केरल

चेरथला रेलवे स्टेशन पर फ्लाईओवर की मांग अधूरी

Kavita2
26 July 2026 5:15 PM IST
चेरथला रेलवे स्टेशन पर फ्लाईओवर की मांग अधूरी
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चेरथला : केरल के चेरथला रेलवे स्टेशन पर यात्रियों और स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही फ्लाईओवर की मांग एक बार फिर चर्चा में आ गई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा स्टेशन के पास फुटपाथ निर्माण का काम शुरू किए जाने के बाद स्थानीय लोगों और जन-प्रतिनिधियों ने विरोध तेज कर दिया है। उनका आरोप है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़े मुख्य मुद्दे को नजरअंदाज कर केवल अस्थायी समाधान पर ध्यान दिया जा रहा है।

चेरथला रेलवे स्टेशन नेशनल हाईवे-66 के दूसरी ओर स्थित है। रोजाना बड़ी संख्या में यात्री इस स्टेशन का इस्तेमाल करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रतिदिन 10 हजार से अधिक यात्री यहां से ट्रेन पकड़ने या स्टेशन से बाहर निकलने के लिए आते-जाते हैं। इसके बावजूद स्टेशन तक सुरक्षित पहुंचने के लिए अब तक कोई पैदल ओवरपास या फ्लाईओवर की व्यवस्था नहीं की गई है।

फ्लाईओवर नहीं होने के कारण यात्रियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हाईवे के दूसरी ओर स्थित स्टेशन तक पहुंचने के लिए वाहन चालकों को पास के यू-टर्न का इस्तेमाल करना पड़ता है। इसके बाद स्टेशन परिसर तक पहुंचने के लिए उन्हें लगभग एक किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या खासतौर पर व्यस्त समय में गंभीर हो जाती है। सुबह और शाम के समय जब यात्रियों की संख्या अधिक होती है, तब हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाता है। इससे जाम की स्थिति पैदा होती है और सड़क पार करने वाले यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में रहती है।

स्टेशन पर आने वाले बुजुर्ग यात्रियों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। तेज रफ्तार वाहनों के बीच सड़क पार करना जोखिम भरा होता है। कई बार छोटी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

स्थानीय निवासियों और जन-प्रतिनिधियों का कहना है कि वे लंबे समय से चेरथला रेलवे स्टेशन के पास सुरक्षित पैदल मार्ग या फ्लाईओवर बनाने की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि फुटपाथ निर्माण से कुछ सुविधा मिल सकती है, लेकिन यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।

लोगों का तर्क है कि स्टेशन और राष्ट्रीय राजमार्ग के बीच सुरक्षित कनेक्टिविटी के लिए फ्लाईओवर या फुट ओवरब्रिज जरूरी है। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं और ट्रैफिक जाम की समस्या को भी कम किया जा सकेगा।

NHAI द्वारा फुटपाथ निर्माण शुरू किए जाने के बाद स्थानीय संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाए हैं कि जब क्षेत्र में लंबे समय से फ्लाईओवर की मांग की जा रही है, तो इस दिशा में ठोस कदम क्यों नहीं उठाया जा रहा है। उनका कहना है कि विकास कार्य यात्रियों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर किए जाने चाहिए।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि NHAI और रेलवे प्रशासन मिलकर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालें। उनका कहना है कि चेरथला रेलवे स्टेशन का उपयोग करने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, इसलिए भविष्य की जरूरतों को देखते हुए बेहतर यातायात व्यवस्था जरूरी है।

यात्रियों के अनुसार, स्टेशन तक पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता है और कई बार समय की कमी के कारण लोग जोखिम उठाकर हाईवे पार करने की कोशिश करते हैं। इससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।

जन-प्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए संबंधित विभागों से जल्द कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि रेलवे स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थानों पर यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

फिलहाल फुटपाथ निर्माण का काम जारी है, लेकिन फ्लाईओवर की मांग को लेकर विरोध भी बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करेगा और चेरथला रेलवे स्टेशन के लिए सुरक्षित और स्थायी संपर्क व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।

चेरथला का यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में स्थानीय जरूरतों और यात्रियों की सुरक्षा को कितना महत्व दिया जा रहा है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मांग पर क्या कदम उठाते हैं।

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