
Kerala केरल: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद सी वेणुगोपाल ने हरियाणा के एक व्यक्ति गौरव कुमार के खिलाफ अलपुझा की ज्यूडिशियल फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट कोर्ट में मानहानि की शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आने वाले केरल विधानसभा चुनाव से पहले उनके खिलाफ बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित आरोप लगाए गए, जिनका उद्देश्य उनकी सार्वजनिक छवि और साख को नुकसान पहुँचाना था।
कांग्रेस पार्टी के बयान के अनुसार, वेणुगोपाल ने बताया कि आरोप 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव से जुड़े हैं, लेकिन वे 2026 में सामने आए। उन्होंने कहा कि यह "सोची-समझी साज़िश" थी, जिसका मकसद राज्य में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों को प्रभावित करना और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) को सत्ता में आने से रोकना था।
शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए आरोपों को मीडिया और सोशल मीडिया पर फैलाया। वेणुगोपाल ने पहले ही 23 फरवरी, 2026 को राज्य के पुलिस प्रमुख को इस मामले की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि आरोपी के लीगल नोटिस का जवाब न देने और आरोप वापस न लेने के बाद भारतीय न्याय संहिता के तहत शिकायत दर्ज की गई।
इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस से जुड़े अन्य मामलों की जांच के दौरान "टिकट-फॉर-मनी" के आरोपों पर FIR दर्ज की थी। उस मामले में हरियाणा के एक व्यक्ति ने दावा किया था कि उसे अपनी पत्नी के चुनावी टिकट के लिए बड़ी रकम देने के लिए कहा गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि भुगतान बैंक ट्रांजैक्शन और कैश के जरिए किया गया। पुलिस ने बैंक रिकॉर्ड और फाइनेंशियल ट्रेल की जांच शुरू की थी।
वेणुगोपाल ने कहा कि आरोपों का मकसद उनके वर्षों के सार्वजनिक सेवा कार्यों से बनी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाना था। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मामला केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि चुनावी और राजनीतिक स्तर पर उनकी साख को प्रभावित करने के इरादे से किया गया।
पार्टी के बयान में कहा गया कि आरोपी की टाइमिंग और दावे स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि यह राजनीतिक प्रेरित आरोप थे। शिकायत में मांग की गई है कि आरोपी पर कानूनी कार्रवाई की जाए और उन आरोपों को वापस लिया जाए।
शिकायत के मुताबिक, वेणुगोपाल ने इस मामले में मानहानि का दावा करते हुए कहा कि आरोपी के कार्यों से उनके व्यक्तिगत और राजनीतिक सम्मान को गंभीर नुकसान हुआ है। उन्होंने कोर्ट से अपेक्षा जताई कि आरोपों के फैलने और प्रचारित होने के बाद उचित कानूनी कदम उठाए जाएं।
अलपुझा कोर्ट में दर्ज इस केस से पहले, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राजनीतिक आरोपों और मानहानि के मामलों को गंभीरता से लेना चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया और चुनावी निष्पक्षता सुरक्षित रहे।
यह मामला राजनीतिक आरोपों, सोशल मीडिया और चुनावी रणनीति के बीच बनती संवेदनशील परिस्थितियों को उजागर करता है, और दर्शाता है कि चुनावों के दौरान नेताओं की छवि और प्रतिष्ठा को प्रभावित करने के लिए किस तरह के आरोप लगाए जा सकते हैं।





