
श्रीपादम्: क्षेत्र के सबसे बड़े और आधुनिक खेल परिसरों में शामिल श्रीपादम् स्टेडियम इन दिनों बदहाली का सामना कर रहा है। सुरक्षा इंतजामों और नियमित देखभाल के अभाव में स्टेडियम का कामकाज लगभग ठप पड़ गया है। खेल प्रेमियों का आरोप है कि उचित संरक्षण नहीं मिलने के कारण यह महत्वपूर्ण खेल केंद्र धीरे-धीरे अपनी पहचान खोता जा रहा है।
श्रीपादम् स्टेडियम और इससे जुड़ी सुविधाएं फिलहाल राज्य खेल परिषद के नियंत्रण में हैं। इसके बावजूद मैदान, खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों के लिए बनाई गई व्यवस्थाओं की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
देखरेख के अभाव में खराब हो रहा फुटबॉल टर्फ
स्टेडियम का फुटबॉल टर्फ, जो कभी खिलाड़ियों के अभ्यास और प्रतियोगिताओं का मुख्य केंद्र हुआ करता था, अब रखरखाव की कमी से प्रभावित हो रहा है। मैदान की नियमित देखभाल नहीं होने के कारण टर्फ की गुणवत्ता खराब हो रही है।
खेल प्रेमियों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत और संरक्षण के कदम नहीं उठाए गए, तो मैदान पूरी तरह उपयोग के लायक नहीं रह जाएगा।
मैदान में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
स्टेडियम परिसर में बने गड्ढों और अन्य असुरक्षित हिस्सों को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। आरोप है कि इन स्थानों को सुरक्षित करने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
खिलाड़ियों और बच्चों की आवाजाही वाले क्षेत्र में इस तरह की लापरवाही दुर्घटना का कारण बन सकती है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि स्टेडियम परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को जल्द दुरुस्त किया जाए।
फुटबॉल पोस्ट और नेट भी गायब
स्टेडियम की खेल सुविधाओं की हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मैदान में फुटबॉल पोस्ट और नेट तक नजर नहीं आते। इससे खिलाड़ियों के अभ्यास और खेल गतिविधियों पर असर पड़ रहा है।
स्थानीय खेल प्रेमियों का कहना है कि एक बड़े खेल केंद्र में बुनियादी सुविधाओं का इस तरह गायब होना चिंता का विषय है।
सीवेज बहने से बढ़ी परेशानी
स्टेडियम के पास मौजूद जल प्राधिकरण पर भी लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके का सीवेज स्टेडियम क्षेत्र के पास बहाया जा रहा है, जिससे परिसर का वातावरण प्रभावित हो रहा है।
गंदगी और जल निकासी की समस्या के कारण खिलाड़ियों और स्टेडियम से जुड़े लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्पोर्ट्स हॉस्टल भी बदहाल
श्रीपादम् स्टेडियम से जुड़े स्पोर्ट्स फील्ड में बने बच्चों के हॉस्टल की स्थिति भी खराब बताई जा रही है। हॉस्टल में लंबे समय से मरम्मत कार्य नहीं होने के कारण भवन जर्जर होता जा रहा है।
इसके अलावा हॉस्टल में पीने के पानी की समस्या भी सामने आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले जिन कुओं से साफ पानी मिलता था, वे अब सफाई के अभाव में इस्तेमाल के योग्य नहीं रह गए हैं।
खिलाड़ियों को सुविधाओं की कमी का सामना
हॉस्टल में रहने वाले बच्चों को लेकर भी कई शिकायतें सामने आई हैं। आरोप है कि खिलाड़ियों को कई महीनों से तय मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
खेल से जुड़े लोगों का कहना है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के साथ-साथ अच्छा भोजन, सुरक्षित आवास और जरूरी सुविधाएं मिलना जरूरी है। लेकिन मौजूदा स्थिति में खिलाड़ी कई बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
खेल प्रेमियों ने उठाई सुधार की मांग
स्थानीय खेल प्रेमियों और नागरिकों ने राज्य खेल परिषद से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि श्रीपादम् स्टेडियम केवल एक मैदान नहीं, बल्कि क्षेत्र के खिलाड़ियों के भविष्य से जुड़ा केंद्र है।
उन्होंने मांग की है कि स्टेडियम की सुरक्षा, मैदान की मरम्मत, हॉस्टल की सुविधाओं और साफ-सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर सुधारा जाए।
प्रशासन की भूमिका पर नजर
श्रीपादम् स्टेडियम की खराब होती स्थिति को लेकर अब प्रशासन और खेल परिषद की भूमिका पर नजर है। यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्र की महत्वपूर्ण खेल सुविधाएं पूरी तरह प्रभावित हो सकती हैं।
खेल प्रेमियों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए इस स्टेडियम को उपेक्षा के कारण बर्बाद नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई है कि संबंधित विभाग जल्द कार्रवाई कर स्टेडियम को फिर से बेहतर स्थिति में लाएंगे।





