
Kerala केरल: केरल पुलिस ने एक असाधारण मामले में 40 साल पुराने हत्या के केस की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। यह मामला एक तरह से “रिवर्स जांच” के रूप में सामने आया है, जिसमें आरोपी के कबूलनामे के आधार पर मृत व्यक्ति की पहचान का पता लगाया गया।
जानकारी के अनुसार मलप्पुरम के वेंगारा निवासी 55 वर्षीय मुहम्मद अली ने पिछले वर्ष पुलिस के सामने दो पुरानी हत्याओं का कबूलनामा दिया था। उसने स्वीकार किया कि उसने 1986 और 1989 में दो अलग-अलग घटनाओं में हत्या की थी। ये घटनाएं कोझिकोड के उपनगरीय इलाके कुदरंजी और कोझिकोड समुद्र तट के पास हुई थीं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, लंबे समय तक यह दोनों मामले अनसुलझे रहे थे और मृतकों की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी थी। लेकिन आरोपी के बयान के बाद जांच को नई दिशा मिली, जिसके आधार पर पुराने रिकॉर्ड और साक्ष्यों की दोबारा जांच शुरू की गई।
जांच टीम ने बताया कि आरोपी के कबूलनामे के बाद तकनीकी और दस्तावेजी विश्लेषण के जरिए घटनास्थलों और पुराने केस रिकॉर्ड को मिलाया गया। इसके बाद संबंधित मृत व्यक्तियों की पहचान की पुष्टि की प्रक्रिया शुरू हुई।
पुलिस का कहना है कि यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें दशकों पुराने अपराध की कड़ी को जोड़ने में आरोपी का बयान निर्णायक साबित हुआ। आमतौर पर ऐसे पुराने मामलों में गवाहों की कमी और सबूतों के नष्ट हो जाने के कारण जांच ठप पड़ जाती है, लेकिन इस केस में आरोपी की स्वीकारोक्ति ने जांच को नई दिशा दी।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी मुहम्मद अली से आगे पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इन घटनाओं में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उस समय पुलिस जांच में क्या खामियां रह गई थीं।
पुलिस ने यह भी कहा कि पुराने मामलों को दोबारा खोलने की यह प्रक्रिया अन्य अनसुलझे मामलों के लिए भी मददगार साबित हो सकती है। डिजिटल रिकॉर्ड और फॉरेंसिक तकनीक की मदद से अब दशकों पुराने अपराधों की कड़ियां जोड़ना संभव हो रहा है।
इस मामले ने पुलिस जांच प्रणाली में “रिवर्स इन्वेस्टिगेशन” की उपयोगिता को भी उजागर किया है, जहां अपराधी के बयान से पुराने अनसुलझे मामलों की परतें खुलती हैं।
फिलहाल पुलिस ने दोनों हत्या मामलों की फाइलों को दोबारा सक्रिय कर दिया है और संबंधित दस्तावेजों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।





