
Kerala केरल: सरकार ने पलक्कड़ सरकारी मेडिकल कॉलेज को एक पूर्ण विकसित सुपर स्पेशियलिटी ट्रीटमेंट सेंटर में बदलने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की बात कही है। सरकार के अनुसार इस परियोजना को पूरा करने के लिए लगभग 550 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। यह जानकारी विधानसभा में मंत्री के.ए. तुलसी ने विधायक रमेश पिशारोडी के सवाल के जवाब में दी।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य पलक्कड़ मेडिकल कॉलेज को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस एक प्रमुख चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित करना है। इसके लिए एक विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें मौजूदा कमियों को दूर करने और सुपर स्पेशियलिटी यूनिट्स को स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पलक्कड़ सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना वर्ष 2012 में की गई थी और तब से यह क्षेत्र के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र के रूप में काम कर रहा है। वर्तमान में यहां आउट पेशेंट (OP) विभाग में प्रतिदिन लगभग एक हजार से अधिक मरीज उपचार के लिए आते हैं। यह संख्या इस अस्पताल की बढ़ती आवश्यकता और क्षेत्र में इसकी अहमियत को दर्शाती है।
हालांकि, अस्पताल में बुनियादी ढांचे की कमी और सुपर स्पेशियलिटी विभागों के पूरी तरह से विकसित न होने के कारण मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अन्य शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है। कई मरीजों को कोयंबटूर, त्रिशूर और कोझिकोड जैसे मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में रेफर किया जाता है, जिससे मरीजों और उनके परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक और मानसिक बोझ पड़ता है।
सरकार ने स्वीकार किया है कि मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसी कारण अस्पताल को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना बनाई गई है, ताकि स्थानीय स्तर पर ही उच्च गुणवत्ता वाला इलाज उपलब्ध कराया जा सके।
मंत्री के.ए. तुलसी ने विधानसभा में यह भी बताया कि मार्च 2024 से अस्पताल में इनपेशेंट (IP) उपचार सेवाएं शुरू कर दी गई हैं, जो एक महत्वपूर्ण प्रगति है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अभी तक अस्पताल के कई ब्लॉकों का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है, जिससे संपूर्ण सेवाएं सुचारू रूप से संचालित करने में बाधा आ रही है।
सरकार का कहना है कि निर्माण कार्य में तेजी लाने और लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, परियोजना के लिए वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था और चरणबद्ध विकास योजना पर काम किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना पूरी हो जाती है, तो पलक्कड़ और आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी, बल्कि अन्य बड़े शहरों पर मरीजों की निर्भरता भी कम होगी।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं के विकास से मेडिकल कॉलेज की क्षमता और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा, जिससे यह संस्थान राज्य के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों में शामिल हो सकता है।
सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे एक्शन प्लान में अस्पताल के विस्तार, आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति और नए विभागों की स्थापना जैसे पहलुओं को शामिल किए जाने की संभावना है।
फिलहाल पलक्कड़ मेडिकल कॉलेज विकास के एक महत्वपूर्ण चरण में है, जहां से इसके भविष्य की दिशा तय होगी। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में यह संस्थान केरल के सबसे आधुनिक मेडिकल कॉलेजों में से एक बन सकता है।
कुल मिलाकर, 550 करोड़ रुपये की इस प्रस्तावित योजना को राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ा निवेश माना जा रहा है, जो न केवल चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करेगा बल्कि क्षेत्रीय स्वास्थ्य ढांचे को भी नई मजबूती देगा।





