
कन्नूर (केरल): कोट्टियूर पंचायत के पलचूरम क्षेत्र में आंगनवाड़ी नंबर 15 भवन की कमी के कारण लंबे समय से परेशानियों का सामना कर रही है। भवन नहीं होने से पलचूरम उन्नति क्षेत्र के बच्चों की पढ़ाई, पोषण और दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
आंगनवाड़ी केंद्र की पुरानी इमारत जर्जर होने के कारण करीब दो साल पहले उसे तोड़ दिया गया था। इसके बाद बच्चों की सुविधा के लिए आंगनवाड़ी का संचालन अस्थायी रूप से दूसरी इमारत में स्थानांतरित कर दिया गया। लेकिन लंबे समय बाद भी नई बिल्डिंग का निर्माण पूरा नहीं हो सका है, जिससे बच्चों और कर्मचारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
पुरानी इमारत टूटने के बाद बढ़ी परेशानी
जानकारी के अनुसार, आंगनवाड़ी नंबर 15 की पुरानी इमारत काफी समय से खराब स्थिति में थी। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने भवन को हटाने का फैसला लिया था।
भवन टूटने के बाद उम्मीद थी कि जल्द ही नई इमारत का निर्माण शुरू होगा और बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। हालांकि, निर्माण कार्य में देरी के कारण अभी भी आंगनवाड़ी अस्थायी व्यवस्था के सहारे चल रही है।
नई बिल्डिंग के लिए जारी हुए 29 लाख रुपये
आंगनवाड़ी की नई इमारत के निर्माण के लिए 29 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। करीब एक साल पहले नई बिल्डिंग का शिलान्यास भी किया गया था।
स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि शिलान्यास के बाद जल्द ही निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा, लेकिन अब तक भवन तैयार नहीं हो पाया है। इससे बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं पर असर पड़ रहा है।
बच्चों की पढ़ाई और पोषण व्यवस्था प्रभावित
आंगनवाड़ी केंद्र छोटे बच्चों की शुरुआती शिक्षा और पोषण व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। यहां बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा के साथ-साथ भोजन और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं भी दी जाती हैं।
लेकिन वर्तमान में पर्याप्त जगह और सुविधाओं की कमी के कारण बच्चों को पढ़ाने और अन्य गतिविधियों को संचालित करने में कर्मचारियों को परेशानी हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटे बच्चों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण जरूरी है, लेकिन भवन के अभाव में यह उद्देश्य पूरी तरह पूरा नहीं हो पा रहा है।
अभिभावकों में चिंता
बच्चों के अभिभावकों ने भी आंगनवाड़ी भवन निर्माण में हो रही देरी पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि लंबे समय से अस्थायी व्यवस्था में काम चलाया जा रहा है, जिससे बच्चों को परेशानी हो रही है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और जल्द से जल्द नई इमारत तैयार कर बच्चों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
स्थानीय प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग
स्थानीय निवासियों और पंचायत क्षेत्र के लोगों ने संबंधित विभाग से इस मामले में जल्द हस्तक्षेप करने की अपील की है। उनका कहना है कि आंगनवाड़ी भवन का निर्माण केवल एक इमारत तैयार करने का मामला नहीं है, बल्कि बच्चों के भविष्य और उनकी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ा मुद्दा है।
लोगों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन जल्द ही निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए जरूरी कदम उठाएगा।
बच्चों के हित में जरूरी है स्थायी समाधान
आंगनवाड़ी केंद्र ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों के विकास का अहम केंद्र होते हैं। ऐसे में भवन की कमी जैसी समस्या का जल्द समाधान जरूरी है।
पलचूरम उन्नति क्षेत्र के बच्चों को बेहतर माहौल देने के लिए नई बिल्डिंग का निर्माण समय पर पूरा होना आवश्यक है। अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है, ताकि बच्चों को जल्द ही अपनी स्थायी आंगनवाड़ी सुविधा मिल सके।





