
Kerala केरल: केरल विधानसभा में शुक्रवार को गवर्नर के पॉलिसी एड्रेस के दौरान राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया है कि इस अवसर पर गीत को पूरा नहीं गाया गया, जिसे पार्टी ने लोकभवन का “अपमान” बताया है।
जानकारी के अनुसार, केरल विधानसभा में गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के पॉलिसी एड्रेस से पहले और बाद में बैंड द्वारा ‘वंदे मातरम’ के शुरुआती छंद ही प्रस्तुत किए गए। इसके बाद पूरे गीत का गायन नहीं हुआ।
भाजपा ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह केंद्र सरकार के निर्देशों का उल्लंघन है। पार्टी का कहना है कि जिन कार्यक्रमों में गवर्नर शामिल होते हैं, वहां राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का पूरा गायन अनिवार्य माना जाता है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता और कज़क्कुट्टम से विधायक वी. मुरलीधरन ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नियमों के अनुसार ऐसे अवसरों पर राष्ट्रीय गीत को पूर्ण रूप से प्रस्तुत किया जाना चाहिए था, लेकिन केरल विधानसभा में इसका पालन नहीं किया गया।
उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि यह केवल एक औपचारिकता का उल्लंघन नहीं है, बल्कि संवैधानिक और परंपरागत प्रोटोकॉल से जुड़ा मुद्दा भी है। भाजपा नेताओं का कहना है कि इस तरह की घटनाएं सरकारी संस्थानों की गरिमा पर सवाल खड़े करती हैं।
वहीं, इस मामले पर विधानसभा या राज्य सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर बहस तेज होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय प्रतीकों और गीतों के प्रयोग को लेकर संवेदनशीलता बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि ये मुद्दे अक्सर राजनीतिक विवाद का रूप ले लेते हैं और विभिन्न दलों के बीच टकराव बढ़ा सकते हैं।
कुल मिलाकर, केरल विधानसभा में ‘वंदे मातरम’ के आंशिक गायन को लेकर उठे इस विवाद ने राज्य की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है, जिसमें भाजपा ने इसे गंभीर प्रोटोकॉल उल्लंघन बताया है, जबकि आगे इस पर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।





