केरल

CMRL-एक्सालाजिक मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED की छापेमारी

Kavita2
18 Aug 2026 11:30 AM IST
CMRL-एक्सालाजिक मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED की छापेमारी
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कोच्चि। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को केरल में कई स्थानों पर नए सिरे से तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) और एक्सालाजिक सॉल्यूशंस से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई, जिसमें कोझिकोड के आठ ठिकानों को शामिल किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि यह छापेमारी मई में CMRL के खिलाफ की गई कार्रवाई का आगे का हिस्सा है। जांच एजेंसी इस मामले में वित्तीय लेनदेन, कंपनियों के बीच हुए समझौतों और कथित धन हस्तांतरण से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।

CMRL-एक्सालाजिक मामला पिछले कुछ समय से केरल की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीना विजयन की कंपनी एक्सालाजिक सॉल्यूशंस से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कंपनियों के बीच हुए भुगतान और सेवाओं से जुड़े समझौते नियमों के अनुरूप थे या नहीं।

प्रवर्तन निदेशालय की जांच मनी लॉन्ड्रिंग के संभावित मामलों पर केंद्रित है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि क्या किसी तरह की अवैध वित्तीय गतिविधि हुई या नहीं। इसके लिए कंपनियों के दस्तावेज, बैंक लेनदेन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

अधिकारियों के मुताबिक, इससे पहले मई में ED ने CMRL से जुड़े कई परिसरों पर छापेमारी की थी। उस कार्रवाई के दौरान भी जांच एजेंसी ने कई दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले थे। अब उसी जांच को आगे बढ़ाते हुए मंगलवार को नए स्थानों पर तलाशी ली गई।

मामले में वीना विजयन से भी पूछताछ की जा चुकी है। जांच एजेंसी ने उनसे कंपनी के कामकाज, वित्तीय लेनदेन और CMRL से जुड़े मामलों को लेकर जानकारी मांगी थी। हालांकि, इस मामले में संबंधित पक्षों की ओर से समय-समय पर अपने-अपने पक्ष रखे गए हैं।

ED की कार्रवाई के बाद केरल में राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर सरकार और मुख्यमंत्री परिवार पर सवाल उठाए हैं। वहीं, सत्तारूढ़ पक्ष की ओर से पहले भी कहा जाता रहा है कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं होनी चाहिए और जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए।

मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में ED आमतौर पर यह जांच करती है कि किसी लेनदेन के पीछे धन का स्रोत क्या था और क्या उसमें किसी तरह की अवैध गतिविधि शामिल थी। PMLA के तहत जांच के दौरान एजेंसी को दस्तावेजों की जांच, संपत्तियों की जानकारी जुटाने और संबंधित लोगों से पूछताछ करने का अधिकार होता है।

CMRL और एक्सालाजिक से जुड़े मामले में एजेंसी कई पहलुओं पर जांच कर रही है। इसमें कंपनियों के बीच हुए समझौते, भुगतान की प्रकृति और सेवाओं के वास्तविक स्वरूप जैसे मुद्दे शामिल हैं। जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि क्या लेनदेन में किसी नियम का उल्लंघन हुआ है।

मंगलवार की कार्रवाई के दौरान ED की टीमों ने कोझिकोड के अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की। हालांकि, तलाशी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ या कौन से महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले, इसकी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस मामले पर अब आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी। ED की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में किसी तरह की वित्तीय अनियमितता या मनी लॉन्ड्रिंग के प्रमाण मिलते हैं या नहीं।

फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई जारी है और एजेंसी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और पूछताछ या कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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