
Kerala केरल: कोट्टायम ज़िले में राष्ट्रीय जनगणना के पहले चरण के तहत चल रही ‘सेल्फ़-एन्यूमरेशन’ प्रक्रिया में कॉलेजों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। इस प्रक्रिया के तहत परिवार अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं दर्ज कर रहे हैं। कई शैक्षणिक संस्थानों में यह कार्य कैंपस स्तर पर इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब की देखरेख में संचालित किया जा रहा है।
इस अभियान के अंतर्गत परिवार का कोई भी एक सदस्य अपनी ओर से जनगणना से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन भर सकता है। इसी व्यवस्था का लाभ उठाते हुए कई स्थानों पर छात्र अपने परिवार की ओर से यह प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि इससे न केवल प्रक्रिया तेज हुई है, बल्कि डिजिटल भागीदारी को भी बढ़ावा मिला है।
सेल्फ़-एन्यूमरेशन में कुल 34 सरल प्रश्न शामिल किए गए हैं, जिनका उत्तर देना अपेक्षाकृत आसान बताया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इन सवालों के माध्यम से परिवार की मूलभूत सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय जानकारी एकत्र की जा रही है। प्रक्रिया को सरल और उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
कैंपस स्तर पर इस गतिविधि का संचालन कर रहे अतिरिक्त ज़िला जनगणना अधिकारी पी.ए. अमानथ ने बताया कि कॉलेजों में इसे एक जागरूकता कार्यक्रम की तरह आयोजित किया जा रहा है। उनका कहना है कि छात्र न केवल स्वयं भाग ले रहे हैं, बल्कि अपने परिवारों को भी इस प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं, जिससे जनगणना कार्य को गति मिल रही है।
कोट्टायम ज़िले के कई प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक चल रही है। इनमें कडुथुरुथी गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक, I.H.R.D. पुथुपल्ली, पाम्पाडी K.G. कॉलेज, चंगनासेरी S.B. कॉलेज, चंगनासेरी क्रिस्टुज्योति कॉलेज ऑफ़ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, पाला सेंट जोसेफ कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, उझावूर सेंट स्टीफंस कॉलेज, मुरिकुमवायल श्रीसबरीशा कॉलेज, कोट्टायम पथमट्टम सेंट गिट्स कॉलेज, वैकोम श्रीमहादेव कॉलेज, कडुथुरुथी कॉलेज ऑफ़ एप्लाइड साइंस, पल्लम बिशप स्पीचली कॉलेज ऑफ़ एडवांस्ड स्टडीज़, चेरपुंगल बिशप्स विल्ल मेमोरियल होली क्रॉस कॉलेज, मनारकाडु सेंट मैरीज़ कॉलेज और कान्हिरापल्ली सेंट डोमिनिक्स कॉलेज शामिल हैं।
इन संस्थानों में सेल्फ़-एन्यूमरेशन प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली गई है, जबकि अन्य कॉलेजों में यह कार्य चरणबद्ध तरीके से जारी है। अधिकारियों के अनुसार, कॉलेजों में इस तरह की भागीदारी से छात्रों में जागरूकता बढ़ रही है और वे प्रशासनिक प्रक्रियाओं को बेहतर तरीके से समझ पा रहे हैं।
शिक्षा संस्थानों में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब इस पूरी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वे छात्रों को ऑनलाइन पोर्टल के उपयोग, प्रश्नों के उत्तर देने की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी प्रदान कर रहे हैं। इससे छात्रों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने में भी मदद मिल रही है।
प्रशासन का मानना है कि इस मॉडल से जनगणना कार्य में पारदर्शिता और दक्षता दोनों बढ़ रही हैं। साथ ही, यह पहल डिजिटल इंडिया की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, क्योंकि इसमें नागरिक सीधे ऑनलाइन माध्यम से सरकारी प्रक्रिया से जुड़ रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि सेल्फ़-एन्यूमरेशन जैसी व्यवस्था से समय की बचत होती है और डेटा संग्रहण अधिक सटीक बनता है। इसके अलावा, लोगों की सक्रिय भागीदारी से जनगणना जैसे बड़े अभियान को सफल बनाने में मदद मिलती है।
फिलहाल, कोट्टायम ज़िले में यह प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है और प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में शेष संस्थानों में भी यह कार्य पूरी तरह पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही जिले में जनगणना का पहला चरण लगभग पूर्णता की ओर बढ़ रहा है।





