त्रिशूर में पुलिकली का भव्य आयोजन, रंग-बिरंगे बाघों और तेंदुओं के रूप में सड़कों पर उतरे 450 कलाकार

त्रिशूर में पुलिकली का भव्य आयोजन, रंग-बिरंगे बाघों और तेंदुओं के रूप में सड़कों पर उतरे 450 कलाकार
त्रिशूर (केरल): केरल की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले त्रिशूर में शनिवार को पारंपरिक पुलिकली उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। रंग, संगीत और नृत्य से सजी इस अनोखी लोक परंपरा ने ओणम समारोह के समापन को यादगार बना दिया।
पुलिकली के दौरान सैकड़ों कलाकारों ने अपने शरीर को बाघ और तेंदुए की तरह रंगकर शहर की सड़कों पर शानदार प्रदर्शन किया। कलाकारों के शरीर पर बनाई गई बाघ की धारियां, बड़े जानवरों के चित्र और आकर्षक मुखौटे लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे।
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— Rajput_jitpratap (@rajput7690) August 29, 2026
#WATCH | Thrissur, Keralam: The traditional 'Pulikali' tiger dance was performed at Thrissur Round to mark the conclusion of the Onam festival. pic.twitter.com/SbvwdLgRyz
— ANI (@ANI) August 29, 2026
450 कलाकारों ने लिया हिस्सा
इस साल पुलिकली उत्सव में करीब 450 कलाकारों ने हिस्सा लिया। कुल नौ टीमों ने इस आयोजन में भाग लिया, जिनमें प्रत्येक टीम में 50 से ज्यादा कलाकार बाघ के रूप में शामिल हुए। कलाकारों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर नृत्य करते हुए लोगों का मनोरंजन किया। उनके शानदार प्रदर्शन से पूरा त्रिशूर शहर एक खुले मंच में बदल गया।
पारंपरिक वेशभूषा और संगीत ने बांधा समां
शाम के समय शुरू हुए इस लोक उत्सव का उद्घाटन राज्य के युवा कल्याण और खेल मंत्री ओ जे जनीश ने स्वराज राउंड से जुलूस को हरी झंडी दिखाकर किया।
कलाकारों ने शरीर पर बाघ और तेंदुए के डिजाइन बनाए, चेहरे पर मुखौटे लगाए और कमर में घंटियों वाली पट्टियां बांधकर सड़कों पर प्रदर्शन किया। वे बाघों की चाल और हरकतों की नकल करते हुए दर्शकों के बीच पहुंचे, जिसे देखकर लोगों ने जमकर तालियां बजाईं।
बच्चों और महिलाओं ने भी बढ़ाई रौनक
पुलिकली उत्सव में हर उम्र के लोगों ने हिस्सा लिया। कई बच्चे भी बाघ की वेशभूषा में नजर आए, जबकि महिला कलाकारों की भागीदारी ने इस पारंपरिक आयोजन को और खास बना दिया। त्रिशूर की सड़कों पर हजारों लोग इस अनोखे नजारे को देखने के लिए जुटे। केरल के अलावा देश के दूसरे हिस्सों और विदेशों से भी पर्यटक इस लोक उत्सव का आनंद लेने पहुंचे।
बड़ी भीड़ को देखते हुए किए गए विशेष इंतजाम
पुलिकली आयोजन को देखते हुए त्रिशूर तालुक क्षेत्र के सभी शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी कार्यालयों में अवकाश घोषित किया गया था। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को देखते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किए थे। शहर और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए गए।
पुलिकली केरल की सदियों पुरानी लोक कला परंपराओं में से एक है, जिसमें कलाकार बाघों का रूप धारण कर नृत्य करते हैं। हर साल ओणम उत्सव के समापन पर आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम देश-विदेश के पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र रहता है।





