केरल

ओणम की खरीदारी से कायमकुलम में ट्रैफिक जाम, ऑटोमैटिक सिग्नल बंद कर मैनुअल व्यवस्था की मांग

Kavita2
21 Aug 2026 3:31 PM IST
ओणम की खरीदारी से कायमकुलम में ट्रैफिक जाम, ऑटोमैटिक सिग्नल बंद कर मैनुअल व्यवस्था की मांग
x

कायमकुलम। ओणम बाजार और त्योहारों के चलते कायमकुलम शहर में वाहनों की संख्या अचानक बढ़ गई है। इसका असर शहर की यातायात व्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है। केपी रोड (KP Road) पर लगातार वाहनों की आवाजाही बढ़ने से कई हिस्सों में भारी जाम की स्थिति बन रही है। यात्रियों और व्यापारियों का कहना है कि त्योहार के सीजन में बढ़े यातायात को मौजूदा ऑटोमैटिक ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था संभाल नहीं पा रही है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, शहर में भीड़भाड़ के समय सामान्य दिनों की तुलना में करीब चार गुना अधिक वाहन पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद यातायात को नियंत्रित करने के लिए सिग्नल का संचालन उसी सामान्य व्यवस्था के अनुसार किया जा रहा है। नतीजा यह है कि थोड़ी देर के लिए लाल सिग्नल होने पर भी वाहनों की लंबी कतार लग जाती है और जाम लगातार बढ़ता जाता है।

पुलिस स्टेशन के सामने सिग्नल बना परेशानी

शहर में पुलिस स्टेशन के सामने लगाया गया ऑटोमैटिक ट्रैफिक सिग्नल इस समय यातायात व्यवस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यात्रियों और व्यापारियों का आरोप है कि मौजूदा परिस्थितियों में यह सिग्नल यातायात के दबाव के अनुरूप काम नहीं कर रहा है।

जैसे ही सिग्नल लाल होता है, वाहनों की कतार केएसआरटीसी जंक्शन से रेलवे स्टेशन जंक्शन तक पहुंच जाती है। कुछ ही देर में सड़क पर वाहनों की संख्या इतनी बढ़ जाती है कि यातायात की रफ्तार बेहद धीमी हो जाती है।

लोगों का कहना है कि वाहन चालकों को कुछ दूरी तय करने में भी काफी समय लग रहा है। कई बार वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ते हैं और कुछ समय बाद यातायात पूरी तरह ठहर जाता है।

त्योहार के कारण चार गुना बढ़ा यातायात

ओणम के मौके पर शहर के बाजारों में खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। आसपास के क्षेत्रों से भी लोग सामान खरीदने और अन्य जरूरतों के लिए कायमकुलम आ रहे हैं। इसके कारण मुख्य सड़कों पर वाहनों का दबाव सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ गया है।

व्यापारियों के लिए त्योहार का समय कारोबार की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, लेकिन लगातार लग रहे जाम से उन्हें भी परेशानी हो रही है। दुकानों के सामने वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने के साथ ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में भी दिक्कत हो रही है।

स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि यदि यातायात व्यवस्था को तत्काल बेहतर नहीं किया गया तो त्योहार के दौरान स्थिति और खराब हो सकती है।

लाल सिग्नल होते ही लंबी कतार

स्थानीय लोगों के अनुसार, मौजूदा व्यवस्था में सबसे बड़ी समस्या सिग्नल के लाल होने के बाद सामने आती है। वाहनों की संख्या पहले से अधिक होने के कारण कुछ ही मिनट में लंबी कतार बन जाती है।

केएसआरटीसी जंक्शन से रेलवे स्टेशन जंक्शन तक सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लगने से आसपास के संपर्क मार्ग भी प्रभावित होते हैं। जाम बढ़ने के बाद दूसरे रास्तों से आने वाले वाहन भी प्रभावित क्षेत्र में फंस जाते हैं।

यात्रियों का कहना है कि त्योहार के दौरान यातायात को सामान्य दिनों की तरह स्वचालित सिग्नल पर छोड़ना व्यावहारिक नहीं है। सड़क पर वास्तविक स्थिति को देखते हुए यातायात को नियंत्रित करने की जरूरत है।

मैनुअल ट्रैफिक व्यवस्था की मांग

इस समस्या से राहत के लिए स्थानीय लोगों और नियमित यात्रियों ने पुलिस स्टेशन के सामने लगे ऑटोमैटिक सिग्नल को कुछ समय के लिए बंद करने की मांग की है। उनका सुझाव है कि ओणम के दौरान जब तक यातायात का दबाव सामान्य नहीं हो जाता, तब तक सिग्नल के बजाय पुलिसकर्मियों या होम गार्ड की प्रत्यक्ष निगरानी में यातायात संचालित किया जाए।

लोगों का कहना है कि सड़क पर तैनात पुलिसकर्मी मौके की स्थिति के अनुसार किसी दिशा से आने वाले वाहनों को प्राथमिकता दे सकते हैं। जिस दिशा में अधिक भीड़ हो, वहां कुछ समय के लिए यातायात को लगातार आगे बढ़ाया जा सकता है।

आपातकालीन बदलाव की मांग

स्थानीय निवासियों का कहना है कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए यातायात व्यवस्था में तत्काल और अस्थायी बदलाव जरूरी है। उनका सुझाव है कि त्योहार के दौरान सुबह और शाम के व्यस्त समय में विशेष यातायात प्रबंधन लागू किया जाए।

पुलिस और होम गार्ड की अतिरिक्त तैनाती के साथ प्रमुख जंक्शनों पर मैनुअल नियंत्रण रखा जा सकता है। इससे सिग्नल के कारण अनावश्यक रूप से वाहनों की लंबी कतार बनने से रोका जा सकेगा।

लोगों की मांग है कि संबंधित अधिकारी ओणम त्योहार समाप्त होने से पहले ही मौजूदा सिग्नल व्यवस्था में आवश्यक आपातकालीन बदलाव करने की तैयारी करें।

कारोबार और यात्रियों पर असर

लगातार जाम का सीधा असर व्यापारियों और आम यात्रियों पर पड़ रहा है। बाजार जाने वाले लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लग रहा है। वहीं, सार्वजनिक परिवहन और निजी वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है।

व्यापारियों का कहना है कि ओणम के दौरान बाजार में खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में ग्राहक आते हैं। यदि यातायात व्यवस्था ठीक नहीं हुई तो लोगों को बाजार आने से पहले कई बार सोचना पड़ेगा।

समाधान की ओर नजर

कायमकुलम में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर है। लोगों का मानना है कि ऑटोमैटिक सिग्नल व्यवस्था सामान्य दिनों में उपयोगी हो सकती है, लेकिन त्योहार के दौरान असामान्य रूप से बढ़े यातायात को संभालने के लिए मैनुअल नियंत्रण अधिक प्रभावी हो सकता है।

ओणम बाजार के चलते कायमकुलम में यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। केपी रोड पर जाम और वाहनों की लंबी कतारों ने यात्रियों व व्यापारियों की परेशानी बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों ने त्योहार तक ऑटोमैटिक सिग्नल व्यवस्था में अस्थायी बदलाव कर पुलिस या होम गार्ड की निगरानी में यातायात संचालित करने की मांग की है। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी त्योहार की भीड़ को देखते हुए क्या त्वरित कदम उठाते हैं।

Next Story