
Kerala केरल: केरल के कासरगोड जिले के जन-प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री और राज्य मंत्रियों से मुलाकात कर जिले के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की और एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस दौरान प्रतिनिधियों ने जिले की बढ़ती सामाजिक और आर्थिक जरूरतों को देखते हुए विशेष विकास सहायता पैकेज की मांग की।
प्रतिनिधियों ने सरकार से आग्रह किया कि कासरगोड विकास पैकेज के लिए 100 करोड़ रुपये का विशेष आवंटन किया जाए, ताकि क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को गति दी जा सके। उनका कहना था कि जिले में लंबे समय से विकास कार्य अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाए हैं, जिसके कारण कई क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है।
इस अवसर पर जन-प्रतिनिधियों ने बताया कि केरल सरकार पहले ही जिले के पिछड़ेपन को दूर करने के उद्देश्य से प्रभाकरन आयोग की सिफारिशों के आधार पर कासरगोड के लिए एक विशेष विकास पैकेज की घोषणा कर चुकी है। अब आवश्यकता इस बात की है कि इस पैकेज को पर्याप्त वित्तीय सहायता के साथ प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि प्रस्तावित 100 करोड़ रुपये का आवंटन किया जाता है, तो इससे सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और रोजगार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में तेजी से विकास संभव होगा। उन्होंने यह भी कहा कि कासरगोड जैसे सीमावर्ती जिले में विकास कार्यों की गति बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यहां की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियां अलग प्रकार की चुनौतियां प्रस्तुत करती हैं।
मुलाकात के दौरान स्थानीय स्व-शासन मंत्री को कुरावु जिला पंचायत की कार्य-योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी स्थिति की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि यह कार्य-योजना स्थानीय स्व-शासन संस्थाओं की वित्तीय सीमाओं और CSR (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड में कमी के कारण तैयार की गई थी।
प्रतिनिधियों ने मंत्री को अवगत कराया कि सीमित संसाधनों के बावजूद जिला पंचायत ने विकास कार्यों की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए एक व्यावहारिक कार्य योजना तैयार की है, लेकिन इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता की आवश्यकता है।
स्थानीय स्व-शासन विभाग के अधिकारियों ने भी इस बात पर सहमति जताई कि क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए पर्याप्त बजट और सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि कासरगोड जैसे जिलों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
प्रतिनिधियों का कहना है कि जिले में कई क्षेत्रों में अभी भी सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सुविधाएं और स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सेवाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं। इसके कारण आम लोगों को दैनिक जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने यह भी कहा कि CSR फंड की कमी के कारण कई विकास परियोजनाएं समय पर शुरू नहीं हो पा रही हैं या अधूरी पड़ी हैं। ऐसे में राज्य सरकार का सहयोग इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
सरकार की ओर से पहले से घोषित कासरगोड विकास पैकेज को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। जन-प्रतिनिधियों ने आग्रह किया कि इस पैकेज को केवल घोषणा तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए ताकि लोगों को वास्तविक लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने प्रतिनिधियों की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि सभी प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने और पिछड़े जिलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
इस मुलाकात के बाद कासरगोड जिले में विकास कार्यों को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्रस्तावित वित्तीय सहायता और योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो जिले में विकास की गति तेज हो सकती है और बुनियादी ढांचे में सुधार देखने को मिलेगा।
फिलहाल, सभी की नजर सरकार के आगामी निर्णयों पर टिकी हुई है कि कासरगोड विकास पैकेज के लिए प्रस्तावित 100 करोड़ रुपये की मांग पर क्या अंतिम फैसला लिया जाता है और विकास योजनाओं को किस गति से आगे बढ़ाया जाता है।





