
Kerala केरल: केरल में वी. डी. सतीशन के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने महिलाओं के कल्याण से जुड़े कई नए कदमों की घोषणा की है। इन प्रस्तावों में स्कूली छात्राओं के लिए मासिक धर्म के दौरान तीन दिन की छुट्टी, कार्यस्थलों पर महिलाओं को समान वेतन सुनिश्चित करना और असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं के लिए छह महीने की मातृत्व अवकाश नीति शामिल है।
सरकार का कहना है कि इन उपायों का उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाना है और कार्यस्थल पर समान अवसर सुनिश्चित करना है। इन प्रस्तावों को राज्य में महिलाओं के अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इसी बीच शुक्रवार को विधानसभा में राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर ने अपना पहला नीति भाषण दिया, जिसमें राज्य की विकास योजनाओं और भविष्य की रणनीति को प्रस्तुत किया गया। भाषण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उभरती तकनीकों पर विशेष जोर दिया गया।
राज्यपाल ने AI मिशन और केरल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी मिशन की घोषणा का उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य राज्य में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना और डिजिटल विकास को गति देना है। सरकार का मानना है कि इन पहलों से केरल को तकनीकी क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) सरकार ने भूमि सुधारों को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा है। इसके तहत केरल धान भूमि और वेटलैंड संरक्षण अधिनियम सहित राज्य के सभी मौजूदा भूमि कानूनों की समीक्षा के लिए एक आयोग गठित करने का प्रस्ताव दिया गया है।
यह आयोग भूमि उपयोग से जुड़े नियमों में सुधार, सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा, भूमि वितरण में समानता सुनिश्चित करने और औद्योगिक एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सुझाव देगा।
राज्यपाल ने अपने भाषण में कहा कि इन पहलों का उद्देश्य भूमि से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवादों को स्थायी रूप से हल करना है और राज्य के समग्र विकास को गति देना है।
कुल मिलाकर, केरल सरकार की ये घोषणाएं सामाजिक कल्याण, तकनीकी विकास और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाती हैं, जिससे राज्य के भविष्य की नीतियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।





