असुविधा का विषय नहीं रह गई है, बल्कि यह सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती बनती जा रही है। गड्ढों, कीचड़, अधूरे पुनर्निर्माण और लगातार हो रही खुदाई के कारण सड़क पर दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द कार्रवाई कर सड़क को पूरी तरह दुरुस्त करेंगे।

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