
Kerala केरल: कुंथिपुझा नदी पर बने एनानिमंगलम अम्बालमकुन्नू सस्पेंशन ब्रिज की हालत इतनी खराब हो गई है कि उस पर सफर करना अब यात्रियों के लिए चिंता का विषय बन गया है। यह ब्रिज कुमारमपुथुर और थेनकारा पंचायतों को जोड़ता है और स्थानीय लोगों के लिए दैनिक आवागमन का अहम मार्ग है।
स्थानीय अधिकारियों और ब्रिज उपयोगकर्ताओं ने बताया कि सस्पेंशन ब्रिज के वाइब्रेशन को नियंत्रित करने वाले दोनों शॉक एब्जॉर्बर अब पूरी तरह से खराब हो चुके हैं। ब्रिज के एक हिस्से में शॉक एब्जॉर्बर को काटकर अलग कर दिया गया है। इसके कारण ब्रिज सामान्य से कहीं ज्यादा हिल रहा है और यहां से गुजरने वाले लोग डर का अनुभव कर रहे हैं।
ब्रिज की कई हिस्सों में जंग लग गई है। इसके साथ ही, शीट ढीली हो चुकी हैं और रेलिंग का एक हिस्सा पूरी तरह अलग हो गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब एक ही समय में पांच से अधिक लोग ब्रिज पर चलते हैं, तो इसकी हिलने की गति बढ़ जाती है, जिससे सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद खतरनाक स्थिति पैदा कर देता है। स्थानीय लोगों ने कहा कि ब्रिज पर चलना अब जोखिम भरा हो गया है और लोगों में डर और घबराहट बढ़ गई है।
स्थानीय पंचायत प्रशासन ने भी ब्रिज की स्थिति को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि शॉक एब्जॉर्बर और अन्य कमजोर हिस्सों की मरम्मत की आवश्यकता है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। हालांकि, फिलहाल मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ है और ब्रिज की सुरक्षा को लेकर कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है।
ब्रिज पर आने-जाने वाले लोग बताते हैं कि इस मार्ग पर आम आदमी और विद्यार्थी दोनों निर्भर हैं। छात्रों और दैनिक यात्रियों के लिए यह मुख्य मार्ग है। शॉक एब्जॉर्बर की खराबी और ढीली रेलिंग के कारण लोग अक्सर ब्रिज पर चलते समय डर महसूस करते हैं और कई बार लोग इसे पार करने से बचते हैं।
स्थानीय इंजीनियरों ने बताया कि सस्पेंशन ब्रिज के शॉक एब्जॉर्बर वाइब्रेशन को नियंत्रित करने के लिए डिजाइन किए जाते हैं। इनकी खराबी से ब्रिज पर सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है। इसके अलावा, जंग और ढीली शीट ब्रिज की संरचनात्मक मजबूती को प्रभावित कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द ही मरम्मत और सुधार कार्य शुरू नहीं हुआ, तो गंभीर हादसे की संभावना बढ़ सकती है।
स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि ब्रिज की हालत पर तुरंत ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा के समय लोगों की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए और अस्थायी उपायों के बजाय स्थायी मरम्मत की आवश्यकता है।





